'खाकी' का ऐसा रूप! रामपुर से बदायूं ट्रांसफर हुआ, लेकिन मिट्टी के बर्तन बेचने वाली गुनगुन से किया वादा नहीं भूले इंस्पेक्टर हरेंद्र
इंस्पेक्टर हरेंद्र सिंह ने चार साल पहले रामपुर में मिट्टी के बर्तन बेचने वाली गुनगुन का स्कूल में दाखिला कराया था और उसकी पढ़ाई का खर्च उठाने का वादा ...और पढ़ें

सूर्या जूनियर हाईस्कूल में प्रधानाचार्य महेंद्रपाल सिंह के साथ गुनगुन और निरीक्षक हरेंद्र सिंह
HighLights
बदायूं स्थानांतरण के बाद भी नहीं छोड़ा हाथ
भास्कर सिंह, रामपुर। चार साल पहले जिले में तैनात निरीक्षक हरेंद्र सिंह को स्वार क्षेत्र के लोग आज भी उनके व्यवहार को लेकर याद करते हैं। वह अपराधियों के लिए सख्त थे तो जरूरतमंदों की मदद भी करते थे। उन्होंने सड़क किनारे मिट्टी के बर्तन बेचने वाली सात साल की बालिका गुनगुन का प्राइवेट स्कूल में दाखिला कराया था और उसके परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक न होने पर 12वीं तक की पढ़ाई का खर्च उठाने की जिम्मेदारी ली थी।
जिले से स्थानांतरण होने के बाद भी वह अपना वादा निभा रहे हैं और समय पर बालिका की फीस जमा करते हैं। उसकी किताबों और ड्रेस के लिए पैसा भेजते हैं। वर्तमान में वह बदायूं में सिविल लाइंस थाने के प्रभारी हैं। उनकी इस मानवता से बालिका की पढ़ाई सुचारू रूप से चल पा रही है।
मुहल्ला चक स्वार में रहने वाली बालिका के पिता आदेश कुमार बताते हैं कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। वह मिट्टी के बर्तन बनाते हैं। चार साल पहले तबीयत बहुत खराब हो गई थी। वह बिस्तर पर पड़े थे। पत्नी दूसरों के घरों में काम करती, जिससे हमारा घर चल रहा था।
फीस जमा न कर पाने के कारण सात साल की बेटी गुनगुन की पढ़ाई छूट गई थी। मजबूरी में उसे सड़क किनारे मिट्टी के बर्तन बेचने पड़े। फरवरी 2022 की बात है। बेटी सड़क किनारे बर्तन बेच रही थी। तब स्वार कोतवाल वहां से गुजरे। बेटी को देखा तो उससे बात की।
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परिवार की स्थिति जानने के बाद बेटी का स्कूल में कक्षा तीन में प्रवेश दिलाया और वादा किया कि 12वीं तक की पढ़ाई का खर्च उठाएंगे। अगर उन्होंने मदद का हाथ न बढ़ाया होता तो बेटी की पढ़ाई बीच में ही छूट सकती थी। आज उनकी बदौलत बेटी प्राइवेट स्कूल में पढ़ रही है और भविष्य के बड़े सपने देख रही है।
सूर्या जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाचार्य महेंद्र पाल सिंह ने बताया कि गुनगुन अब सातवीं कक्षा में आ गई है। उसकी फीस समय पर जमा होती है। पूर्व स्वार कोतवाल हरेंद्र सिंह उसकी पढ़ाई को लेकर समय-समय पर फोन करके जानकारी लेते हैं। गुनगुन भी मेहनत से पढ़ रही है।
गुनगुन से फोन पर होती है बात
बदायूं में सिविल लाइंस कोतवाली में तैनात हरेंद्र सिंह ने बताया कि स्वार कोतवाली से 30 जून 2022 को मेरा स्थानांतरण बदायूं हो गया था। तब मैं गुनगुन और उसके परिवार को अपना मोबाइल नंबर देकर आया था। गुनगुन फोन पर फीस से लेकर ड्रेस, काॅपी-किताब आदि जरूरत के बारे में बता देती है। मैं उसकी व्यवस्था कर देता हूं।