सिपाही राहुल ढाका हत्याकांड: मुकीम काला गैंग के दो सदस्यों को उम्रकैद; गोली मारकर लूटी थी कार्बाइन
Saharanpur News: सहारनपुर में सिपाही राहुल ढाका हत्याकांड के दो दोषियों महताब और सादर को अदालत ने आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। दोनों बदमा ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 17 गवाह पेश किए।
बदमाशों ने पेट्रोल पंप लूटकर भागते समय की थी राहुल की हत्या।
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। एडीजे संजय कुमार की अदालत ने सहारनपुर में बहुचर्चित सिपाही राहुल ढाका हत्याकांड के दो बदमाशों को आजीवन कारावास और अर्थ दंड की सजा सुनाई है। पेट्रोल पंप लूटकर भाग रहे इन बदमाशों का सरगना मुकीम काला था। 14 मई 2021 को मुकीम काला चित्रकूट जेल में गैंगवार में मारा गया था। बाकी बचे दो आरोपितों को अदालत ने गुरुवार को सजा सुनाई।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता शिव सिंह ने बताया कि मामले की रिपोर्ट पांच जून 2013 को सीओ उमेश कुमार यादव ने थाना सदर बाजार में दर्ज कराई थी। कहा गया था कि पांच जून 2013 की सुबह करीब साढ़े नौ बजे आरटी सेट पर सूचना मिली कि थाना चिलकाना क्षेत्र में बदमाशों ने पेट्रोल पंप में लूट की है।
बदमाश सफेद रंग की वर्ना कार से भागे थे। सूचना पर सीओ उमेश यादव के गनर रामकुमार व गनर राहुल ढाका और चालक ऋषिपाल के साथ चिलकाना के लिए चले। चौकी नाला पटरी थाना कुतुबशेर पहुंचने पर सामने से बदमाशों की गाड़ी आ गई। उसमें चार बदमाश बैठे थे। जब तक पुलिस टीम अपनी गाड़ी रोकती। बदमाशों की गाड़ी बराबर से गुजर गई। इसके बाद पुलिस टीम फिर से बदमाशों के पीछे लग गई थी।
इसके बाद बदमाशों ने अचानक गाड़ी गलीरा रोड पुलिया की तरफ मोड़ दी थी। जहां अचानक ट्रैक्टर ट्राली सामने आ जाने से रास्ता बंद हो गया था। जिसके बाद गनर राहुल ढाका ने बदमाशों की गाड़ी की खिड़की खोलकर अपनी कार्बाइन तान दी थी। गाड़ी में अंदर बैठे बदमाशों ने जान से मारने की नियत से राहुल पर फायर कर दिया था।
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जिसके बाद राहुल मौके पर ही गिर गया। इसी अफरा-तफरी में बदमाश राहुल की कार्बाइन व एक मैगजीन व 22 कारतूस उठाकर फायरिंग करते हुए गलीरा रोड पर अपनी गाड़ी छोड़कर भाग गए। बदमाशों ने भागते समय पुलिस टीम पर फायर किए थे।
इस मामले में पुलिस ने विवेचना के बाद 27 नवंबर 2013 को आइपीसी की धारा 307 302 420 467 468 471 और 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट में चार्टशीट पेश की। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 17 गवाह पेश किये गए। दोनों पक्षों की बहस सुनने तथा पत्रावली पर आए साक्ष्य के आधार पर न्यायाधीश संजय कुमार की अदालत ने महताब उर्फ काना निवासी गांव बलवा जिला शामली और सादर उर्फ खां साहब निवासी मुहल्ला शेख जादगान थाना तीतरो को दोषी करार दिया और सजा सुनाई।
जयपुर और अजमेर भेजे गए सजा के अधिपत्र
इस मामले में अदालत ने अपना फैसला सुनाने के बाद मेहताब और सादर उर्फखां साहब के वारंट जयपुर और अजमेर जेल को भेजे है। मेहताब केंद्रीय कारागार जयपुर में और सादर उर्फ खां साहब उच्च सुरक्षा कारागृह अजमेर में निरुद्ध हैं।
इन धाराओं में हुई सजा
मेहताब उर्फ जीवा तथा सादर उर्फ खां साहब को अदालत ने आईपीसी की धारा 302, 307, 7 क्रिमिनल अमेंडमेंट एक्ट और लूट के दो अन्य मुकदमों में सजा सुनाई है। इस मामले में अदालत ने अलग-अलग 75200-75200 का जुर्माना लगाया है। अदालत ने अपने आदेश में यह भी व्यवस्था दी है कि वसूले गए अर्थदंड का आधा हिस्सा राहुल ढाका के पारिवारिक सदस्य को और शेष आधा हिस्सा राजकोष में दिया जाएगा।