संभल के प्राचीन यमतीर्थ तक श्रद्धालुओं की पहुंच होगी और आसान, रास्ते के लिए सरकार ने खरीदी 70 मीटर भूमि
संभल के प्राचीन यमतीर्थ तक श्रद्धालुओं की पहुंच आसान बनाने के लिए सरकार ने 70 मीटर भूमि खरीदी है। इस ...और पढ़ें

संभल यमतीर्थ पहुंच मार्ग के लिए सरकार ने खरीदी 70 मीटर जमीन।
HighLights
यमतीर्थ तक पहुंच आसान बनाने को भूमि खरीदी।
सरकार ने 70 मीटर भूमि 17.84 लाख में ली।
सुंदरीकरण के बाद श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी।
संवाद सहयोगी, संभल : नगर के प्राचीन यमतीर्थ के सुंदरीकरण के साथ अब वहां पहुंचने की व्यवस्था भी बेहतर की जा रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा को देखते हुए प्रशासन ने यमतीर्थ तक सुगम आवागमन के लिए 70 मीटर भूमि खरीद ली है।
हल्लू सराय निवासी सुनील कुमार ने रजिस्ट्रार कार्यालय में भूमि का बैनामा किया, जिसके बदले उन्हें 17.84 लाख रुपये का भुगतान किया गया।
नगर के हल्लू सराय स्थित यमतीर्थ पर अब तक जाने के लिए केवल एक मुख्य मार्ग था। हालांकि उसके बराबर में खाली पड़ा एक प्लाट होने के कारण स्थानीय लोग अनौपचारिक रूप से दूसरे रास्ते के रूप में उसका उपयोग करते थे, लेकिन भूमि निजी होने के कारण भविष्य में आवागमन की समस्या उत्पन्न होने की आशंका बनी हुई थी।
हल्लू सराय निवासी सुनील कुमार से कराया गया बैनामा
यमतीर्थ के सुंदरीकरण कार्य के पूरा होने के बाद यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने का निर्णय लिया। इसके तहत गाटा संख्या 18 की लगभग 70 मीटर भूमि का अधिग्रहण कराया गया।
तहसीलदार धीरेंद्र कुमार और नायब तहसीलदार दीपक कुमार जुरैल के मौजूदगी में हल्लू सराय निवासी सुनील कुमार ने रजिस्ट्रार कार्यालय में भूमि का बैनामा राज्यपाल के पक्ष में कर दिया। प्रशासन की ओर से उन्हें सर्किल रेट से दोगुणी कीमत पर 17 लाख 84 हजार रुपये का भुगतान किया गया है।
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सर्किल रेट से दोगुनी कीमत पर दिए गए 17.84 लाख रुपये
तहसीलदार ने बताया कि भूमि खरीद के बाद यमतीर्थ तक आने-जाने के लिए बेहतर और चौड़ा रास्ता विकसित किया जाएगा। इससे धार्मिक आयोजनों और विशेष अवसरों पर श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। मालूम हो कि वंदन योजना के अंतर्गत 118.35 लाख रुपये की लागत से यमतीर्थ का जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण कराया जा रहा है। वहीं इस्कान संस्था ने तीर्थ की देखरेख का जिम्मा लिया है। एक सप्ताह पहले यहां इस्कान की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था।
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