VIDEO: आधी रात को बजा सायरन, शाकंभरी नदी में इस वर्ष की सबसे भीषण बाढ़; पुलिस ने श्रद्धालुओं को रोका
शिवालिक पहाड़ियों पर हुई मूसलाधार वर्षा के बाद शाकंभरी नदी में भयंकर बाढ़ आ गई, जिससे माता शाकंभरी मंदिर परिक्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक दुकानें बह ग ...और पढ़ें
HighLights
मंदिर क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक दुकानें बहीं।
एलिवेटेड पुल निर्माण कर रही कंपनी का सामान भी बहा।
जागरण संवाददाता, बेहट (सहारनपुर)। शिवालिक पहाड़ियों पर हुई मूसलाधार वर्षा के बाद सोमवार की रात दो बजे शाकंभरी नदी में भयंकर बाढ़ आ गई। बाढ़ की तेज धार माता शाकंभरी मंदिर की सीढ़ियाें तक चढ़ गई। इसके चलते आसपास के मंदिर परिक्षेत्र में संचालित दुकानें भी बाढ़ के पानी की धार की चपेट में आ गई।
इससे आधा दर्जन से अधिक दुकानें पूरी तरह बह गईं, जबकि कई दुकानों का सामान भी बह गया। इतना ही नहीं परिक्षेत्र में एलिवेटेड पुल निर्माण कर रही कंपनी का सामान पानी की धार में बह गया। बता दें कि 30 मई को भी माता शाकंभरी परिक्षेत्र में बाढ़ ने तबाही मचाई थी, जिसमें दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी तथा 50 से ज्यादा दुकानें बह गई थीं।
शाकंभरी सिद्धपीठ परिक्षेत्र में रविवार को दिन से ही रुक-रुक कर वर्षा हो रही थी। रविवार रात में शिवालिक पहाड़ियों पर भारी वर्षा के बाद करीब दो बजे शाकंभरी नदी में अचानक बाढ़ आ गई। पानी आने से कुछ समय पहले ही जैसे ही चौकी पुलिस को सूचना मिली तो उन्होंने सायरन बजा दिया और अनाउंसमेंट कर परिक्षेत्र में अलर्ट जारी कर दिया।
हालांकि उसे समय नदी में कोई नहीं था। पुलिस द्वारा रविवार की देर शाम भी अनाउंसमेंट कर नदी में रात में किसी भी समय अधिक पानी आने की आशंका जताते हुए चेतावनी जारी कर दी गई थी। रात के समय आई यह बाढ़ इस वर्ष की अब तक की सबसे भीषण बाढ़ रही।
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पानी की तेजधार मंदिर व निकास द्वार की सीढ़ियों तक चढ़ गई। मंदिर के आसपास की प्रसाद व खिलौने की दुकानों में से आधा दर्जन से अधिक दुकानें तो धार में बह गई, जबकि अन्य सभी दुकानों का सामान भी बह गया। भूरादेव से शाकंभरी मंदिर के बीच एलिवेटेड पुल का निर्माण कार्य चल रहा है।
बाढ़ में निर्माण कंपनी का भी काफी सामान बह गया है। हालांकि सुबह तक जलस्तर सामान्य स्थिति में पहुंच गया, लेकिन लगातार मौसम खराब होने के कारण पुलिस किसी भी श्रद्धालुओं को भूरादेव से आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दे रही। सभी को वहीं रोका जा रहा है तथा समझा-बुझाकर पुलिस उन्हें वापस कर रही है।
दो महीने पहले भी शाकुंभरी परिक्षेत्र में आई थी बाढ़
बीती 30 मई को पहाड़ियों पर भारी बरसात से रात में शाकभरी सिद्धपीठ परिक्षेत्र में भीषण बाढ़ आई थी। इसकी चपेट में आने से दो महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और करीब 50 से ज्यादा दुकानों का सामान बाढ़ में बह गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित शाकंभरी परिक्षेत्र का दौरा कर एलिवेटिड पुल का जल्द पूरा करने के निर्देश दिए थे।
घाड़ क्षेत्र की बरसाती नदियां भी उफान पर, कई मार्ग बाधित
बेहट : शिवालिक से निकलने वाली बरसाती नदियां बडकला, सहंश्रा, खैरो वाली, शाहपुर गाड़ा आदि भी बाढ़ से भरी रही। हालांकि बाद में पानी कम हो गया था, लेकिन नदियों का रास्ता खराब हो जाने के कारण बेहट-बिहारीगढ़ मार्ग बंद होने के साथ कई मार्ग बाधित हो गए। इसके चलते क्षेत्र के कोठडी, बारूगढ़, कालूवाला टोंगिया आदि दर्जन भर गांव का तहसील मुख्यालय से करीब 12 घंटे संपर्क कटा रहा।
सोलानी-हिंडन भी उफनाई, घंटों बंद रहा आवागमन
बिहारीगढ़ : शिवालिक की पहाड़ियों पर हुई मूसलाधार वर्षा के बाद क्षेत्र की सोलानी, हिंडन, मोहंड रो, लालो आदि सभी नदियां उफनाई रही। सुंदरपुर-शाकंभरी मार्ग पर हिंडन नदी में तेज बहाव का पानी आने से करीब पांच घंटे आवागमन बाधित रहा। इससे क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।