लंगर भवन के निर्माण में सिख जुटे तो मुस्लिम भी पीछे न हटे... सौहार्द का परिचय दे कार सेवा में लिया भाग
सहारनपुर में मुस्लिम समुदाय ने गुरुद्वारा श्री गुरु सिंह सभा के लंगर भवन निर्माण में सिख भाइयों के साथ मिलकर कार सेवा की। यह पहल 2014 के दंगों के बाद ...और पढ़ें

गुरुद्वारा श्री गुरुसिंह सभा के लंगर हाल में लिंटर डाले जाने के दौरान कारसेवा करते गुरप्रीत सिंह बग्गा के साथ पूर्व सभासद मोहर्रम अली पप्पू। सौ. कमेटी
HighLights
सहारनपुर गुरुद्वारा लंगर भवन निर्माण में मुस्लिम समुदाय ने दिया सहयोग।
सिख-मुस्लिम भाईचारे और आपसी सौहार्द का उदाहरण प्रस्तुत किया।
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। महानगर सहारनपुर में एक बार फिर आपसी सौहार्द का उदाहरण देखने को मिला। गुरुद्वारा श्रीगुरू सिंह सभा के लंगर भवन के लिंटर डालने में मुस्लिम समुदाय ने सिख भाइयों के साथ मिलकर कार सेवा में भाग लिया। यह निर्माण कार्य गुरुद्वारा रोड पर चल रहा है। मंगलवार को लिंटर डालने के अवसर पर गुरुद्वारा के प्रधान सुजसबीर सिंह, जनरल सेक्रेटरी अमनप्रीत सिंह, गुरप्रीत सिंह बग्गा और पूर्व सभासद मोहर्रम अली पप्पू ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर सेवा की।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2014 में यहां एक भूमि विवाद को लेकर हुए दंगों में तीन व्यक्तियों की जान गई थी और करोड़ों की संपत्ति को नुकसान पहुंचा था। 2020 में जिला प्रशासन की पहल पर सिख और मुस्लिम समुदाय के बीच समझौता हुआ था।
गुरप्रीत सिंह बग्गा ने बताया कि समझौते के समय मोहर्रम अली पप्पू ने वादा किया था कि जब भी गुरुद्वारा में निर्माण कार्य होगा, वे पहले कार सेवा करेंगे। इस अवसर पर मुस्लिम कई लोग शामिल हुए। सिंह सभा के पदाधिकारियों ने मुस्लिम समाज के लोगों का शाल ओढ़ाकर सम्मान किया। इस दौरान हाजी नूर आलम, यामीन, मतीन, सईद और एडवोकेट शादान अली शामिल थे।