बरेली-मुरादाबाद और नैनीताल हाईवे पर खत्म होगा हादसों का डर, सरकार उठाने जा रही है ये सख्त कदम
रामपुर प्रशासन ने सड़क हादसों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। सीडीओ ने नैनीताल और बरेली-मुरादाबाद हाईवे के प्रमुख चौराहों पर रिफ्लेक्टर लाइटें लगान ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
सीडीओ ने बढ़ते हादसों को लेकर अधिकारियों को दिए निर्देश
जागरण संवाददाता, रामपुर। जिले में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह सतर्क हो गया है। मुख्य विकास अधिकारी गुलाब चन्द्र ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में हाईवे और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने को लेकर कई अहम फैसले लिए गए।
सड़क दुर्घटनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को ब्लैक स्पाट चिन्हित स्थानों पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए । इसके साथ ही नैनीताल और बरेली - मुरादाबाद हाईवे के प्रमुख चौराहों पर रिफ्लेक्टर लाइटें लगवाने के भी निर्देश दिए।
शुक्रवार को विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में बताया गया कि जनपद में कुल 14 ब्लैक स्पाट चिह्नित किए गए हैं, जहां सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि इन स्थानों पर सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाए, ताकि हादसों में कमी लाई जा सके।
उन्होंने विशेष रूप से मुरादाबाद एवं रुद्रपुर एनएचआइ के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जीरो प्वाइंट शहजादनगर से बिलासपुर, बरेली और मुरादाबाद की ओर जाने वाले प्रमुख चौराहों पर पर्याप्त संख्या में रिफ्लेक्टर लाइटें लगाई जाएं। उनका कहना था कि रात के समय स्पष्ट दृश्यता होने से दुर्घटनाओं की संभावना काफी कम होगी।
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बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि हाईवे पर लगाए जाने वाले फ्लेक्सी बोर्डों पर नजदीकी अस्पतालों के संपर्क नंबर अनिवार्य रूप से अंकित किए जाएंगे, ताकि दुर्घटना की स्थिति में घायल व्यक्तियों को तुरंत चिकित्सा सहायता मिल सके।
प्रधानमंत्री राहत योजना के अंतर्गत सड़क हादसों में घायल लोगों को 1.50 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पात्र घायलों को योजना का लाभ समय से मिलना सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य विकास अधिकारी ने पुलिस, एआरटीओ और स्वास्थ्य विभाग को दुर्घटनाओं की डिजिटल मॉनिटरिंग मजबूत करने के निर्देश दिए। साथ ही सीट बेल्ट और हेलमेट को लेकर विशेष अभियान चलाने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त चालान कार्रवाई करने को कहा गया।