'प्रधान तो बने, पर अधिकार छीने!' रामपुर के गांवों में सफाई व्यवस्था ध्वस्त, हैंडपंप भी खराब, चरमराईं जनसुविधाएं
पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद रामपुर के गांवों में सफाई व्यवस्था, हैंडपंप मरम्मत और अन्य जनसुविधाएं चरमरा गई हैं। प्रशासक बने पूर्व प्रधानों ...और पढ़ें

अजीतपुर में शाहबाद रोड किनारे कूड़े का ढेर लगने पर कई दिन बाद जेसीबी से सफाई कराई गई। जागरण
HighLights
गांवों में बढ़ रही समस्याएं, ग्रामीण हो रहे परेशान
जागरण संवाददाता, रामपुर। पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम प्रधानों को संबंधित ग्राम पंचायतों का प्रशासक तो बना दिया गया है, लेकिन अधिकार और वित्तीय स्वीकृतियों की सीमाओं के कारण वे गांवों में जरूरी कार्य कराने में खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। इसका सीधा असर ग्रामीण क्षेत्रों की सफाई व्यवस्था, हैंडपंपों की मरम्मत और अन्य जनसुविधाओं पर पड़ रहा है।
मानसून के दौरान नियमित साफ-सफाई नहीं होने से कहीं नालियां चौक हो रहीं हैं तो कहीं रास्तों में प्रदूषित पानी जमा हो रहा है। इस तरह की बढ़ती समस्या से संक्रामक बीमारियां फैलने का खतरा उत्पन्न हो रहा है।

नगर के ज्वाला नगर क्षेत्र से सटे ग्राम अजीतपुर की स्थिति देखकर यही जाहिर हो रहा है। वैसे गांव की आबादी के मध्य सड़कों व साफ-सफाई की स्थिति ठीक-ठीक दिखाई दी, लेकिन गांव की बाहरी साइड में नई आबादी वाले रास्तों, खाली प्लाटों व शाहबाद रोड के किनारे
कूड़े के ढेर लगे पाए गए।
ऐसा लग रहा था, जैसे नियमित सफाई नहीं होने की वजह से ही गांव में सफाई व्यवस्था चरमराई हुई पड़ी है। इसी तरह रामपुर से शाहबाद रोड पर स्थित अजीतपुर के प्राथमिक विद्यालय के गेट के समीप भी कूड़े का ढेर लगा हुआ था। ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बन रही है।

गांवों की सड़क पर गंदा पानी जमा होने से लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। कहीं-कहीं हैंडपंपों की मरम्मत नहीं हो पाने से भी परेशानी बनी हुई है। यह स्थिति विकास खंड चमरौआ क्षेत्र के गांव अजीतपुर की ही नहीं है। इस ब्लाक क्षेत्र की 92 ग्राम पंचायतों में अधिकांश में यहीं समस्या बनी हुई है।
खबरें और भी
प्रशासक बनाए गए पूर्व प्रधानों का कहना है कि उन्हें गांव की समस्याओं की जानकारी है। ग्रामीण लगातार उनसे शिकायतें भी कर रहे हैं, लेकिन कार्य कराने के लिए उनके पास पर्याप्त अधिकार पूर्व की भांति नहीं हैं। पंचायत सचिव, पंचायत सहायक को कार्य बताकर समस्याओं का निस्तारण कराने का प्रयास किया जाता है। कार्य पूरा होने में थोड़ा समय अवश्य लग जाता है।
गांव में कार्य कराएं जा रहे हैं। प्रधान नहीं रहने की वजह से अधिकार पहले जैसे नहीं रहे, लेकिन कार्य पूर्व की भांति कराए जा रहे हैं। कुछ कार्यों को पूरा कराने में समय जरूर लग जाता है। उनकी ग्राम पंचायत अधिक आबादी वालों में गिना जाता है। सफाई कर्मी मात्र दो नियुक्त हैं। इस कारण ही अस्थाई दो सफाई कर्मी और लगवाए हैं। शाहबाद रोड पर शुक्रवार की शाम जेसीबी लगवाकर कूड़ा साफ कराया गया है।
- मीना, प्रशासक व पूर्व प्रधान, ग्राम अजीतपुर
प्रधान नहीं रहे तो क्या, प्रशासक के तौर पर कार्य कराए जा रहे हैं। फर्क बस यह पड़ा है कि पहले सभी कार्य अपने हिसाब से ग्रामीणों से सूचना मिलते ही करा दिए जाते थे। अब छोटे-छोटे कार्य को पहले बैठक की कार्रवाई में शामिल कर उसकी सूचना अधिकारियों को भेजी जाती है। उसके बाद ही कार्य हो पा रहे हैं। वैसे काम-काज में कोई खास दिक्कत नहीं आ रही है। शासन ने जो निर्देश दिए हैं, कार्य तो उनके हिसाब से ही कराए जाएंगे।
- चरन सिंह, प्रशासक व पूर्व प्रधान, ग्राम फैजनगर