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    आपके नाम पर भी चल सकता है 'खच्चर खाता', रामपुर में पकड़े गए 4 राज्यों के 14 ठगों ने उगले गहरे राज

    Updated: Fri, 03 Apr 2026 06:26 AM (IST)

    रामपुर में साइबर अपराधियों के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। सिविल लाइंस क्षेत्र से शुरू हुई जांच के बाद अब तक 14 आरोपित गिरफ्तार किए गए हैं, जिन ...और पढ़ें

    साइबर क्राइम

    साइबर क्राइम

    HighLights

    1. सिविल लाइंस क्षेत्र में 27 अक्टूबर 2025 को किराये के मकान से गिरफ्तार किए थे आठ आरोपित

    2. साइबर अपराध के जरिए ठगी गई रकम को ठिकाने लगाने को बनाया था अवैध एक्सचेंज

    3. 24 दिसंबर को नोएडा से दबोचे थे गिरोह के छह अन्य सदस्य, जेल में हैं सभी आरोपित

    जागरण संवाददाता, रामपुर। पांच माह पहले सिविल लाइंस क्षेत्र में किराये के मकान में चल रहे साइबर अपराधियों का बड़ा नेटवर्क निकला। इस नेटवर्क में अब तक 15 की गिरफ्तारी हो चुकी है। इनमें 14 के खिलाफ अब न्यायालय में मुकदमा चलेगा। क्राइम ब्रांच ने इन 14 के खिलाफ विवेचना पूरी कर चार्जशीट लगा दी है।

    चार्जशीट करीब 500 पेज की है। चार्जशीट में शामिल छह आरोपित को पुलिस ने नोएडा से गिरफ्तार किया था। साइबर ठगी से जुड़े आरोपित बिहार, उत्तराखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं। इस गैंग में अभी और लोगों की गिरफ्तारी होनी है। गैंग चलाने वाला मुख्य आरोपित भी फरार है।

    सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने 27 अक्टूबर 2025 को मुहल्ला मैग्जीन में शान होटल के पीछे एक मकान पर छापा मारा था। पुलिस ने मकान से आठ लोगों को गिरफ्तार किया था। ये सभी साइबर अपराध से जुड़े थे। साइबर अपराधियों ने किराये के मकान में पैसों का एक अवैध एक्सचेेंज बना रखा था।

    साइबर अपराधियों की सूची

    क्र.सं. नाम पिता का नाम जिला/राज्य निवास का विवरण (पता)
    1 गुरविंदर सिंह माखन सिंह ऊधमसिंहनगर, उत्तराखंड खुशालपुर, सुभाषनगर, गदरपुर
    2 जसमीत सिंह अमरीक सिंह ऊधमसिंहनगर, उत्तराखंड मजरा मरदान, सुभाषनगर, गदरपुर
    3 अंकित कुमार अजय सिंह सिवान, बिहार ग्राम व पोस्ट मैरवा
    4 विकास कुमार राम कमलेश राम सिवान, बिहार ग्राम व पोस्ट मैरवा (वर्तमान: देवरिया टडवा परसिया)
    5 अर्जुन कुमार विरेंद्र गौड सिवान, बिहार उग्रसेन छापर, मैरवा
    6 आदित्य कुमार कृष्णा गौड सिवान, बिहार ग्राम मोतीछापर, मैरवा
    7 कल्लन बब्बू रामपुर, उत्तर प्रदेश शान मैरिज हाल, बरेली गेट, सिविल लाइन
    8 दानिश कल्लन रामपुर, उत्तर प्रदेश शान मैरिज हाल, बरेली गेट, सिविल लाइन
    9 नूर आलम - भिलाई, छत्तीसगढ़ खुर्शीपार, जोन- दो
    10 उसैद खान - छतरपुर/भोपाल, म.प्र. नूरानी कालोनी, बिलाल मस्जिद के पास
    11 दिलशाद - छतरपुर, मध्य प्रदेश ग्राम गढ़ी मलहरा
    12 उत्तम पटेल - राजनन्दगांव, छत्तीसगढ़ ग्राम मनगटा जौरतराई, सोमनी
    13 रितिक कुमार गुप्ता - दुर्ग, छत्तीसगढ़ सोनियागांधी नगर, भिलाई
    14 विवेक यादव - रायपुर, छत्तीसगढ़ मुहल्ला अशोकनगर, गुडयारी

    साइबर अपराध के जरिए ठगी गई रकम को यहां से अन्य शहरों व राज्यों के बैंक खातों में भेज दिया जाता था। पुलिस को मकान से छह कंप्यूटर, 113 एटीएम कार्ड, 101 सिम कार्ड, 14 मोबाइल, 37 पासबुक आदि सामान मिला था। पुलिस ने जब आरोपितों से पूछताछ की तो बड़े नेटवर्क की जानकारी मिली।

    इसके बाद मामले की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की तो गिरोह का नेटवर्क नोएडा तक जुड़ा मिला। क्राइम ब्रांच ने 24 दिसंबर 2025 को नोएडा में छापा मारकर वहां से भी छह लोगों को गिरफ्तार किया और यहां ले आई।

    खबरें और भी

    सभी आरोपित वर्तमान में जेल में बंद हैं। साइबर क्राइम के नोडल अधिकारी अपर पुलिस अधीक्षक अनुराग सिंह ने बताया कि इस मामले में विवेचना अभी जारी है। फिलहाल पकड़े गए 14 के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी है।

    इस तरह करते थे ठगी

    साइबर क्राइम के इस मामले की विवेचना कर रहे निरीक्षक अजयवीर सिंह ने बताया कि गैंग के द्वारा आनलाइन ट्रेडिंग, सट्टा खिलाने, लाटरी जीतने जैसे तरीकों से लोगों को ठगा जाता था। इनके द्वारा विभिन्न राज्यों में गरीब व्यक्तियों को लालच देकर उनसे एटीएम, सिम कार्ड आदि दस्तावेज ले लिए जाते हैं।

    उनके नाम से गूगल पे बिजनेस एकाउंट खाेल लेते हैं। इसमें एक से अधिक खाते खोलने की सुविधा के चलते साइबर अपराधी अलग-अलग क्लोन एकाउंट बना लेते हैं। साइबर ठगी के जरिए आने वाला पैसा इन खातों में घुमाया जाता है, ताकि पुलिस ट्रेस न कर सके। इस तरह पैसों को इधर से उधर खातों में भेजा जाता है।

    इन खातों को म्यूल एकाउंट (खच्चर खाता) के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। कई खातों में पैसा घुमाने के बाद उस खाते में भेजा जाता है, जहां से इसे साइबर अपराधी निकाल सकते हैं। इसमें खास बात यह है कि जिसके नाम से खाता है, उसे कभी अपने खाते में लेनदेन का पता नहीं चल पाता है।


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