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    नकुड़ विधानसभा क्षेत्र: नहीं बना बस अड्डा, स्वास्थ्य केंद्रों पर डॉक्टर नहीं; विधायक ने गिनाईं उपलब्धियां

    By Sanjeev Kumar Gupta Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Thu, 06 Aug 2026 05:56 PM (GMT+05:30)

    Uttar Pradesh MLA Report Card: सहारनपुर की नकुड़ सीट से विधायक मुकेश चौधरी के कार्यकाल में ग्रामीण सड़कों में सुधार और पानी की टंकी का निर्माण आदि कार ...और पढ़ें

    नकुड़ विधानसभा क्षेत्र

    नकुड़ विधानसभा क्षेत्र

    HighLights

    1. ग्रामीण सड़कों में सुधार, पेयजल के लिए ओवरहेड टैंक बने।

    2. बस अड्डा, मुंसिफ कोर्ट, स्वास्थ्य सुविधाओं के वादे अधूरे।

    जागरण संवाददाता, सहारनपुर। नकुड़ विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक मुकेश चौधरी के सवा चार साल के कार्यकाल का आकलन करें तो हरियाणा सरकार द्वारा बनवाए गए पुल को क्षेत्र के नसरूल्लागढ़ से जोड़ने के लिए विधायक के प्रयास से सड़क का निर्माण कराया जा रहा है।

    चुनाव में किए गए अधिकांश वादे अधूरे ही हैं। हालांकि क्षेत्र में संपर्क मार्गों की हालत सुधरी है। पेयजल की समस्या के समाधान के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में कईं वाटर ओवरहेड टैंक बनवाए गए। गांव बाधी, नाहरमाजरा, रानीपुर सहित कई अन्य गांवों में आज भी अंत्येष्टि स्थल नहीं बनवाए जा सके हैं।

    कई विकास के वादे अधूरे हैं। स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार के कोई काम नहीं हो सका। चुनाव के दौरान किए गए वादों में बस अड्डे का निर्माण, तहसील मुख्यालय पर किसानों की उपज बेचने को मंडी स्थल का निर्माण व वर्षों से तहसील मुख्यालय पर मुंसिफ कोर्ट/ ग्रामीण कोर्ट स्थापित करने की मांग पूरी नहीं हो सकी।

    हालांकि लगभग पांच साल पहले बनाया गया अधिवक्ता हाल, अधिवक्ताओं ने मुंसिफ कोर्ट बनाने के लिए दे दिया था। इसके बावजूद मुंसिफ कोर्ट स्थापित करने का वादा पूरा होता दिखाई नहीं देता। क्षेत्र के कस्बे नकुड़, सरसावा व चिलकाना में रोडवेज बस स्टैंड नहीं होने से यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ती है। यहां बसें सड़कों के किनारों पर खड़ी की जाती हैं। सड़क किनारे ही यात्रियों को उतारा व चढ़ाया जाता है, जो कभी भी बडी दुर्घटना का सबब बन सकता है।

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    हालांकि करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से गांव अध्याना में स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण कराया गया। यहां लगाई गई घटिया सामग्री से ग्रामीण नाराज हैं। इसके अलावा गांव अध्याना में राजकीय कन्या महाविद्यालय का निर्माण, गांव में ही एनटीपीसी द्वारा दिए गए बजट से 1.65 करोड़ रुपये से तालाब का सुंदरीकरण कराया गया।

    विधायक निधि से ग्रामीण क्षेत्रों में सीसी रोड, नालियां संपर्क मार्गों की मरम्मत, लेपन कराया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में संपर्क मार्गों की हालत सुधरी है, जबकि स्वास्थ्य क्षेत्र में स्थिति दयनीय बनी रही है। यहां गत पांच वर्षों से टाबर, अध्याना, फंदपुरी सहित किसी भी पीएचसी पर चिकित्सक नियुक्त नहीं किए जा सके। फार्मासिस्ट ही मरीजों के स्वास्थ्य का जिम्मा संभाले हुए हैं।

    नकुड़ विधानसभा क्षेत्र

    कुल मतदाता---------336001

    पुरुष---------------180968
    महिला-------------155033

    विधायक ने गिनाए करोड़ों के विकास कार्य  

    विधायक मुकेश चौधरी का कहना है कि आमजन की समस्याओं के दृष्टिगत क्षेत्र में 56 करोड़ रुपये ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों, सीसी रोड, नालों, नालियों व अन्य कार्यों पर खर्च किए गए। गांव अध्याना में पांच करोड़ रुपये की लागत से स्पोर्ट्स स्टेडियम का निर्माण कराया गया। इससे क्षेत्र के युवाओं को विभिन्न खेलों की तैयारी करने में मदद मिलेगी।

    राजकीय कन्या महाविद्यालय के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्र के कई गांवों की छात्राओं को उच्च शिक्षा ग्रहण करने में सहायता मिलेगी। हरियाणा के गांव नसरुल्लागढ़ के पास बने यमुना नदी के पुल से संपर्क मार्ग का निर्माण कराया जा रहा है, इससे क्षेत्र के लोगों को हरियाणा पहुंचने में मदद मिलेगी।

    विधायक ने बताया कि गांव टोडरपुर में 40 करोड़ से सिंचाई प्रोजेक्ट व पंचकुआं में 16 करोड़ से सड़क निर्माण, गांव असदपुर में 29 करोड़ से बनने वाले मुख्यमंत्री कंपोजिट स्कूल के लिए भूमि पूजन किया गया है, इन सभी योजनाओं पर शीघ्र ही काम शुरू किया जाना है। शाहजहांपुर में हाईवे पर क्रासिंग की समस्या से निजात दिलाने के लिए रेलवे लाइन पर ब्रिज का निर्माण कराया गया।

    रनर अप प्रत्याशी बोले- घोषणाएं नहीं, जमीन पर दिखाई देने वाला विकास चाहती है जनता

    पिछले विधानसभा चुनाव में तीसरे स्थान पर रहे बसपा प्रत्याशी साहिल खान अब समाजवादी पार्टी में शामिल हो गए हैं। इनका कहना है कि क्षेत्र की जनता ने डबल इंजन सरकार से विकास के बड़े-बड़े वादे सुने थे, लेकिन ज़मीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।

    सड़कें, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और किसानों की समस्याएं आज भी जस की तस हैं। यदि विकास के दावे सही हैं तो जनता को अभी भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष क्यों करना पड़ रहा है? जनता अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाला विकास चाहती है।

    प्रत्याशी साहिल खान कहते हैं कि किसानों को सहकारी समितियों पर खाद नहीं मिल रहा। बाजारों में नकली कीटनाशकों से किसानों को आर्थिक रूप से बड़ा नुकसान हो रहा है। तहसील मुख्यालय नकुड़ के अलावा सरसावा व चिलकाना आदि में कहीं भी बस अड्डे तक की सुविधा तक उपलब्ध नहीं है। तहसील मुख्यालय पर मुंसिफ कोर्ट तक नहीं है।

    जनता कहिन

    विधायक ने विकास कार्यों के नाम पर क्षेत्र में कुछ खास नहीं किया। सीएचसी व पीएचसी पर डाक्टर ही नहीं हैं। सीएचसी पर खून की जांच के लिए मशीनें तो लगाई गई हैं, लेकिन जांच की सही रिपोर्ट तैयार करने के लिए लैब टेक्नीशियन नहीं हैं।
    -शकील राणा, मुहल्ला मुंशीपुरा

    विधायक ने क्षेत्र में विकास कार्यों को बड़ी गति दी है। करोड़ों रुपये के विकास कार्य क्षेत्र के प्रत्येक गांव में बगैर किसी भेदभाव के कराए गए। सरकारी स्कूलों में अतिरिक्त कक्षा कक्ष बनवाए गए हैं, जिससे छात्र-छात्राओं को सुविधा हुई है।
    -मनीष चौधरी, गांव रणदेई

    गांवों में सीसी रोड व नालियों का निर्माण कराया गया। कईं सरकारी स्कूलों में भवन बनवाए गए। अध्याना में स्पोर्ट्स स्टेडियम के निर्माण से खेल प्रतिभाओं का लाभ मिलेगा। पथ प्रकाश व्यवस्था के लिए एनटीपीसी के सहयोग से सोलर पैनल व खंभे लगवाए गए।
    -राजेश शर्मा, गांव जुड्डी

    नगर के निचले हिस्से में जल निकासी बड़ी समस्या है। तालाब के रखरखाव के लिए नगरवासी लंबे समय से मांग करते रहे हैं लेकिन रखरखाव ठीक से न होने से बरसात में तालाब का पानी ओवरफ्लो होकर सड़कों, गलियों में भर जाता है, जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
    -शाहरुख, मुहल्ला अफगानान।