बिना बिल की 71,000 बोतलें और 42 लाख का खेल: रामपुर के दो सगे भाइयों की एक गलती ने पहुँचाया जेल
रामपुर में क्राइम ब्रांच ने कोडीन युक्त सीरप की अवैध बिक्री के दो मामलों में दवा विक्रेता भाइयों उस्मान और दानिश के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। इन पर ...और पढ़ें

कोडीनयुक्त सीरप की अवैध बिक्री करने में गिरफ्तार दवा विक्रेता उस्मान खान उर्फ नाजिश व उमर खान उर्फ दानिश। जागरण आर्काइव
HighLights
चार माह पहले गंज कोतवाली में दर्ज हुई थी प्राथमिकी, क्राइम ब्रांच ने किया था गिरफ्तार
जागरण संवाददाता, रामपुर। कोडीन युक्त सीरप की अवैध बिक्री के दो अन्य मामलों में पुलिस की जांच पूरी हो गई है। इन दोनों मामलों की जांच कर रही क्राइम ब्रांच ने दवा विक्रेता दो भाइयों उसमान और दानिश के खिलाफ चार्जशीट भी लगा दी है। चार्जशीट में दोनों भाइयों पर आरोप है कि उनके द्वारा करीब 42 लाख रुपये कीमत की कोडीन युक्त सीरप को बिना बिल के अवैध तरीके से बेचा गया था।
दोनों भाइयों के खिलाफ करीब तीन दिसंबर 2025 को औषधि निरीक्षक मुकेश कुमार की ओर से गंज कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इनमें एक भाई उस्मान खां उर्फ नाजिश ने मुहल्ला घेर कलंदर खां में मैसर्स बाबी एजेंसी के नाम से दवा की दुकान का लाइसेंस लिया था, जबकि उनके भाई उमर खान उर्फ दानिश मैसर्स केयर एजेंसी पक्का बाग चौराहा पर दुकान का लाइसेंस लिया था। दोनों भाइयों का थोक का लाइसेंस था।
पुलिस कार्रवाई से पहले दोनों भाइयों को औषधि विभाग की ओर से नोटिस भेजकर कोडीन सीरप की खरीद व बिक्री के संबंध में रिकार्ड मांगा गया था। रिकार्ड न देने पर दोनों भाइयों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। बाद में इस मुकदमे की जांच क्राइम ब्रांच को सौंपी गई थी। क्राइम ब्रांच ने छह फरवरी को दोनों भाइयों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
मुकदमे की विवेचना कर रहे क्राइम ब्रांच के निरीक्षक अजय वीर सिंह ने बताया कि दोनों भाइयों के खिलाफ अलग-अलग मुकदमा दर्ज है। दोनों ही मुकदमों की जांच पूरी हो गई है और दोनों में चार्जशीट लगा दी है। जांच में यह तथ्य सामने आए हैं कि दोनों भाइयों ने कोडीन सीरप की खरीद तो बिल से की थी, लेकिन उसकी बिक्री बिल पर नहीं की।
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उमर ने कोडीन सीरप की 29 हजार बोतलें बेचीं, जिसकी कीमत 16.82 लाख है और उस्मान ने करीब 25 लाख कीमत के 42 हजार बोतलों की बिक्री की थी। इनकी बिक्री कहां की गई, इस संबंध में कोई रिकार्ड नहीं दिखाया। इनके द्वारा अवैध रूप से कोडीन सीरप की बिक्री करने का आरोप है।
कोडीन सीरप बेचने वाले दवा विक्रेता सलमान की तलाश
अवैध रूप से कोडीन सीरप की बिक्री करने के मामले में अभी क्राइम ब्रांच को एक और दवा विक्रेता सलमान की तलाश है। उसके खिलाफ भी गंज कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज है, जिसकी जांच क्राइम ब्रांच द्वारा की जा रही है। वह गिरफ्तारी से बचने के लिए हाई कोर्ट चला गया था, लेकिन उसे राहत नहीं मिली।
अब क्राइम ब्रांच उसे कभी भी गिरफ्तार कर सकती है। सलमान ने भी कोडीन सीरप की 91 हजार बोतल बेची थी, जिसकी कीमत 93 लाख है। कोडीन युक्त सीरप की बिक्री को लेकर पहली प्राथमिकी चार माह पहले दर्ज हुई थी। यह प्राथमिकी आठ सितंबर को शहर कोतवाली में औषधि निरीक्षक मुकेश कुमार की ओर से कराई गई थी।
तब पुलिस ने मोरी गेट के पास एक गोदाम पर छापा मारा था। यहां एक गोदाम में कोडीन युक्त सीरप की 11893 बोतल बरामद हुई थीं, जिसकी कीमत 17 लाख रुपये थी।
इस मामले में टांडा थाना क्षेत्र के करीमपुर गर्वी गांव के अब्दुल कादिर, टांडा के ग्राम परसुपुरा के अहसान नूरी और अजीमनगर थाना क्षेत्र के बजावाला गांव के अनीस के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने अनीस का नाम निकाल दिया था।
कोडीन सीरप की अवैध बिक्री में अब तक हो चुकी पांच गिरफ्तारी
कोडीन युक्त सीरप की अवैध बिक्री के मामले में अब तक तीन मुकदमों में चार्जशीट लग चुकी है और पांच दवा विक्रेताओं की गिरफ्तारी हो चुकी है। कोडीन सीरप मामले में पहली प्राथमिकी आठ सितंबर 2025 को शहर कोतवाली में औषधि निरीक्षक मुकेश कुमार की ओर से कराई गई थी।
तब पुलिस ने मोरी गेट के पास एक गोदाम पर छापा मारा था। यहां एक गोदाम में कोडीन युक्त सीरप की 11,893 बोतल बरामद हुई थीं, जिसकी कीमत 17 लाख रुपये थी। इस मामले में टांडा थाना क्षेत्र के करीमपुर गर्वी गांव के अब्दुल कादिर, टांडा के ग्राम परसुपुरा के अहसान नूरी और अजीमनगर थाना क्षेत्र के बजावाला गांव के अनीस के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
अब्दुल कादिर और अहसान नूरी को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया था। जांच के दौरान शहर कोतवाली पुलिस ने अनीस का नाम निकाल दिया था और बाकी दोनों के खिलाफ चार्जशीट लगाई थी। इसके बाद दर्ज सभी मुकदमों की जांच क्राइम ब्रांच द्वारा की गई थी।
तीन दिसंबर 2025 को गंज कोतवाली में हुई प्राथमिकी में नामजद उस्मान और दानिश को क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया था, जबकि 15 दिसंबर 2025 को औषधि निरीक्षक की ओर से ही शहर के मुहल्ला राजद्वारा में लता फार्मास्युटिकल फर्म के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस फर्म के प्रोपराइटर हर्ष अग्रवाल हैं। उन्हें भी क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
एनडीपीएस एक्ट की बढ़ाई गई है धारा
कोडीन युक्त सीरप की अवैध बिक्री से जुड़े सभी मुकदमों में पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा बढ़ाई है। इस संबंध में हाई कोर्ट की ओर से आदेश जारी हुए थे। धारा बढ़ाने की कार्रवाई के बाद आरोपितों में खलबली मची है। इस धारा के बाद आरोपितों को जेल से जल्दी जमानत नहीं मिलेगी। वर्तमान में सभी आरोपित जेल में हैं।