Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    कंपनी के MD का फर्जी WhatsApp अकाउंट बनाकर लेखाकार से पांच लाख ठगे, ऐसे फ्राड से बचाव के लिए यह रखें सावधानी

    By Deepak Prajapati Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Wed, 17 Jun 2026 05:50 PM (IST)

    Saharanpur News: सहारनपुर में साइबर ठगों ने एक कंपनी के प्रबंध निदेशक का फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर लेखाकार से पांच लाख रुपये की ठगी की। ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    HighLights

    1. पांच लाख रुपये नेट बैंकिंग के जरिए ट्रांसफर कराए गए।

    2. सहारनपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर शुरू की जांच।

    जागरण संवददाता, सहारनपुर। साइबर ठगों ने एक कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) का फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर कंपनी के लेखाकार से पांच लाख रुपए की ठगी कर ली। ठगों ने भुगतान के नाम पर बैंक खाते की जानकारी भेजी और नेट बैंकिंग के जरिए रकम अपने खाते में ट्रांसफर करा ली। मामले में पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

    शिवपुरी कालोनी, तोता चौक निवासी राजीव अग्रवाल ने बताया कि वह गोयल कैल कार्बोनेट लिमिटेड में लेखाकार के पद पर कार्यरत हैं। 16 जून को उनके मोबाइल पर कंपनी के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार गुप्ता के नाम से एक व्हाट्सएप मैसेज आया। मैसेज में तत्काल पांच लाख रुपये का भुगतान करने के निर्देश दिए गए थे।

    राजीव अग्रवाल ने मैसेज भेजने वाले से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन काल रिसीव नहीं हुई। इसके बाद उन्हें एक बैंक खाते का विवरण भेजा गया। एमडी का संदेश समझकर उन्होंने कंपनी के शिवालिक स्माल फाइनेंस बैंक खाते से नेट बैंकिंग के माध्यम से पांच लाख रुपये यूनिटी स्माल फाइनेंस बैंक के एक खाते में ट्रांसफर कर दिए।

    कुछ देर बाद जब कंपनी के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार गुप्ता ने फोन कर भुगतान के बारे में जानकारी ली, तब राजीव अग्रवाल ने उन्हें पूरी बात बताई। इस पर एमडी ने ऐसा कोई भी व्हाट्सएप मैसेज भेजने से इनकार कर दिया। इसके बाद राजीव अग्रवाल को एहसास हुआ कि साइबर ठगों ने फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर धोखाधड़ी की है।

    खबरें और भी

    पीड़ित की शिकायत पर थाना साइबर क्राइम पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। साइबर क्राइम थाना के कार्यवाहक प्रभारी संजीव कुमार ने बताया कि फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए होने वाली साइबर ठगी से बचने का सबसे प्रभावी तरीका ग्रुप इनवाइट सेटिंग्स को तुरंत बदलना और बिना प्रामाणिकता जांचे किसी भी वित्तीय योजना में निवेश न करना है।

    आजकल ठग लोगों को सीधे या सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप (जैसे स्टाक मार्केट टिप्स, वीआइपी ट्रेडिंग या पार्ट-टाइम जसब) में जोड़कर लाखों की धोखाधड़ी कर रहे हैं।

    सावधानी बरतना जरूरी

    - व्हाट्सएप की सेटिंग में जाएं। प्राइवेसी पर क्लिक करें और फिर ग्रुप विकल्प चुनें। वहां एवरी वन की जगह माई कांटेक्ट को सिलेक्ट करें। इससे केवल आपके फोन में सेव कान्टैक्ट्स ही आपको किसी ग्रुप में जोड़ पाएंगे।
    - भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के अनुसार, व्हाट्सएप पर मिलने वाले वीआइपी ट्रेडिंग टिप्स या फ्री इन्वेस्टमेंट कोर्स के झांसे में बिल्कुल न आएं।
    - कम समय में पैसा दोगुना करने या रोजाना फिक्स रिटर्न (कमीशन) का दावा करने वाले ग्रुप पूरी तरह फर्जी होते हैं
    - ग्रुप में आने वाले किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें और न ही कोई एपीके फाइल डाउनलोड करें।