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    संभल में 100 करोड़ के घोटालेबाज अफसर का एक और 'खेल': नाले के ऊपर ही खड़ी कर दीं 50 दुकानें, अब चलेगा बुलडोजर!

    Updated: Sat, 04 Jul 2026 07:35 PM (IST)

    संभल में तत्कालीन ईओ राजकुमार गुप्ता पर सरायतरीन के गंज बाजार में नाले पर 50 से अधिक अवैध दुकानें बनवाने का आरोप है। जिलाधिकारी ने इस मामले की जांच के ...और पढ़ें

    सरायतरीन के गंज बाजार में इसी भूमि पर की गई हेराफेरी, अब बनी है मार्केट। जागरण

    सरायतरीन के गंज बाजार में इसी भूमि पर की गई हेराफेरी, अब बनी है मार्केट। जागरण

    HighLights

    1. रोजाना हो रही वसूली, डीएम ने बैठाई जांच, सीओ और पालिका के ईओ ने देखी मौके की स्थिति

    जागरण संवाददाता, संभल। मुरादाबाद रोड पर करीब 101 करोड़ की सरकारी संपत्ति के घोटाले में गिरफ्तार तत्कालीन ईओ एवं शाहजहांपुर नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त राजकुमार गुप्ता का एक और कारनामा सामने आया है। उन्होंने जमीनों की सौदेबाजी करने वाले लोगों के साथ मिलकर सरायतरीन के गंज बाजार में नाले के ऊपर व बाहर सरकारी भूमि पर 50 से अधिक स्थाई व अस्थाई दुकानों को बनवा दिया।

    मामला जिलाधिकारी के पास पहुंचा तो जांच शुरू करवा दी है। नगर पालिका के ईओ आदित्य प्रकाश व पुलिस क्षेत्राधिकारी कुलदीप सिंह ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को भी देखा है।

    यह प्रकरण वर्ष 2013 से 15 के बीच का बताया गया है। हिंदू परिवार व व्यापारियों की तरफ से जिलाधिकारी को दिए गए पत्र में आरोप लगाया गया है कि तत्कालीन अधिशासी अधिकारी राजकुमार गुप्ता ने नगर पालिका परिषद संभल की 50 से 60 करोड़ की संपत्ति पर अवैध तरीके से लगभग 50 दुकानें बनवा दी हैं।

    सरायतरीन की सब्जी मंडी की भूमि भी जांच के दायरे में। जागरण

    जमीन बेचने का भी आरोप लगाया है। खास बात यह है कि जहां पर यह दुकानें बनी हैं। वो, भूमि नाले के बाहर और ऊपर है। इससे साफ जाहिर है कि वहां पर साठगांठ के जरिये ही यह पूरी फर्जीवाड़ा किया गया है इससे मुख्य बाजार में स्थायी रूप से अतिक्रमण की स्थिति बन गई है।

    व्यापारियों का कहना है कि बाजार की सड़क संकरी हो गई है, जिसके कारण एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसे आपातकालीन वाहन भी आसानी से नहीं निकल पाते। अब मुरादाबाद रोड का घोटाला जब सामने आया तो व्यापारियों ने इस मुद्दे को उठाया है।

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    उन्होंने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक के समझ पेश होकर प्रकरण संज्ञान में डाला और कार्रवाई की मांग उठाई। डीएम के आदेश पर नगर पालिका के ईओ व सीओ मौके पर पहुंच गए।

    सरायतरीन के गंज बाजार में बनाए गए मकान व दुकानें। जागरण

    उन्होंने वहां पर लोगों से बातचीत करते हुए कुछ अभिलेख भी चेक किए हैं। ईओ ने बताया कि नाले के बाहर व ऊपर दुकानें बनना तो सीधा-सीधा अतिक्रमण है। मौका मुआयना किया गया। वहां पर अवैध वसूली की शिकायत भी मिली है। उसकी भी जांच कराई जा रही है। जल्द ही इस प्रकरण में कार्रवाई होगी।

    1973 से जुड़ा मामला, जमीन नीलाम होने की बात

    ईओ ने बताया कि यह मामला 1973 से जुड़ा बताया गया है। लगभग 35 बीघा भूमि है। जहां पर बाजार व सब्जी मंडी भी लगती है। यह अंग्रेजों के समय की है। जमीन के स्वामी पर कर्ज होने की वजह से तहसील द्वारा भूमि की नीलामी हुई थी। तक इस भूमि को खरीदा गया था।

    जमुद्दीन पक्ष उसी नीलामी में संबंधित जमीन को खरीदने की बात कहता है। मामला कोर्ट में विचाराधीन भी है। इसके अभिलेख राजस्व विभाग के पास हैं। उनका निकलवाया जा रहा है। बाकी नगर पालिका के पास इससे जुड़ा कोई अभिलेख नहीं हैं।

    अवैध वसूली जोरों पर, हर ठेले वाले से 100 तय

    सरायतरीन के गंज बाजार में अस्थाई दुकानें, ठेले और फड़ वालों से अवैध वसूली का क्रम जोरों पर चल रहा है। लोगों का कहना है कि दबंग किस्म के लोग जो, जमीन व मार्केट को अपना होने का दावा करते हैं। वो, रोजाना वसूली करते हैं। ठेले वालों से 100 रुपये हैं। अस्थाई दुकान वालों से 200 रुपये हैं। कुछ दुकानें जो नाले के ऊपर बनी हैं। उन्हें बेच भी दिया गया है।

     

    सरायतरीन का मामला संज्ञान में आया है। वहां के कुछ लोग मिले और उन्होंने प्रार्थना पत्र दिया है। इस मामले की जांच नगर पालिका संभल के ईओ को सौंपी गई है। जल्द ही प्रकरण की रिपोर्ट तलब की जाएगी। अवैध दुकानें अवैध हैं तो उन्हें ध्वस्त करवाया जाएगा और दोषियों पर कार्रवाई भी होगी।

    - अंकित खंडेलवाल, डीएम, संभल।


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