रामपुर की गंज पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दो गो तस्कर दबोचे, पैर में गोली लगने से दोनों घायल
गंज कोतवाली पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दो गो तस्करों लालू उर्फ मुकर्रम और परवेज को गिरफ्तार किया। पुलिस की गोली लगने से दोनों घायल हो गए, जबकि एक आरक्षी ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
गंज पुलिस ने मुठभेड़ में दो गो तस्कर दबोचे।
पुलिस की गोली से दोनों तस्कर घायल हुए।
तस्करों पर गोकशी के कई मुकदमे दर्ज।
जागरण संवाददाता, रामपुर। गंज कोतवाली पुलिस ने मुठभेड़ के बाद दो गो तस्करों को पकड़ लिया है। पुलिस की गोली लगने से दोनों घायल हो गए। दोनों का जिला अस्पताल में उपचार कराया गया। गो तस्करों की ओर से हुई फायरिंग में एक आरक्षी बाल-बाल बचा।आरक्षी की बांह को छूकर गोली निकल गई। उसका भी प्राथमिक उपचार कराया गया।
गंज कोतवाली प्रभारी पवन कुमार शर्मा टीम के साथ सोमवार देर रात गश्त कर रहे थे। उन्होंने स्वार चौराहा पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग शुरू कर दी। तब ही वहां स्वार की ओर से एक बाइक पर दो लोग आते दिखाई दिए। पुलिस ने रुकने का इशारा किया तो बाइक सवार लोगों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी और चाकू चौराहा की ओर जाने वाले रास्ते पर भागने लगे।
पुलिस टीम द्वारा बाइक सवार व्यक्तियों का पीछा किया गया। अजयपुर केसरपुर को जाने वाले रास्ते पर उनकी बाइक असंतुलित हो कर गिर गई। बाइक सवार व्यक्तियों द्वारा फायरिंग करते हुए उठकर भागने का प्रयास किया, जिसमें मुख्य आरक्षी विशाल अहमद घायल हो गए।
पुलिस ने जवाब में गोली चलाई, जो भागने का प्रयास कर रहे दोनों के पैर में लगी। पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। पकड़े लोगों की पहचान गंज कोतवाली के मुहल्ला पीला तालाब निवासी लालू उर्फ मुकर्रम और मुहल्ला तीतर वाली पाखड़ निवासी परवेज के रूप में हुई है। दोनों के पास से पुलिस को तमंचा, बाइक और गोकशी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण मिले हैं।
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अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि दोनों शातिर बदमाश हैं और गोकशी करते हैं। लालू पर 12 मुकदमे दर्ज हैं, जिसमें एक मुकदमा श्रावस्ती के थाना छावनी में दर्ज है। परवेज के खिलाफ भी आठ मुकदमे दर्ज होने की जानकारी मिली है। इसमें एक मुकदमा सन 2018 में थाना सीबी गंज बरेली का है, जिसमें गोकशी करते समय एक सिपाही की हत्या की गई थी। दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पूछताछ से पता चला कि दोनों चोरी छिपे बेसहारा गोवंशीय पशुओं को पकड़कर गोकशी करते थे। पुलिस व जनता से बचने के लिए अपनी सुरक्षा के लिए अपने साथ अवैध तमंचे भी रखते थे।