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    स्टोन क्रेशर मालिकों से रंगदारी वसूलने पर तीन गिरफ्तार, तीस लाख बरामद; मामले का दुबई और यू-ट्यूबरों से भी कनेक्शन

    By Sanju Kumar Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Sun, 19 Apr 2026 06:18 PM (IST)

    Saharanpur News : सहारनपुर पुलिस ने स्टोन क्रेशर मालिकों से लाखों की रंगदारी वसूलने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 30 लाख ...और पढ़ें

    रंगदारी के मामले में पकड़े गए आरोपितों के बारे में जानकारी देते एसपी देहात मयंक पाठक। जागरण

     रंगदारी के मामले में पकड़े गए आरोपितों के बारे में जानकारी देते एसपी देहात मयंक पाठक। जागरण 

    HighLights

    1. दुबई में बैठे खनन माफिया से फंडिंग लेकर उसके विपक्षियों के खिलाफ कराते थे मुकदमे दर्ज

    2. आरोपितों ने दो स्टोन क्रेशर मालिकों को ब्लैकमेल कर वसूली थी तीस लाख की रंगदारी

    जागरण संवाददाता, सहारनपुर। जनपद में स्टोन क्रेशर मालिकों को ब्लैकमेल कर लाखों रुपये की रंगदारी वसूलने वाले गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर राजफाश किया। आरोपितों के कब्जे से तीस लाख रुपये भी बरामद किए है।

    आरोपित तरह-तरह की धमकी देकर क्रेशर व्यापारियों को व्यवसाय में जबरदस्ती पार्टनर बनाने और सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर वीडियो वायरल करने की धमकी देते थे। दुबई में बैठे खनन माफिया इकबाल उर्फ बाला से फंडिंग लेकर उसके विपक्षियों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कराते थे।
    उसका नाम लेकर रंगदारी मांगते थे। दो क्रेशर मालिकों से तीस लाख रुपये आरेापितों ने ब्लैकमेल कर लिए थे। इनमे एक पीड़ित हरियाणा के यमुनानगर और दूसरा बेहट थानाक्षेत्र का रहने वाला है।

    पुलिस लाइन सभागार में एसपी देहात मयंक पाठक ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि 18 अप्रैल को हरियाणा के यमुनानगर के मंडौली गांव निवासी करण सिंह और बेहट थानाक्षेत्र के गांव असलमपुर बरथा निवासी रणवीर सिंह ने आरोपितों के खिलाफ डरा-धमका कर रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने पर बेहट थाने में केस दर्ज कराया था।

    इस मामले में पुलिस ने हरियाणा के यमुनानगर के बुरिया थानाक्षेत्र के मुहल्ला तेलियान निवासी प्रिंस, बेहट थानाक्षेत्र के नानौली गांव निवासी ईश्वरपाल और बेहट थानाक्षेत्र के नुनिहारी निवासी सुरेंद्र को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से पुलिस ने वसूली गई रंगदारी के तीस लाख रुपये भी बरामद किए है।

    आरोपितों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह स्टोन क्रेशर मालिकों को तरह-तरह धमकी देकर ब्लैकमेल करते थे। अवैध खनन संबंधित वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करते थे। इतना ही नहीं आरोपित खनन माफिया इकबाल उर्फ बाला से फंडिंग लेकर उसके विपक्षियों के खिलाफ मुकदमे भी दर्ज कराते थे।

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    इसके अलावा इकबाल उर्फ बाला का नाम लेकर स्टोन क्रेशर मालिकों को डरा-घमका कर रंगदारी भी लेते थे। पुलिस ने आरोपितों के माेबाइल को कब्जे में लिया है। पुलिस मोबाइल डाटा, सीसीटीवी वीडियो और आडियो फुटेज से गिरोह के अन्य सदस्यों को पकड़ने में जुटी है।

    यू-ट्यूबर भी पुलिस की रडार पर

    पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपित अवैध खनने से जुड़ी फुटेज और वीडियो यू-ट्यूबर को भेजते थे। ऐसे करीब पांच लोग बताए जा रहे है। जिनको आरोपितों ने वीड़ियो और फोटो साझा की है। जल्द ही पुलिस मामले में लिप्त अन्य आरोपितों को गिरफ्तार करेगी। ऐसे में यू-ट्यूबरों में भी खलबली मची हुई है.

    इकबाल ने अवैध खनन से कमाई अकूत संपत्ति

    मोहम्मद इकबाल उर्फ बाला पुत्र अब्दुल वहीद निवासी मिर्जापुर पोल ने बसपा शासन काल में अवैध खनन कर हजारों करोड़ रुपये बेनामी संपत्ति अर्जित की थी। लखनऊ तक पकड़ बनाने के लिए इकबाल रुपयों के दम पर पहले खुद बसपा से एमएलसी बना और इसके बाद छोटे भाई महमूद अली को एमएलसी बनवाया था।

    बसपा शासन काल में मंत्री से लेकर अधिकारी तक इकबाल के घर आते-जाते थे। अवैध खनन करते-करते इकबाल अवैध कब्जाधारी भी बन गया था।
    लोगों को डरा-धमकाकर या फिर फर्जी मुकदमों की धमकियां देकर उनकी जमीनें हड़पी। उसके खिलाफ सहारनपुर समेत कई जिलों और अन्य राज्यों के विभिन्न थानों में 50 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। थाना मिर्जापुर में वर्ष 2022 में गैंगस्टर एक्ट की धारा 2/3 के तहत मुकदमा पंजीकृत है.