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    शादी-मुंडन पर 4 महीने का 'ब्रेक': देवशयनी एकादशी से लग रहा चातुर्मास, जानें अब कब से गूंजेगी शहनाई?

    Updated: Thu, 09 Jul 2026 05:36 PM (IST)

    शुभ विवाह, मुंडन और उपनयन संस्कारों के लिए देवशयनी एकादशी व चातुर्मास के कारण चार महीने का विराम रहेगा। नवंबर से मांगलिक कार्य फिर से शुरू होंगे, जिसम ...और पढ़ें

    देवशयनी एकादशी

    देवशयनी एकादशी

    HighLights

    1. अगले वर्ष फरवरी से शुरू होंगे उपनयन संस्कार

    संवाद सहयोगी, रामपुर। शादी और मुंडन कराने के लिए भी अब चार महीने का इंतजार करना होगा। वहीं, उपनयन संस्कार कराने वालों को अब सात माह यानी अगले साल फरवरी तक का इंतजार करना पड़ेगा। इससे पहले उपनयन संस्कार, मुंडन और शादी के लिए कोई मुहूर्त नहीं मिलेगा। जो भी मुहूर्त हैं वो 12 जुलाई तक ही हैं।

    देवशयनी एकादशी इसी महीने शुरू हो रही है। इसमें जगत के पालनहार भगवान श्रीहरि विष्णु योगनिद्रा में चले जाएंगे। देवशयनी एकादशी से चातुर्मास शुरू होने के साथ ही गुरु और शुक्र भी अस्त रहेंगे। हिंदू पंचांग में हर तीन साल में अधिकमास आता है। इस बार अधिकमास के चलते इस साल व्रत, त्योहार और तिथियों में 10 से 15 दिनों का अंतर आया है।

    इस वजह से विवाह, उपनयन संस्कार, मुंडन, गृहप्रवेश, गृहआरंभ आदि संस्कारों के लिए लंबे समय तक शुभ मुहूर्त नहीं मिल रहे हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित नवनीत शर्मा ने बताया कि आषाढ़ शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी 25 जुलाई को है। इस एकादशी से चातुर्मास शुरू हो जाएगा। इस बीच कोई शुभ कार्य नहीं होंगे।

    शुक्र और गुरु भी अस्त हो जाएंगे। गुरु 15 जुलाई को पश्चिम में 10 अगस्त तक अस्त रहेंगे। इसके बाद 12 दिसंबर तक वक्री रहेंगे। जबकि शुक्र 13 अक्बटूर को पश्चिम में अस्त होंगे और 28 अक्टूबर को उदय होंगे। इन दोनों ग्रहों के अस्त व वक्री होने की दशा में कोई मांगलिक कार्य नहीं होंगे।

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    22 नवंबर से अगले साल जुलाई तक, शादियों के मुहूर्त 63 दिन

    हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी देवोत्थान एकादशी (देवउठनी और प्रबोधिनी एकादशी) तिथि को मनाई जाती है। भगवान विष्णु चार महीने की योगनिद्रा से जागते हैं। देवोत्थान एकादशी 20 नवंबर को पड़ रही है। इसके बाद मांगलिक कार्य शुरू होंगे। 22 नवंबर से विवाह शुरू हो जाएंगे, जो अगले साल नौ जुलाई तक चलेंगे।

    इस दौरान शादी के लिए 63 मुहूर्त होंगे। नवंबर में 22, 25, 26 व 30, दिसंबर में 04, 06, 09, 10, 11 व 14, जनवरी 2027 में 18, 24, 28, 29 व 31, फरवरी 2027 में 07, 10, 11, 15, 21, 22, 24, 25 व 28, मार्च में 01, 03, 04, 10 व 11, अप्रैल में 10, 21, 23, 25, 28 व 29, मई में 02, 03, 07, 09, 13, 17, 20, 21, 23, 24, 26, 27, 30 व 31, जून में 02, 04, 09, 10, 13, 14, 18, 23 व 24 और जुलाई में 01, 02,07, 08 व 09 को शादियां होंगी।

    मुंडन के 22, गृह प्रवेश के 18 मुहूर्त

    मुंडन के मुहूर्त : नवंबर में 26, दिसंबर में 14, जनवरी 2027 में 20 व 27, फरवरी 2027 में 08, 11, 18, 19, 22 व 25, मार्च 2027 में 10 व 11, मई में 12, 17 व 21, जून में 07, 14, 21, 23 व 24 और जुलाई में 05 व 12 को हैं।

    गृह प्रवेश के मुहूर्त: अक्टूबर 24, नवंबर 14, 19, 20 व 21, दिसंबर में 14, जनवरी 2027 में 18 व 20, फरवरी में 15, 17, 18 व 19, मई में 10, 12 व 17, जून में 14, जुलाई में 09 व 10 को हैं।

    सालभर में 14 दिन ही होंगे उपनयन संस्कार

    उपनयन संस्कार के लिए 12 जुलाई के बाद अगले साल फरवरी से जुलाई तक सिर्फ 14 दिन ही शुभ मिल रहे हैं। अगले साल नौ फरवरी से शुभ मुहूर्त शुरू होंगे। इसके बाद मार्च में 17 व 18, अप्रैल में 11, मई में 10, जून में 07, 09, 13 व 14 और जुलाई में 06 व 08 को मुहूर्त बन रहे हैं।

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