बच्ची के साथ रेप की तुलना में मूर्ति पूजा को बड़ा अपराध बताने वाले अमेरिकी नागरिक मुफ्ती यासिर नदीम पर मुकदमा
इस्लामी स्कालर मुफ्ती यासिर नदीम अल वाजदी का बच्ची से दुष्कर्म की तुलना में मूर्ति पूजा को बड़ा अपराध बताने का एक वीडियो सामने आया है। शिकायत के बाद इ ...और पढ़ें

मौलाना मुफ्ती डाॅ. यासिर नदीम अल वाजदी। सौ. सोशल मीडिया
HighLights
देवबंद पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा।
वीडियो के आधार पर हुई कार्रवाई।
संवाद सहयोगी, देवबंद (सहारनपुर)। बच्ची के साथ दुष्कर्म की तुलना में मूर्ति पूजा को बड़ा अपराध बताने वाले अमेरिकी नागरिक एवं प्रसिद्ध इस्लामी स्कालर मौलाना मुफ्ती डाॅ. यासिर नदीम अल वाजदी पर देवबंद पुलिस ने केस दर्ज किया है। हरियाणा के एक व्यक्ति की शिकायत पर धार्मिक भावनाएं आहत करने के मामले में उन पर यह कार्रवाई हुई है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर साझा किए गए एक वीडियो को आधार बनाकर सहारनपुर पुलिस से शिकायत की गई थी।
शिकायतकर्ता हरेंद्र चौधरी ने पुलिस को भेजी शिकायत में कहा था कि एक ऑनलाइन प्रश्नोत्तर कार्यक्रम के दौरान भारतीय मूल के मुफ्ती यासिर नदीम से मंदिर में मूर्ति पूजा और एक बच्ची से दुष्कर्म के बीच बड़े अपराध को लेकर सवाल किया गया था। आरोप है कि जवाब में उन्होंने मूर्ति पूजा को बड़ा अपराध बताया। शिकायतकर्ता ने इसे धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला बयान बताते हुए कार्रवाई की मांग की थी।
पुलिस के अनुसार शिकायत के साथ संबंधित वीडियो भी साझा किया गया था। मंगलौर पुलिस चौकी प्रभारी लोकेंद्र सिंह की ओर से मुफ्ती यासिर नदीम अल वाजदी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई है। सीओ अमित कुमार ने बताया कि उक्त वीडियो के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच की जा रही है। तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुफ्ती यासिर ने जारी की वीडियो, कहा- पहले दे चुके स्पष्टीकरण
केस दर्ज होने के बाद मुफ्ती यासिर नदीम अल वाजदी ने प्रश्रोत्तरी कार्यक्रम का पूरा वीडियो जारी किया। जिसमें वह एक अन्य सवाल के जवाब में कहते दिख रहे है कि मूर्ति पूजा भले ही बड़ा अपराध हो लेकिन इसकी सजा इंसान नहीं बल्कि स्वयं अल्लाह देगा, जबकि दुनिया में रहते हुए हमारे लिए बड़ा अपराध बच्ची से दुष्कर्म है, इसलिए हमें उसे रोकना चाहिए और आरोपित को कड़ी सजा दिलानी चाहिए।
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मुफ्ती यासिर ने कहा कि उनका यह वीडियो 2024 का है, जिसे आधा अधूरा सोशल मीडिया पर चलाया गया है। पिछले वर्ष भी इस मामले में वह पुलिस के सामने वह अपना स्पष्टीकरण दे चुके हैं।
दारुल उलूम ऑनलाइन के नाम से कार्यक्रम का करते हैं संचालन
मुफ्ती यासिर नदीम अरबी भाषा के प्रसिद्ध विद्वान रहे देवबंद निवासी मरहूम मौलाना यासिर नदीम अल वाजदी के पुत्र है। उन्हें अमेरिका की नागरिकता मिली हुई है। वह शिकागो में रहते है और वहीं से वह अपनी संस्था दारुल उलूम आनलाइन के जरिए प्रश्रोत्तरी कार्यक्रम का संचालन करते है। इस कार्यक्रम में दुनिया भर के लोग मुफ्ती यासिर से सवाल जवाब करते है। पूर्व में मूर्ति पूजा संबंधी सवाल भारत के किसी व्यक्ति ने उनसे किया था।