यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
ये यूपी पुलिस है; 'खाकी' ने अपना खून देकर बचाई माहरूब की जान, पिता बोले-मेरे लिए भगवान बनकर आए दारोगा सुबोध शर्मा
20 साल के युवक पर लूट का विरोध करने पर हुआ था हमला। 16- जनवरी को हुआ था युवक पर जानलेवा हमला। रात 10- बजे लूट के विरोध में घोंप दिए थे बदमाशाें ने चा ...और पढ़ें

HighLights
- गांव शाहपुर कदीम के युवक पर चाकू से हुआ था हमला
- दारोगा ने दिया खून, बची युवक की जान
जागरण संवाददाता, सर्वेंद्र पुंडीर, सहारनपुर। योगी सरकार में भ्रष्टाचार और अपराध ही कम नहीं हुआ है, पुलिस की छवि और इंसानियत में भी बदलाव हुआ है। देहात कोतवाली में तैनात एक दारोगा ने इंसानियत का ऐसा ही एक उदाहरण पेश किया है। दारोगा ने बदमाशों द्वारा घायल किए गए युवक को अपना खून देकर उसकी जान बचाई।
देहात कोतवाली क्षेत्र के गांव शाहपुर कदीम निवासी 20 वर्षीय माहरूब की मंडी कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला झोहटे वाला में नाई की दुकान है। 16 जनवरी की रात 10 बजे वह अपनी दुकान बंद कर गांव लौट रहा था। बालपुर रजवाहे की पुलिया पर पहुंचा तो तीन-चार बदमाशों ने उसे घेरकर लूटपाट की कोशिश की। विरोध किया तो बदमाशों ने माहरूब के पेट में चाकुओं से कई वार कर दिए।
अस्पताल में भी गंभीर हालात
माहरूब गंभीर रूप से घायल हो गया। दारोगा सुबोध शर्मा मौके पर पहुंचे और माहरूब को जिला अस्पताल ले गए। यहां से गंभीर हालत के चलते हायर सेंटर रेफर कर दिया। हायर सेंटर में डाक्टरों ने कहा कि माहरूब को खून की तत्काल जरूरत है। यदि जल्द खून मिल जाए तो जान बच सकती है। जब कोई खून देने के लिए तैयार नहीं हुआ तो दारोगा सुबोध शर्मा ने अपना खून देकर उसकी जान बचाई।
मेरे लिए भगवान बनकर आए दारोगा
माहरूब के पिता फारूख का कहना है कि एक समय वह था जब पुलिस से सब डरते थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस विभाग को बदलकर रख दिया है। दारोगा सुबोध शर्मा उनके लिए भगवान बनकर आए और उनके बेटे की जान बचाई।