Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    MSU में संचालित हैं ऐसे तीन कोर्स, जो आसपास के विश्वविद्यालयों में भी नहीं, प्रवेश प्रक्रिया 15 मई तक शुरू होने की आस 

    By Vishva Pratap Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Sat, 09 May 2026 04:52 PM (IST)

    Maa Shakumbhari University admissions : मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय में समर्थ पोर्टल की तकनीकी समस्या के कारण प्रवेश प्रक्रिया में देरी हुई है। अब 15 म ...और पढ़ें

    News Article Hero Image

    HighLights

    1. पहले 18 अप्रैल से प्रवेश के लिए पंजीकरण शुरू करने की थी तैयारी

    2. समर्थ पोर्टल की ओर से पेमेंट विंडो का लिंक न दिए जाने से हुई देरी

    जागरण संवाददाता, सहारनपुर। मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय में तैयारी के बावजूद प्रवेश प्रक्रिया अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। समर्थ पोर्टल से पेमेंट विंडो का लिंक नहीं मिलने के चलते विश्वविद्यालय में प्रवेश प्रक्रिया लटकी हुई है।
    हालांकि समर्थ पोर्टल की टीम से बातचीत के बाद अब समस्या का समाधान होने तथा 15 मई तक प्रवेश के लिए पंजीकरण शुरू होने की बात कही जा रही है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने सभी कालेजों से उनके पास उपलब्ध संसाधनों की जानकारी मांगी है।

    मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय परिसर और इससे संबद्ध कालेजों से उच्च शिक्षा हासिल करन का सपना संजो रहे छात्र-छात्राओं को जल्द ही राहत मिलेगी। एमएसयू परिसर और कालेजों में स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए नए सत्र की प्रवेश प्रक्रिया 15 मई तक शुरू होने की उम्मीद है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने सभी कालेजों को पत्र लिखकर उनके यहां तैनात शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी, भवन व अन्य संसाधनों का ब्योरा 12 मई तक उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।

    इसके बाद ही उक्त कालेजों में प्रवेश को पंजीकरण शुरू कराए जाएंगे। हालांकि विश्वविद्यालय परिसर में स्नातक स्तर पर केवल दो पाठ्यक्रम संचालित हैं, जबकि परास्नातक स्तर पर 28 पाठ्यक्रमों में प्रवेश होंगे। मां शाकुंभरी विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर पर सिर्फ दो पाठ्यक्रम बीबीए और बीकाम संचालित हैं। दोनों पाठ्यक्रमों में 60-60 सीटें हैं। इसके साथ ही 10 प्रतिशत सीटें ईडब्लयूएस के लिए अलग से बढ़ाई जा सकती हैं। 

    इन पाठ्यक्रमों में ले सकते हैं प्रवेश

    वहीं परास्नातक स्तर पर 28 पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। इनमें से एमबीए (आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एंड मशीन लर्निंग), एमकाम (एंटरप्रिन्योरशिप एंड फैमिली बिजनेस) और एमएससी (पब्लिक हेल्थ) जैसे पाठ्यक्रम आसपास के किसी विश्वविद्यालय में संचालित नहीं हैं।

    खबरें और भी

    इसके अलावा एमए-एआइ, एमए (लाइफलांग लर्निंग एंड एक्सटेंशन), मास्टर इन सोशल वर्क, एमएससी-स्टेटिस्टिक्स, एमएससी-फिजिक्स, एमएससी-केमेस्ट्री, एमए (ह्यमून राइट्स एंड ड्यूटीज), एमए-सोशियोलाजी, एमए-वुमेन्स स्टडीज, एमएससी-मैथमेटिक्स, एमएससी-जूलाजी, एमएससी-एनवायरन्मेंटल स्टडीज, एमएससी-बाटनी, मास्टर आफ ला, एमए-संस्कृत, एमए-पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, एमए-साइकोलाजी, एमए-पालिटिकल साइंस, एमए-फिलास्फी, एमए-हिस्ट्री, एमए-हिंदी, एमए-इंग्लिश एंड कल्चरल स्टडीज, एमए-डिफेंस एंड नेशनल सिक्योरिटी, एमए-कम्युनिटी एजुकेशन एंड डिस्एबिलिटीज, एमए-एनसिएंट इंडियन हिस्ट्री, कल्चर एंड आर्कियोलाजी तथा एमए-इकानोमिक्स पाठ्यक्रम में भी परिसर में प्रवेश ले सकते हैं।

    पीजी स्तर पर संचालित सभी पाठ्यक्रमों में 30-30 सीटें

    पीजी स्तर पर संचालित सभी पाठ्यक्रमों में 30-30 सीटें हैं। पीजी के पाठ्यक्रमों में प्रवेशार्थियों की संख्या अधिक होने पर ईडब्ल्यूएस कोटे में तीन-तीन सीटें अलग से बढ़ाई जा सकती हैं। वहीं एमएसयू से संबद्ध सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली जनपदों के 217 कालेजों में कुल एक लाख 12 हजार 583 सीटें हैं। इनमें 52 हजार से ज्यादा सीटें आर्ट फैकल्टी की हैं।

    विश्वविद्यालय परिसर में यूजी और पीजी पाठ्यक्रमों में प्रवेश की तैयारी पूरी हैं। समर्थ पोर्टल की ओर से पेमेंट विंडो न खोले जाने की वजह से प्रक्रिया में थोड़ा विलंब हुआ। अब समस्या हल हो गई है। कालेजों से संसाधनों का ब्योरा मिलने के बाद 15 मई तक प्रवेश के लिए पंजीकरण शुरू होने की उम्मीद है। विश्वविद्यालय में कौशल विकास संबंधी कुछ नए पाठ्यक्रम भी तैयार कराए जा रहे हैं ताकि छात्र-छात्राओं को राेजगारोन्मुख शिक्षा से जोड़ा जा सके।
    -प्रोफेसर वाई विमला, कुलपति