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    सहारनपुर एलिवेटेड पुल निर्माण में देरी, बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए पिलर; दिसंबर 2026 तक निर्माण पूरा होने का दावा

    By Vishva Pratap Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Sun, 31 May 2026 05:22 PM (GMT+05:30)

    सहारनपुर में भूरादेव से शाकुंभरी देवी मंदिर तक बन रहे एलिवेटेड पुल का काम धीमी गति से चल रहा है, सवा साल में केवल 30% ही पूरा हुआ है। ...और पढ़ें

    बाढ़ आने के चलते शाकंभरी परिक्षेत्र में निर्माणाधीन एलिवेटिड पुल का क्षतिग्रस्त पिलर। जागरण

    बाढ़ आने के चलते शाकंभरी परिक्षेत्र में निर्माणाधीन एलिवेटिड पुल का क्षतिग्रस्त पिलर। जागरण

    HighLights

    1. पुल निर्माण सवा साल में केवल 30% ही पूरा हुआ।

    2. बेमौसम बाढ़ से तीन पिलर क्षतिग्रस्त, तिरछे हुए।

    3. सेतु निगम ने दिसंबर 2026 तक पूरा करने का दावा।

    जागरण संवाददाता, सहारनपुर। भूरादेव मंदिर से शाकुंभरी देवी मंदिर के निकट बरसाती नदी पर निर्माणाधीन एलिवेटेड पुल का कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है। फरवरी 2025 से शुरू हुआ निर्माण सवा साल में मात्र 30 प्रतिशत पूरा हो पाया है। हालांकि सेतु निगम के अधिकारी दावा है कि निर्माण कार्य को दिसंबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।

    माता शाकुंभरी सिद्धपीठ मंदिर पर हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। हालांकि शिवालिक की पहाड़ियों पर बरसात होते ही मंदिर परिक्षेत्र से गुजर रही बरसाती नदी में तेज बहाव के साथ पानी आने से श्रद्धालुओं के बहने का खतरा रहता है। कई बार श्रद्धालुओं व उनके वाहनों के बहने की घटना होने के चलते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भूरादेव मंदिर से माता शाकुंभरी मंदिर तक पुल निर्माण कराने का आश्वासन दिया था।

    शासन ने 46 करोड़ 78 लाख रुपये की लागत से करीब 1087 मीटर की दूरी में 180-180 मीटर लंबे के दो लेन के दो एलिवेटेड पुल और करीब 727 मीटर अप्रोच रोड बनवाने को स्वीकृति दी थी। उत्तर प्रदेश सेतु निगम ने बीते साल फरवरी माह में माता शाकुंभरी मंदिर के निकट बरसाती नदी (शाकुंभर खोल) में निर्माण कार्य का शुरू किया था। पिलर बनाने का कार्य शुरू करने के कुछ दिन बाद ही बरसात के सीजन में कार्य बाधित हो गया। शिवालिक की पहाड़ियों पर हुई बरसात के चलते तेज बहाव में आए पानी से मिट्टी बह जाने के चलते कई पिलर तिरछे हो गए थे।

    बरसात का सीजन खत्म होने के बाद सेतु निगम ने फिर से निर्माण कार्य शुरू कराया, लेकिन इसकी गति बेहद धीमी रही। करीब सवा साल बाद भी अभी तक मात्र 30 प्रतिशत कार्य ही पूरा हो पाया है। गुरुवार रात को हुई बेमौसम बरसात के आई भीषण बाढ़ ने शाकंभरी परिक्षेत्र में तबाही मचा दी। बाढ़ के पानी ने तीन पिलर भी तिरछे कर दिए।

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    बरसात के सीजन में पहाड़ी पर बनाई जाती है पुलिस चौकी

    शाकंभरी सिद्धपीठ परिक्षेत्र में श्रद्धालुओं को बाढ़ से बचाने के लिए बरसात के दिनों में सिद्धपीठ से करीब डेढ़ किलोमीटर आगे पहाड़ी पर माता रक्तदांतिका मंदिर के पास अस्थायी पुलिस चौकी की व्यवस्था रहती है। अस्थायी पुलिस चौकी पर 24 घंटे पुलिसकर्मी वायरलेस के साथ तैनात रहते हैं तथा ऊपर से पानी आने का आभास होते ही सिद्धपीठ में पुलिस चौकी पर सूचना दे दी जाती है।

    रक्तदंतिका मंदिर से शाकंभरी परिक्षेत्र तक बाढ़ का पानी आने में 10 से 15 मिनट का समय लगता है। शाकंभरी मंदिर से भूरादेव तक पूरा रास्ता खाली कराने के लिए पुलिस अनाउंसमेंट तथा सायरन के जरिये श्रद्धालुओं को अलर्ट करती है और बाढ़ पानी पहुंचने से पहले ही वाहनों व श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचा दिया जाता है। हालांकि यह व्यवस्था सिर्फ बरसात के मौसम में रहती है, अन्य दिनों में नहीं। अगर रक्तदंतिका मंदिर पर पुलिस चौकी सक्रिय होती तो गुरुवार को आई बाढ़ में जान-माल का नुकसान होने से बचा जा सकता था।
    दिसंबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा निर्माण
    भूरादेव से शाकंभरी देवी मंदिर के बीच एलिवेटेड पुल और अप्रोच रोड के निर्माण कार्य में बाढ़ की वजह से थोड़ी समस्या हुई है, लेकिन कार्य को निर्धारित समय अवधि में दिसंबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। फाउंडेशन वर्क (पिलर निर्माण) में ही ज्यादा समय लगता है, ऊपर का फ्रेमवर्क पूरा करने में ज्यादा समय नहीं लगेगा।-सुधीर भारद्वाज, परियोजना निदेशक, सेतु निगम