Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    'मेरा मृत शरीर पत्नी को न दिखाया जाए; मेरी आत्मा अनंत काल तक भटकती रहे '... जिम संचालक की यह थी अंतिम इच्छा

    By Deepak Prajapati Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Mon, 03 Aug 2026 12:55 PM (IST)

    सहारनपुर में जिम संचालक देवदत्त शर्मा ने घरेलू कलह से परेशान होकर आत्महत्या कर ली। उन्होंने सुसाइड नोट में अपनी छह अंतिम इच्छाएं लिखी थीं, जिसमें पत्न ...और पढ़ें

    पिता को मुखाग्नि देता छोटा बेटा आदित्य शर्मा। जागरण

    पिता को मुखाग्नि देता छोटा बेटा आदित्य शर्मा। जागरण

    HighLights

    1. घरेलू कलह से परेशान जिम संचालक ने की आत्महत्या।

    2. सुसाइड नोट में पत्नी को शव से दूर रखने की इच्छा।

    3. मृतक ने आत्मा के अनंत काल तक भटकने की बात कही।

    संवाद सूत्र, सरसावा (सहारनपुर)। घरेलू कलह से परेशान होकर शनिवार रात करीब साढ़े सात बजे अपने सीने से तमंचा सटाकर गोली मारकर आत्महत्या करने वाले जिम संचालक देवदत्त शर्मा का शव रविवार को गांव सलेमपुर के श्मशान घाट मीरपुर रोड पर अंतिम संस्कार किया गया। आत्महत्या से पहले मृतक ने वाट्सएप पर छह बिंदुओं का एक सुसाइड नोट लिखा था। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद जब उनका शव घर पहुंचा तो स्वजन में कोहराम मच गया।

    देवदत्त शर्मा का अंतिम संस्कार उनकी इच्छा के अनुसार किया गया। उनके बेटे आदित्य शर्मा ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान उनके स्वजन के अलावा रिश्तेदार और मित्र भी मौजूद रहे। श्मशान घाट में मौजूद देवदत्त शर्मा के मित्र मुल्की सिंह, सतनाम सिंह चावला, मोहित वर्मा, सुमित चौधरी, सुमित सूद आदि ने कहा कि हमें उनके व्यवहार से कभी ऐसा नहीं लगा कि वह घरेलू मामले से परेशान हैं, इतना बड़ा कदम उठा लेंगे। यदि हमारा दोस्त अपने दुख-सुख को साझा कर लेता तो शायद यह दिन नहीं देखना पड़ता।

    देवदत्त की मौत ने हर किसी को विचलित कर दिया। परिवार और दोस्तों में देवदत्त शर्मा अपने मृदुल व्यवहार के लिए जाने जाते थे। देवदत्त शर्मा अपने बेटे आदित्य को भी वेटलिफ्टर बनाने में मेहनत कर रहे थे। पिता और पुत्र दोनों प्रदेश स्तरीय वेट लिफ्टर रहे हैं। हाल ही में आदित्य ने देहरादून में आयोजित बाली बिल्डिंग प्रतियोगिता के 74 किग्रा भार वर्ग में 135 किलो वजन उठाकर गोल्ड मेडल जीता था। पुलिस ने उस तमंचे और सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

    थाना प्रभारी प्रवेश शर्मा ने बताया कि इस मामले में कोई शिकायत अभी तक नहीं मिली है। देवदत्त शर्मा घूमने-फिरने के काफी शौकीन थे। हाल ही में वह कश्मीर और केदारनाथ भी गए थे। वह पिछले 26 वर्षों से राक जिम नाम से जिम चला रहे थे। पिछले दो वर्षों से वह बालाजी ग्रुप ऑफ कॉलेज में क्लर्क की नौकरी कर रहे थे, जहां उन्हें 17 हजार रुपये की सैलरी मिलती थी। कालेज से लौटने के बाद वह जिम जाते थे। देवदत्त शर्मा का बड़ा बेटा अभिषेक दुबई में नौकरी करता है, जबकि छोटा बेटा आदित्य चंडीगढ़ में फॉरेंसिक की पढ़ाई कर रहा है। देवदत्त शर्मा की 21 साल की बेटी नेहा शर्मा है।

    खबरें और भी

    पत्नी को नहीं जाने दिया शव के पास
    सुसाइड नोट में देवदत्त ने अपनी छह अंतिम इच्छाएं लिखी थीं। उन्होंने कहा कि मेरे मृत शरीर को पत्नी सीमा रानी को न दिखाया जाए और न ही उन्हें मेरे मृत शरीर के पास आने दिया जाए। उनकी इच्छा के अनुसार पत्नी को उनके शव के पास नहीं जाने दिया। उन्होंने लिखा कि मेरे निधन के बाद किसी भी प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान, कर्मकांड या अन्य धार्मिक कार्यों पर कोई धन व्यय न किया जाए। मेरी अंतिम क्रिया में केवल लकड़ी का प्रयोग किया जाए, गोबर से बने उपलों का प्रयोग न किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि मेरी आत्मा के संबंध में किसी प्रकार का धार्मिक कर्मकांड न किया जाए और मैं चाहता हूं कि मेरी आत्मा अनंत काल तक भटकती रहे। इसी के अनुसार अंतिम संस्कार किया गया।