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जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े दस्तावेज साथ ले गई ईडी, CA दीपक गुप्ता के ठिकाने पर पहुंची थी टीम

Updated: Fri, 21 Aug 2026 02:03 AM (IST)

ईडी ने जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच में सहारनपुर के सीए दीपक गुप्ता के यहां से महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए हैं। इस कार्रवाई से आजम खान से जुड़े लोगों और उनके वित्तीय नेटवर्क को लेकर हलचल तेज हो गई है।

जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े दस्तावेज साथ ले गई ईडी की टीम।

जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़े दस्तावेज साथ ले गई ईडी की टीम।

HighLights

  1. ईडी ने सहारनपुर में सीए दीपक गुप्ता के यहां छापा मारा।

  2. जौहर विश्वविद्यालय से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए।

  3. आजम खान के वित्तीय नेटवर्क की जांच तेज हुई।

जागरण संवाददाता, सहारनपुर। जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई से सहारनपुर में दूसरे दिन भी हलचल रही। सूत्रों के मुताबिक, ईडी की टीम ने चार्टर्ड अकाउंटेंट दीपक गुप्ता के यहां पहुंचकर जौहर विश्वविद्यालय से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच की और कुछ कागजात अपने साथ ले गई।

बताया जा रहा है कि दीपक गुप्ता ने दीपक गोयल के माध्यम से जौहर विवि में एक बार आडिट किया था। इसके बाद आजम खान से जुड़े लोगों और उनके वित्तीय नेटवर्क को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी की टीम ने दीपक गुप्ता से जुड़े वित्तीय दस्तावेजों, खातों और जौहर विश्वविद्यालय से संबंधित रिकर्ड को खंगाला। दस्तावेजों में विश्वविद्यालय की वित्तीय गतिविधियों, लेन-देन और उससे जुड़े संस्थानों या व्यक्तियों से संबंधित रिकार्ड शामिल होने की बात कही जा रही है। हालांकि, ईडी की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि कौन-कौन से दस्तावेज जब्त किए गए और उनकी जांच का अगला चरण क्या होगा।

दीपक गुप्ता से जुड़े अन्य सीए भी निगरानी में

ईडी की कार्रवाई के बाद दीपक गुप्ता से पेशेवर या वित्तीय रूप से जुड़े रहे अन्य चार्टर्ड अकाउंटेंट को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसी कुछ ऐसे वित्तीय लेन-देन और दस्तावेजों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है, जिनका संबंध जौहर विश्वविद्यालय या उससे जुड़े लोगों से हो सकता है। ऐसे में आने वाले दिनों में कुछ अन्य सीए और वित्तीय सलाहकार भी पूछताछ के दायरे में आ सकते हैं।

जांच का केंद्र केवल किसी एक व्यक्ति या संस्थान तक सीमित है या इससे जुड़े व्यापक वित्तीय नेटवर्क की पड़ताल की जा रही है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल एजेंसी की कार्रवाई को लेकर स्थानीय स्तर पर कई तरह की चर्चाएं हैं।

आजम खान से जुड़े सफेदपोशों में बढ़ी बेचैनी

ईडी की इस कार्रवाई के बाद आजम खान से जुड़े रहे राजनीतिक, कारोबारी और सामाजिक प्रभाव वाले लोगों में भी हलचल देखी जा रही है। जौहर विश्वविद्यालय लंबे समय से आजम खान से जुड़ा प्रमुख संस्थान रहा है और इससे संबंधित विभिन्न मामलों में पहले भी जांच एजेंसियों की कार्रवाई सामने आती रही है।

ऐसे में सीए के यहां हुई कार्रवाई को इसी व्यापक जांच के संदर्भ में देखा जा रहा है। सहारनपुर जिले में बड़ी संख्या में सफेदपोशों पर आजम खान का सपा सरकार में मंत्री रहते हुए वरद हस्त रहा था।

दस्तावेजों की जांच से खुल सकती हैं नई कड़ियां

जानकारों का मानना है कि वित्तीय जांच में दस्तावेजों और खातों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। यदि बरामद रिकार्ड से किसी लेन-देन, संपत्ति या वित्तीय व्यवस्था की नई कड़ी सामने आती है तो जांच का दायरा और बढ़ सकता है। फिलहाल निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि ईडी दस्तावेजों की जांच के बाद क्या कदम उठाती है और क्या अन्य लोगों को पूछताछ के लिए बुलाया जाता है।

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