रामपुर में खैर की लकड़ी तस्करी में मुख्य तस्कर गिरफ्तार, एक की तलाश जारी
रामपुर में खैर की लकड़ी तस्करी के मुख्य आरोपी इस्माइली को वन विभाग और पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी पंजाब में खैर की लकड़ी की बड़ी खेप पक ...और पढ़ें

HighLights
रामपुर में खैर लकड़ी तस्करी का मुख्य आरोपी गिरफ्तार।
पंजाब में खैर की लकड़ी की बड़ी खेप बरामद।
वन विभाग और पुलिस ने 20 दिन बाद दबोचा।
संवाद सहयोगी, स्वार। पंजाब से पकड़ी गई खैर की लकड़ी की तस्करी के मामले में फरार चल रहे मुख्य तस्कर को वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक अन्य आरोपित की तलाश अभी जारी है।
15 फरवरी को डीएफओ प्रवीण जैन के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने पंजाब में एक गोदाम में छापामार कार्रवाई कर भारी मात्रा में खैर की लकड़ी बरामद की थी। मौके से वन विभाग की टीम ने दो तस्करों को गिरफ्तार किया था। वन दारोगा अतुल कुमार की ओर से चार तस्करों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
गिरफ्तार आरोपितों में उत्तराखंड के थाना बाजपुर क्षेत्र के कनौरा निवासी रासिद अली और जिला बदायूं के अब्दुल्लागंज नबीजान शामिल थे। दोनों को पूछताछ के बाद जेल भेज दिया गया था। गिरफ्तार तस्करों ने पूछताछ में बताया था कि इस गिरोह में उनके साथ उत्तराखंड के थाना गदरपुर क्षेत्र के मुकंदपुर निवासी इस्माइली और थाना आईटीआई क्षेत्र का आसिम भी शामिल है, जो घटना के बाद से फरार चल रहे थे।
मंगलवार को वन दारोगा अतुल कुमार और कुलबीर सिंह को सूचना मिली कि खैर की तस्करी में शामिल आरोपित काशीपुर-बाजपुर मार्ग स्थित हाईवे के पास खड़ा है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और थाना मिलकखानम पुलिस के दारोगा सूरज सिंह चौहान को बुलाकर संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।
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पुलिस ने आरोपित के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई करते हुए चालान कर दिया है। वहीं फरार चल रहे दूसरे आरोपित की तलाश में दबिश दी जा रही है। थानाध्यक्ष निशा खटाना ने बताया कि तस्कर को गिरफ्तार कर चालान किया है। फरार आरोपित को भी शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जायेगा।
20 दिन बाद दबोचा गया फरार खैर तस्कर इस्माइली
स्वार: खैर की लकड़ी तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया तस्कर इस्माइली पर पंजाब से खैर की लकड़ी से भरे कैंटर का तिरपाल फाड़कर फरार होने की चर्चा गरमा गई थी। कैंटर का तिरपाल फटा मिला था। वन विभाग और पुलिस की लगातार दबिश के बाद आखिरकार करीब 20 दिन बाद तस्कर को गिरफ्तार कर लिया गया। हालांकि इस मामले में शामिल एक अन्य तस्कर अभी भी फरार चल रहा है, जिसकी तलाश जारी है।