कांवड़ यात्रा में पहली बार बड़ा बदलाव! गंगा एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन से पैदल जा सकेंगे श्रद्धालु, भारी वाहन होंगे डायवर्ट
कांवड़ यात्रा को सुगम बनाने के लिए संभल जिला प्रशासन ने नई रणनीति बनाई है, जिसमें पहली बार गंगा एक्सप्रेसवे का उपयोग वैकल्पिक ट्रैफिक कॉरिडोर के रूप म ...और पढ़ें

कांवड़ यात्रा
HighLights
लहरावन, खिरनी मोहिउद्दीनपुर इंटरचेंज से हरिद्वार की ओर मोड़ा जाएगा भारी यातायात
संवाद सहयोगी, बहजोई (संभल)। सावन में निकलने वाली कांवड़ यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन इस बार नई रणनीति पर काम कर रहा है क्योंकि जनपद के तकरीबन तीन लाख श्रद्धालु कांवड़ यात्रा में शामिल होते हैं जो कि जिले के अलग-अलग मार्गो से गुजरते हैं। डीएम और एसपी की अध्यक्षता में हुई बैठक में गंगा एक्सप्रेसवे का उपयोग कांवड़ यात्रा के दौरान वैकल्पिक ट्रैफिक कारिडोर के रूप में करने पर विस्तार से चर्चा हुई।
योजना के तहत हरिद्वार से लौटने वाले कावड़ियों के कारण अमरोहा, मुरादाबाद, नजीबाबाद, नगीना, धामपुर या बिजनौर और संभल होकर गुजरने वाले मार्गों पर पड़ने वाले दबाव को कम करने के लिए भारी और लंबी दूरी के वाहनों को गंगा एक्सप्रेसवे की ओर डायवर्ट किया जाएगा। जनपद में एक्सप्रेसवे के लहरावन और खिरनी मोहिउद्दीनपुर इंटरचेंज इस व्यवस्था की मुख्य कड़ी बनेंगे।
इन दोनों स्थानों से वाहन सीधे मेरठ की ओर बढ़ सकेंगे। जिससे हरिद्वार जाने वाले मार्ग पर यातायात अधिक व्यवस्थित रहेगा। प्रशासन पैदल कांवड़ियों और डाक कांवड़ियों के लिए भी गंगा एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन के उपयोग की संभावना पर मंथन कर रहा है, ताकि उनकी यात्रा अधिक सुरक्षित और निर्बाध रह सके।
संभल से हरिद्वार कांवड़ यात्रा मार्ग
| मार्ग का प्रकार | पूरा रूट / रास्ता | कुल दूरी |
| पारंपरिक मार्ग 1 | बहजोई ➔ चंदौसी ➔ मुरादाबाद ➔ नूरपुर ➔ नजीबाबाद ➔ हरिद्वार | ~223 किमी |
| पारंपरिक मार्ग 2 | बहजोई ➔ संभल ➔ हसनपुर ➔ गजरौला ➔ चांदपुर ➔ नहटौर ➔ नजीबाबाद ➔ हरिद्वार | ~228 किमी |
| पारंपरिक मार्ग 3 | बहजोई ➔ संभल ➔ जोया ➔ अमरोहा ➔ नूरपुर ➔ नजीबाबाद ➔ हरिद्वार | ~205 किमी (सबसे छोटा) |
| वैकल्पिक मार्ग 1 (गंगा एक्सप्रेसवे) | बहजोई ➔ लहरावन इंटरचेंज ➔ गंगा एक्सप्रेसवे ➔ मेरठ ➔ मुजफ्फरनगर ➔ रुड़की ➔ हरिद्वार | ~289 किमी |
| वैकल्पिक मार्ग 2 (गंगा एक्सप्रेसवे) | बहजोई ➔ लहरावन इंटरचेंज ➔ गंगा एक्सप्रेसवे ➔ हसनपुर ➔ गजरौला ➔ धनौरा ➔ नूरपुर ➔ हरिद्वार | ~229 किमी |
इससे भले ही एक्सप्रेसवे पर टोल का अतिरिक्त भार पड़े, लेकिन राष्ट्रीय राजमार्गों, जिला मार्गों और संभल नगर सहित अन्य कस्बों में लगने वाले लंबे जाम से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
जिला प्रशासन का मानना है कि गंगा एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद पहली बार कांवड़ यात्रा के दौरान इसकी उपयोगिता बड़े स्तर पर दिखाई देगी। इससे एक ओर श्रद्धालुओं की यात्रा आसान होगी, दूसरी ओर सामान्य यातायात भी प्रभावित नहीं होगा। प्रशासन जल्द ही इस व्यवस्था का अंतिम खाका तैयार कर संबंधित विभागों के साथ संयुक्त कार्ययोजना लागू करेगा।
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कांवड़ यात्रा के दौरान पारंपरिक मार्गों पर यातायात का दबाव कम करने के लिए भारी और लंबी दूरी के वाहनों को गंगा एक्सप्रेसवे पर डायवर्ट करने की योजना पर काम किया जा रहा है। साथ ही पैदल और डाक कांवड़ियों के लिए एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन के उपयोग की संभावना भी संबंधित विभागों के साथ विचाराधीन है। अंतिम कार्ययोजना तैयार होने के बाद विस्तृत ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की जाएगी।
- अंकित खंडेलवाल, डीएम।
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