जौहर यूनिवर्सिटी के गेट पर खुला काउंसलिंग सेंटर; 10 साल बाद आजम खान की 'कैद' से मुक्त हुई सड़क पर प्रशासन का बड़ा एक्शन
दस साल बाद आजम खान के जौहर विश्वविद्यालय की 'कैद' से मुक्त हुई सड़क पर प्रशासन ने छात्र-छात्राओं के लिए काउंसलिंग सेंटर स्थापित किया है। जिलाधिकारी के ...और पढ़ें

रामपुर स्थित जौहर विश्वविद्यालय के प्रवेश द्वार पर स्थापित काउंसिलिंग सेंटर जागरण
जौहर विश्वविद्यालय के प्रवेश द्वार पर छात्र-छात्राओं के लिए काउंसलिंग सेंटर स्थापित
जागरण संवाददाता, रामपुर। दस वर्ष बाद सपा नेता मोहम्मद आजम खान के जौहर विश्वविद्यालय की कैद से आजाद हुई मुख्य प्रवेश द्वार की सड़क पर प्रशासन ने छात्र-छात्राओं की मदद को काउंसिलिंग सेंटर स्थापित कर दिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर यहां जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. अंजलि और क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डाॅ. जागृति मदान ढींगरा को नियुक्त किया गया है।
दोनों महिला अधिकारी जौहर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के मन में चल रहे प्रश्नों के जवाब देंगी। साथ ही यदि वे किसी अन्य संस्थान में प्रवेश की बात करेंगे तो उसमें भी उनकी मदद कराएंगी।
सिंगनखेड़ा में आजम खान ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की नींव रखने के बाद उसका मुख्य द्वार लोक निर्माण विभाग की 3.5 किमी लंबी सड़क पर स्थापित कर लिया था। मई 2016 में आजम खान ने अपनी हनक की बदौलत त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत इस सड़क के चौड़ीकरण पर 13 करोड़ से अधिक का बजट खर्च किया था।
प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद वर्ष 2019 में जौहर विश्वविद्यालय में अरबों रुपये का सरकारी बजट खपाने की शिकायत पर तत्कालीन जिलाधिकारी आंजनेय कुमार ने नौ सदस्यीय टीम गठित कर जांच शुरू कराई तो जौहर विश्वविद्यालय पर अरबों का सरकारी बजट खपाने का रिकाॅर्ड सामने आया।
लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता ने अपनी रिपोर्ट में कहा था कि मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के परिसर के अंदर मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढीकरण का कार्य कराया गया है जिसकी स्वीकृत लागत रुपये 1716.65 लाख है एवं अद्यतन आवंटन रुपये 1373.32 लाख है।
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उपरोक्त शासनादेश द्वारा स्वीकृति के सापेक्ष प्राप्त आगणन के अंतर्गत ही मार्ग निर्माण का कार्य लोक निर्माण विभाग के स्वामित्व के मार्ग पर ही कराया गया है। परंतु मार्ग के प्रारंभिक चैनेज पर यूनिवर्सिटी का गेट बना हुआ है। जिस कारण इस मार्ग पर आवागमन यूनिवर्सिटी प्रशासन के नियंत्रण में है।
तत्कालीन जिलाधिकारी आंजनेय कुमार ने प्रकरण को भ्रष्टाचार का मानते हुए उसकी उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई के लिए जांच रिपोर्ट शासन को भेजी थी। इसके बाद से कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। इस संबंध में आठ जुलाई को प्रकाशित दैनिक जागरण की खबर पर डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता केवी सिंह से रिपोर्ट मांगी थी।
उन्होंने जांच के बाद खबर की पुष्टि की। इसके बाद बुधवार को डीएम ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर लोक निर्माण की टीम भेजकर आम रास्ता होने का बोर्ड लगवा दिया। विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को किसी तरह की असुविधा न हो इसके लिए डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने मुख्य द्वार पर ही काउंसिलिंग सेंटर स्थापित करा दिया है।