सरकारी जमीन पर बनीं छह मस्जिद व मजार होंगे ध्वस्त, जिला प्रशासन ने जारी किए नोटिस
देवबंद के विभिन्न गांवों में सरकारी भूमि पर अवैध रूप से बनीं छह मस्जिद और मजारों को जिला प्रशासन ने ध्वस्त करने के नोटिस जारी किए हैं। प्रशासन ने अवैध ...और पढ़ें

(प्रतीकात्मक फोटो)
HighLights
देवबंद में सरकारी जमीन पर अवैध निर्माणों को नोटिस।
छह मस्जिद और मजारों को ध्वस्त करने की तैयारी।
प्रशासन ने अवैध कब्जे हटाने को दिया एक पखवाड़ा।
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। देवबंद के विभिन्न गांवों में सरकारी भूमि पर कब्जा कर बनाई गईं मस्जिद और मजारों को जिला प्रशासन ने नोटिस जारी किए हैं। सरकारी जमीन पर मस्जिद-मजार बनाने के 11 मामलों में से छह की पुष्टि होने पर अवैध निर्माण हटाने के लिए प्रशासन ने एक पखवाड़े का समय दिया है। निर्माण न हटाने की दशा में प्रशासन कार्रवाई करते हुए भूमि से कब्जा हटवाने के लिए ध्वस्तीकरण व अन्य कार्रवाई करेगा। शेष पांच अभी सक्षम न्यायालय में विचाराधीन हैं, जिनमें निर्णय आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। शिकायत के आधार पर जिला प्रशासन ने जांच कराई, जिसमें सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे के मामले उजागर हुए हैं।
गांव सोहनचिड़ा में वर्ष 2012 में करीब 0.0172 हेक्टेयर भूमि पर अवैध मस्जिद बना ली गई। जमीन का वर्तमान में मूल्य 11.52 लाख रुपये है। देवबंद तहसीलदार ने मस्जिद के मुतवल्ली अहसान को नोटिस जारी किया है। नोटिस में उन्हें 25 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति जमा करने का निर्देश दिया गया है। गांव पांडौली में भी 0.0300 हेक्टेयर भूमि पर मस्जिद बनाकर पक्का निर्माण किया गया है। वर्तमान में इस संपत्ति का बाजार भाव लगभग 20.01 लाख रुपये है। गांव छलौली परगना नागल में भी सरकारी भूमि 0.2900 हेक्टेयर पर अवैध पक्का मदरसा बना लिया गया। इस निर्माण से राजस्व विभाग को करीब 19.69 लाख रुपये का नुकसान हुआ।
देवबंद के ही गांव अंबेहटा शेखा में सरकारी जमीन 0.1000 हेक्टेयर पर कब्जा कर मदरसे का निर्माण कर लिया गया। राजस्व विभाग को 17.50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। गांव पहाड़पुर में भी सरकारी जमीन पर कब्जा कर मस्जिद बनाने से राजस्व विभाग को 41.20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। देवबंद तहसील के गांव अंबेहटा शेखा में मस्जिद का निर्माण कराया गया।
कब्जाधारियों ने 0.100 हेक्टेयर जमीन पर मस्जिद का निर्माण कर लिया। इसमें राजस्व विभाग को 17.50 लाख रुपये का नुकसान हुआ। देवबंद तहसीलदार ने सभी प्रबंधकों को 13 जुलाई को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का समय दिया है। नोटिस में कहा गया है कि यदि निर्धारित समय सीमा में जवाब नहीं दिया जाता तो मामले में एक पक्षीय आदेश पारित किया जाएगा।
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प्रशासन की ओर से इन्हें दिए गए नोटिस
-अक्सा मस्जिद गांव सोहनचिड़ा नागल मुतवल्ली अहसान
-मदीना मस्जिद गांव पांडौली नागल प्रबंधक रिजवान नागल
-मदरसा दारूरसलाम गांव छलौली नागल प्रबंधक तौसीफ
-मदरसा मुतवल्ली मुर्तजा गांव अंबेहटा शेखा देवबंद
-मस्जिद द्वारा हाफिज गुलबहार गांव पहाड़पुर नागल
-मस्जिद मुतवल्ली मोहतसीम पुत्र निसार गांव अंबेहटा
सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे स्वीकार नहीं
सरकारी भूमि पर किसी भी दशा में अवैध कब्जे स्वीकार नहीं किए जाएंगे। जांच में जिन स्थानों पर कब्जे मिले हैं, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया पूरी कर हटवाने की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। अरविंद कुमार चौहान, जिलाधिकारी।