यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Lok Sabha Election: यूपी की इस सीट पर लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करेगी समाजवादी पार्टी, जिला इकाई के आरोपों से मची खलबली
Rampur Lok Sabha Election News In Hindi रामपुर में समाजवादी पार्टी ने अभी तक प्रत्याशी के नाम की घाेषणा नहीं की है। पिछले दिनों समाजवादी पार्टी के मुख ...और पढ़ें

HighLights
- जेल में बंद आजम खां की ओर से जिलाध्यक्ष ने जारी किया पत्र
- आजम खां ने राष्ट्रीय अध्यक्ष से किया था चुनाव लड़ने का आग्रह
जागरण संवाददाता, रामपुर। समाजवादी पार्टी ने रामपुर में लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा की है। सपा नेताओं का कहना है कि रामपुर में पिछले उपचुनाव में जनता का बड़ा उत्पीड़न किया गया और उत्पीड़न करने वाले अधिकारी अब भी यहीं तैनात हैं। उनसे निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद नहीं की जा सकती।
समाजवादी पार्टी के चमरौआ विधायक नसीर खां, जिलाध्यक्ष अजय सागर, प्रदेश सचिव ओमेंद्र चौहान व अखिलेश चौहान, लोकसभा उपचुनाव में सपा प्रत्याशी रहे आसिम राजा ने मंगलवार शाम राजद्वारा में पूर्व जिलाध्यक्ष वीरेंद्र गोयल के यहां सपा कार्यालय पर मीडिया से बात की।
उपचुनाव में जनता का किया उत्पीड़न
इस दौरान सपा नेताओं ने कहा कि पिछले उपचुनाव में रामपुर की जनता का बड़ा उत्पीड़न किया गया। वोट नहीं डालने दिया गया। लोगों पर डंडे बरसाए गए। ऐसे अधिकारी अब भी यहां तैनात हैं। चुनाव आयोग ने उन्हें नहीं हटाया है, इसलिए निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद नहीं है।
आजम खां की ओर पत्र जिलाध्यक्ष ने सीतापुर जेल में बंद आजम खां से मुलाकात करने के बाद उनकी ओर से एक पत्र जारी किया, जिसमें कहा है कि रामपुर में पिछले 40-50 वर्षों से हम चुनाव प्रक्रिया में भागीदारी रहे हैं। हमेशा गरीबों, कमजोरों का भविष्य संवारने के लिए मकसद रहा। आज उसी की सजा मिल रही है। पार्टी के साथी और हमारा परिवार जेल में सजा काट रहा है।
खबरें और भी
पिछले कुछ समय में रामपुर को बर्बाद करने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई है। हजारों लोगों को झूठे मुकदमों में जेल भेजा गया है। पुलिस ने रामपुर को जी भरकर लूटा तथा महिलाओं को अपमानित किया। यह रामपुर की जनता के साथ घोर अन्याय किया गया। पिछले दो उपचुनाव में जो कुछ हुआ, पूरी दुनिया उसे अच्छी तरह जानती है। हमने सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से चुनाव लड़ने का आग्रह किया था। हमारा विचार था कि इन हालात में राष्ट्रीय अध्यक्ष का रामपुर से चुनाव लड़ना आवश्यक है। हम समझते हैं कि कन्नौज, आजमगढ़, बदायूं, मैनपुरी, ऐटा, फिरोजाबाद महत्वपूर्ण सीटें हैं, जिनका जीतना जरूरी है। इन सबके बाद रामपुर आता है।
रामपुर से चुनाव लड़ने का आग्रह
रामपुर कौन जीतेगा? हम जीवनभर नवाबों, बाहुबलियों से लड़कर ही यहां तक पहुंचे हैं। आज जो हमारे साथ हो रहा है, आज उसे पूरी दुनिया देख रही है। रामपुर वालों को दिए गए जख्मों की जलन और तड़प कम करने के लिए ही हमने राष्ट्रीय अध्यक्ष से चुनाव लड़ने के लिए आग्रह किया था। हमने बहुत चुनाव लड़े, जीते भी और कभी हार भी देखी, लेकिन हौंसला नहीं हारा, लेकिन चुनाव जब चुनाव ही नहीं रहे तो कुछ सोचना पड़ता है।
एक ही जिले और एक ही मंडल में एक ही अधिकारी चुनाव आयोग के नियमों के विरुद्ध रह रहा है और उसका मकसद केवल और केवल चुनाव हराना ही है, तो परिस्थितियों को खूब समझा जा सकता है। ऐसे माहौल और हालात में हम चुनाव का बहिष्कार करते हैं। रामपुर के चुनाव के बारे में अब राष्ट्रीय अध्यक्ष ही निर्णय लेंगे।