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दीपावली खरीदारी में साइबर ठगों से रहें सावधान, सस्ते ऑफर का लालच पड़ सकता है भारी

Published: Fri, 06 Nov 2026 07:47 PM (IST)

त्योहारी सीजन में साइबर ठग सक्रिय हो गए हैं, जो दीपावली की खरीदारी के दौरान आकर्षक लेकिन फर्जी ऑफर के लिंक भेजकर लोगों को निशाना बना रहे हैं।

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HighLights

  1. त्योहारी सीजन में साइबर ठग सक्रिय, भेज रहे फर्जी लिंक।

  2. अनजान लिंक पर क्लिक करने से खाली हो सकता है खाता।

  3. आधिकारिक वेबसाइट से ही करें खरीदारी, रहें सतर्क।

जागरण संवाददाता, सहारनपुर। त्योहारी सीजन में बाजार से लेकर इंटरनेट मीडिया तक आकर्षक ऑफर की धूम है। दीपावली की खरीदारी के लिए लोग ऑनलाइन शापिंग प्लेटफार्म पर भारी छूट और कैशबैक की तलाश कर रहे हैं। इसी का फायदा साइबर ठग भी उठा रहे हैं।

मोबाइल फोन, वॉट्सएप, फेसबुक और ईमेल पर 70 से 90 प्रतिशत तक छूट देने वाले लुभावने संदेश भेजकर लोगों को जाल में फंसाया जा रहा है। ऐसे में जरा सी लापरवाही आपकी मेहनत की कमाई पर भारी पड़ सकती है। अनजान लिंक पर एक क्लिक करते ही बैंक खाते से रकम गायब हो सकती है।

मिलते-जुलते नाम से फर्जी वेबसाइटें

पांच दिवसीय पर्व दीपोत्सव की तैयारियों में लोग जुटे हुए हैं। कपड़ें, इलेक्ट्रानिक सामान, मोबाइल, घरेलू उपकरण और उपहारों की ऑनलाइन खरीदारी बढ़ रही है। साइबर ठग इसी मौके को भुनाने के लिए नामी कंपनियों और शापिंग वेबसाइट के मिलते-जुलते नाम से फर्जी वेबसाइट तैयार कर रहे हैं। इन पर आकर्षक ऑफर दिखाकर ग्राहकों को खरीदारी के लिए प्रेरित किया जाता है।

कई बार लिंक पर क्लिक करते ही फर्जी पेमेंट पेज खुल जाता है, जहां बैंकिंग संबंधी जानकारी भरते ही ठग उसका दुरुपयोग कर सकते हैं। कुछ मामलों में फर्जी एप डाउनलोड कराने या ओटीपी हासिल करने की कोशिश भी की जाती है। साइबर थाना पुलिस ने भी लोगों को ऐसे ऑनलाइन ऑफर से सतर्क रहने की सलाह दी है।

पुलिस का कहना है कि किसी भी अनजान नंबर से आए डिस्काउंट लिंक पर भरोसा न करें। कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या एप पर जाकर ही ऑफर की पुष्टि करें। जरूरत से ज्यादा छूट का दावा करने वाले संदेशों को संदेह की नजर से देखें।

इन सावधानियों से बचा सकते हैं अपनी कमाई

  • वॉट्सएप, एसएमएस और ईमेल पर आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें।
  • खरीदारी हमेशा कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या प्रमाणित एप से करें।
  • किसी अनजान वेबसाइट पर बैंक खाता, कार्ड नंबर, सीवीवी और यूपीआइ पिन साझा न करें।
  • किसी भी व्यक्ति को ओटीपी, एटीएम पिन या यूपीआइ पिन न बताएं।
  • डिस्काउंट के नाम पर भेजे गए क्यूआर कोड को बिना जांचे स्कैन न करें।
  • पैसे प्राप्त करने के लिए यूपीआइ पिन डालने की जरूरत नहीं होती।
  • मोबाइल में अनजान एप या एपीके फाइल डाउनलोड न करें।
  • ऑनलाइन भुगतान से पहले वेबसाइट का यूआरएल और विक्रेता की विश्वसनीयता जरूर जांचें।
  • खरीदारी के लिए सार्वजनिक वाई-फाई का इस्तेमाल करने से बचें।

किसी व्यक्ति के साथ ऑनलाइन ठगी हो जाती है तो बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर काल करें। इसके अलावा साइबर अपराध की शिकायत आधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर दर्ज कराएं। जितनी जल्दी शिकायत की जाएगी, रकम को रोकने या वापस दिलाने की संभावना उतनी बेहतर हो सकती है। त्योहार की खुशियों को साइबर ठगों की चाल का शिकार न बनने दें। थोड़ी सी सतर्कता आपकी जमा पूंजी सुरक्षित रख सकती है।

-व्योम बिंदल, एसपी सिटी व नोडल साइबर

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