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    झील की जमीन पर बनी अवैध मजार बुलडोजर से कराई ध्वस्त, संभल में 180 बीघा भूमि अतिक्रमण मुक्त

    Updated: Sun, 24 May 2026 09:29 AM (IST)

    संभल के सिरसी में झील की 180 बीघा भूमि पर बनी अवैध मजार को प्रशासन ने बुलडोजर से ढहा दिया। यह कार्रवाई सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और जल संरक् ...और पढ़ें

    सिरसी में झील की भूमि पर बनी मजार का मलवा हटाता बुलडोजर। जागरण

    सिरसी में झील की भूमि पर बनी मजार का मलवा हटाता बुलडोजर। जागरण

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    जागरण संवाददाता, संभल। हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के कस्बा सिरसी में झील के नाम से दर्ज भूमि पर अवैध कब्जा करके बनाई गई मजार को प्रशासन ने बुलडोजर से ढहा दिया। यह भूमि राजस्व रिकार्ड में गाटा संख्या 2212 में झील के नाम से दर्ज है और इसका रकबा करीब 11.495 हेक्टेयर (180 बीघा) है और अब इस पर किसी का भी कोई अवैध कब्जा नहीं हैं।

    हजरत नगर गढ़ी थाना क्षेत्र के कस्बा सिरसी में स्थित है झील की भूमि

    प्रशासन की ओर से सरकारी भूमियों को अवैध कब्जा मुक्त कराने के लिए विशेष अभियान छेड़ा हुआ है। इसी बीच नवांगतुक जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल ने भूगर्भ जलस्तर को बनाए रखने के लिए तालाबों को चिह्नित कर उनसे अवैध कब्जा हटवाने के निर्देश दिए थे, जिससे इन तालाबों को उनका मूल स्वरूप देते हुए जल संरक्षण को और गति दी जा सके।

    इस क्रम में शनिवार को तहसील क्षेत्र में थाना हजरत नगर गढ़ी के कस्बा सिरसी में स्थित झील की भूमि से अवैध कब्जा कब्जा करके बनाई गई मजार को बुलडाेजर से राजस्व विभाग द्वारा ध्वस्त करवा दिया।

    भूमि के 23 वर्ग मीटर पर अवैध कब्जा करके बनाई गई थी मजार

    तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि यह झील राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में गाटा संख्या 2212 में दर्ज है और इसका रकबा 11.495 हेक्टेयर (लगभग 180 बीघा) है। मगर इसकी भूमि पर आसपास के कुछ किसानों ने कब्जा कर लिया था, जिसकी जानकारी मिलने पर राजस्व विभाग की ओर से पूर्व में कार्रवाई की गई थी। इस कार्रवाई के बाद उन किसानों द्वारा स्वयं ही कब्जा हटाकर इसे खाली कर दिया गया था।

    न्यायालय में तस्लीम के नाम से वाद दायर किया गया

    तहसीलदार न बताया ऐसे में खाली पड़ी भूमि पर लोगों द्वारा फिर से अवैध कब्जे के प्रयास किए जा रहे थे। इतना ही नहीं यहां पर एक मजार थी, जिस को लेकर वर्ष 2024 में तहसीलदार न्यायालय में तस्लीम के नाम से वाद दायर किया गया और धारा 67 की कार्रवाई शुरू की गई, लेकिन कुछ समय बाद सुनवाई के दौरान तस्लीम की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद किसी ने भी इस वाद को लेकर कोई पैरवी नहीं की।

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    सुनवाई के लिए कोई आपत्ति दाखिल नहीं की

    ऐसे में इस वाद का खारिज कर दिया गया और लेखपाल द्वारा फिर से तहसीलदार न्यायालय में अज्ञात के खिलाफ वाद दायर किया गया, जिस पर प्रधान व अन्य लोगों को बताया गया। मगर किसी ने भी सुनवाई के लिए कोई आपत्ति दाखिल नहीं की। इसलिए अपीलीय न्यायालय के आदेश का इंतजार करने का कोई औचित्य नहीं था, जिसके चलते बेदखली के आदेश न्यायालय की ओर से देते हुए कार्रवाई की गई।

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    अवैध मजार को बुलडोजर की मदद से ढहा दिया गया

    तहसीलदार ने कहा कि झील की इस भूमि के करीब 23 वर्ग मीटर हिस्से पर मजार थी, जिसे बुलडोजर की मदद से ढहा दिया गया है। उन्होंने कहा कि अब झील की इस भूमि का जिलाधिकारी के निर्देश पर सुंदरीकरण कराया जाएगा।