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रामपुर में खत्म होगा नवाबी दौर का एक और निशान; जर्जर गेटों पर चलेगा बुलडोजर, नगर पालिका ने तैयार की रिपोर्ट

Published: Fri, 11 Sep 2026 06:15 PM (GMT+05:30)

रामपुर में नवाबी दौर के जर्जर गेटों को सुरक्षा कारणों से ध्वस्त किया जाएगा। नगर पालिका परिषद ने सर्वे कर प्रशासन को रिपोर्ट भेजी है, अनुमति मिलने पर बुलडोजर चलेगा।

रामपुर में शहर कोतवाली के निकट नगर पालिका जर्जर घोषित ऐतिहासिक गेट। जागरण

रामपुर में शहर कोतवाली के निकट नगर पालिका जर्जर घोषित ऐतिहासिक गेट। जागरण

HighLights

  1. शहर कोतवाली, बाजार नसरुल्ला खां, मिस्टन गंज, पान दरीबा समेत अन्य स्थान चिह्नित, चलाया जाएगा बुलडोजर

  2. लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया निर्णय, मार्गों को किया जाएगा चौड़ा, दोबारा नहीं बनाए जाएंगे गेट

जागरण संवाददाता, रामपुर। नवाबी दौर की वास्तुकला और शहर की पहचान का हिस्सा रहे रामपुर के जर्जर गेट अब इतिहास का हिस्सा बन सकते हैं। लंबे समय से रखरखाव के अभाव में कमजोर हो चुके इन गेटों से हादसे की आशंका को देखते हुए नगर पालिका परिषद ने इन्हें हटाने की कवायद शुरू कर दी है।

पालिका ने सर्वे कर ऐसे गेटों को चिह्नित करते हुए रिपोर्ट प्रशासन को भेज दी है। अनुमति मिलने के बाद इन्हें ध्वस्त किया जा सकता है। नगर पालिका की ओर से तैयार रिपोर्ट अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व आनंद कुमार सिंह को भेजी गई है।

इसमें उन पुराने गेटों को शामिल किया गया है, जिनकी संरचना काफी कमजोर हो चुकी है। उनके आसपास से रोज लोगों, वाहनों का आवागमन होता है। ऐसे में किसी हिस्से के गिरने की स्थिति में जनहानि की आशंका बनी हुई है।

पालिका के सर्वे में शहर कोतवाली, बाजार नसरुल्ला खां, मिस्टन गंज, पान दरीबा समेत अन्य स्थानों पर बने पुराने गेटों को चिह्नित किया गया है। ईंट व डिजाइन से ये सभी निर्माण नवाबी दौर के प्रतीत हो रहे हैं जो कभी शहर की वास्तुकला एवं पहचान का हिस्सा रहे हैं।

समय बीतने के साथ इनके रखरखाव पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, जिससे इनकी स्थिति लगातार खराब होती चली गई। बुधवार को नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी दुर्गेश्वर त्रिपाठी ने टीम के साथ चिह्नित स्थलों का निरीक्षण किया।

इस दौरान गेटों की मौजूदा स्थिति, आसपास की गतिविधियों और संभावित खतरे का जायजा लिया गया। निरीक्षण के बाद तैयार रिपोर्ट में उनकी हालत का उल्लेख करते हुए प्रशासन को कार्रवाई के लिए अवगत कराया गया है।

अब प्रशासन स्तर से रिपोर्ट पर निर्णय लिया जाना है। यदि अनुमति मिलती है तो नगर पालिका इन कमजोर ढांचों को हटाने की कार्रवाई कर सकती है। हालांकि, इन गेटों के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए कार्रवाई से पहले संबंधित पक्षों से समन्वय और आवश्यक प्रक्रिया पूरी किए जाने की संभावना है।

नगर पालिका के ईओ ने इस बाबत रिपोर्ट प्रशासन को भेजे जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि पालिका की इस रिपोर्ट का मुख्य उद्देश्य जर्जर ढांचों से संभावित हादसे को रोकना है।

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