रामपुर मॉल की बंद लिफ्ट में 30 मिनट तक अटकी दो बच्चों की सांसें, पुलिस ने कटर से दरवाजा काट यूं बचाई जान
रामपुर के स्मार्ट बाजार मॉल में दो किशोर 30 मिनट तक लिफ्ट में फंसे रहे, जिससे अफरातफरी मच गई। पुलिस और फायर ब्रिगेड ने कटर से दरवाजा काटकर उन्हें सुरक ...और पढ़ें

शाहबाद गेट स्थित स्मार्ट बाजार में लिफ्ट खराब होने पर तोड़ा गया गेट। जागरण
HighLights
स्मार्ट बाजार माल में हुई घटना से मच गई थी अफरातफरी, मदद को पहुंची थी पुलिस और फायर ब्रिगेड
जागरण संवाददाता, रामपुर। आप लिफ्ट में जा रहे हैं और अचानक वह बीच में रुक जाए। एक-दो मिनट तो शायद आप सब्र कर लेंगे, लेकिन अगर पूरे 30 मिनट तक आप लिफ्ट में फंसे रहें तो आपकी धड़कनें बढ़ जाएंगी। मदद के लिए चीखने चिल्लाने लगेंगे। शहर के 13 से 14 साल के दो किशोर सोमवार रात इस मनोदशा से गुजरे। दोनों माल में घूमने आए थे। वहां लिफ्ट में चढ़ गए और अचानक लिफ्ट बंद हो गई।
दोनों को लिफ्ट आपरेट करने के बारे में कोई जानकारी नहीं थी, जिस पर उन्होंने घबराहट में लिफ्ट के बटनों को बार-बार दबाना शुरू कर दिया। लिफ्ट के दरवाजे पर लातें मारने लगे। आवाज सुनकर लोगों ने शोर मचाया। माल का स्टाफ आ गया। लिफ्ट चालू करने का प्रयास किया। सफल न होने पर पुलिस और फायर ब्रिगेड को बुलाया गया।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी विजय कुमार सिंह भी पहुंच गए। पुलिस और फायरकर्मियों ने लिफ्ट का दरवाजा कटर से काटा और उसमें इतनी जगह बनाई, जिससे किशोर से संवाद कर उनकी हिम्मत बढ़ाई। उन्हें पानी, बिस्कुट आदि देते रहे और लगातार बात करते रहे। लिफ्ट के इलेक्ट्रिशियन को बुलाया गया।
उसके द्वारा लिफ्ट को मैनुअल चालू किया गया, जिस पर किशोर बाहर आ सके। इसके बाद सभी ने राहत की सांस ली। किशोरों की हालत भी खराब हो गई थी। हालांकि पुलिस और फायर ब्रिगेड कर्मियों के लगातार संवाद करते रहने से दोनों की मनोदशा पर इसका ज्यादा असर नहीं हुआ। लिफ्ट से बाहर निकलते ही किशोर वहां से जाने लगे।
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माल के स्टाफ ने रोककर पूछताछ की तो बताया कि परिवार को बिना बताए आए थे। सिविल लाइंस कोतवाली प्रभारी का कार्यभार देख रहे निरीक्षक राकेश कुमार सिंह ने बताया कि दोनों किशोर माल में घूमने आए थे। उन्होंने वहां कोई खरीदारी नहीं की थी। इनमें एक 13 साल का अमन है, जबकि दूसरा उसका दोस्त 14 साल का उमर है।
घटना के समय लिफ्ट में नहीं था आपरेटर
माल में लगी लिफ्ट में आपरेटर की नियुक्ति है। माल में गेट पर ही सुरक्षा कर्मी रहते हैं और 10 बजे के बाद ग्राहकों की एंट्री बंद हो जाती है। दोनों किशोर एंटी बंद होने से कुछ देर पहले ही माल में घुसे थे। चूंकि माल बंद होने का समय हो रहा था तो लिफ्ट आपरेटर वहां से हटकर अपने जाने की तैयारी में लग गया था। इसी का फायदा उठाकर दोनों किशोर लिफ्ट में घुस गए थे।
स्टोर मैनेजर की बात
स्मार्ट बाजार के स्टोर मैनेजर राम किशन ने बताया कि बिजली ट्रिप होने से लिफ्ट बंद हो गई थी, जो चंद सेकेंड बाद खुद ही चालू हो जाती। इससे पहले ही किशोर लिफ्ट के बटनों को बार-बार दबाने लगे और लात मारने लगे, जिससे लिफ्ट में कोई तकनीकी खराबी आ गई थी। माल बंद होने का समय हो गया था।

इलेक्ट्रिशियन कुछ देर पहले ही अपनी ड्यूटी खत्म करके घर गया था। उसे दोबारा बुलाया गया। उसने ही लिफ्ट को मैनुअल चालू किया। इस दौरान दोनों किशोरों को खाने-पीने का सामान देते रहे और उनसे बात करते रहे। दोनों वहां कुछ खरीदने भी नहीं आए थे। उनके पास पैसे भी नहीं थे। लिफ्ट में फंसे रहने के दौरान पानी की बोतल दी तो कहने लगे कि उनके पास पैसे नहीं है।
होता है डर का अहसास
कंसल्टेंट फिजिशियन डॉ. दशरथ सिंंह ने बताया कि लिफ्ट बंद होने पर अंदर फंसे व्यक्ति को डर का अहसास होता है। जब व्यक्ति डरता है तो शरीर एड्रेनालिन नामक हार्मोन रिलीज करता है। इससे दिल तेजी से धड़कने लगता है। ऐसी स्थिति में व्यक्ति सामान्य से अधिक तेजी से सांस लेने लगता है। इसे हाइपरवेंटिलेशन कहा जाता है।
इससे चक्कर आना, हाथ-पैरों में झुनझुनी और कमजोरी महसूस हो सकती है। घबराहट के कारण अधिक पसीना आ सकता है, भले ही लिफ्ट के अंदर तापमान सामान्य हो। अचानक डर लगने से रक्तचाप अस्थायी रूप से बढ़ सकता है। अगर अंदर फंसा व्यक्ति पहले से हाई ब्लड प्रेशर या हृदय रोगी है तो उनके लिए यह स्थिति अधिक परेशानी पैदा कर सकती है।