'मदरसों को आतंकवाद की फैक्ट्री बताना संकीर्ण सोच का प्रतीक', अरशद मदनी ने केशव प्रसाद मौर्य पर साधा निशाना
मौलाना अरशद मदनी ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को 'आतंकवाद की फैक्ट्री' बताने वाले बयान की कड़ी निंदा की है। उन्होंने इस बयान को भड़काऊ ...और पढ़ें

माैलान अरशद मदनी (फाइल फोटो)
HighLights
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद के मदरसों पर दिए बयान पर भड़की जमीयत।
मौलाना अरशद मदनी ने मदरसों की देश की आजादी में भूमिका पर जोर दिया।
संवाद सहयोगी, देवबंद (सहारनपुर)। जमीयत उलमा-ए-हिंद के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के उस बयान की कड़े शब्दों में निंदा की है, जिसमें उन्होंने मदरसों को आतंकवाद की फैक्ट्री बताया है। मदनी ने कहा कि यह बयान न केवल भड़काऊ, गैर जिम्मेदाराना और संवैधानिक पद की गरिमा के विरुद्ध है, बल्कि देश की महान धार्मिक एवं शैक्षिक परंपरा और भारतीय संविधान का भी अपमान है।
अरशद मदनी ने कहा कि ऐसा बयान वही व्यक्ति दे सकता है, जो न तो देश के इतिहास से परिचित हो और न ही मदरसों की भूमिका से। ऐसे वक्तव्य संकीर्ण सोच और नकारात्मक धारणा का प्रतीक हैं।
मदनी ने कहा कि जिन मदरसों को आज आतंकवाद का अड्डा कहा जा रहा है, उन्हीं मदरसों से निकले उलमा ने देश की आजादी का बिगुल फूंका था। दारुल उलूम देवबंद और उससे जुड़े महान उलमा की कुर्बानियां भारत के स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास का स्वर्णिम अध्याय हैं।
उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि चुनावी और सांप्रदायिक राजनीति के लिए मुसलमानों के साथ ही मदरसों को भी लगातार निशाना बनाया जा रहा है। मदनी ने कहा कि उपमुख्यमंत्री का पद किसी एक दल, धर्म या वर्ग का नहीं, बल्कि पूरे राज्य के सभी नागरिकों का संवैधानिक पद है।
संविधान की रक्षा की शपथ लेने वाले प्रत्येक जिम्मेदार व्यक्ति का दायित्व है कि वह समाज में एकता, विश्वास और आपसी सम्मान को मजबूत करे, न कि ऐसे बयान दे, जिनसे करोड़ों नागरिकों की भावनाएं आहत हों और सामाजिक सौहार्द को क्षति पहुंचे।
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सोमवार को विधानसभा के मानसून सत्र से पूर्व पत्रकारों से वार्ता के दौरान उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि मदरसा चाहे बांग्लादेश का हो, पाकिस्तान का हो या भारत का, सभी मदरसे आतंकवादियों को पैदा करने की फैक्ट्री हैं।