संभल: प्लास्टिक की थैली देख मासूम पर टूट पड़ा बंदरों का झुंड, काटकर किया गंभीर घायल; ग्रामीणों में आक्रोश
संभल के मढ़न गांव में घर के बाहर खेल रहे चार वर्षीय बच्चे पर बंदरों के झुंड ने हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन से बंदरों क ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
HighLights
ग्रामीणों ने प्रशासन से बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़े जाने की मांग उठाई
संवाद सूत्र, मढ़न (संभल)। असमोली के गांव मढ़न में घर के बाहर खेल रहे मासूम पर बंदरों के झुंड ने हमला कर दिया। उसके हाथ से थैली छीनने के प्रयास में बंदरों ने बच्चे को कई जगह काटकर घायल कर दिया। घटना से गांव के लोेगाें में रोष उत्पन्न हो रहा है। ग्रामीणों की मांग है कि पूर्व में आसपास के गांवों में इस तरह की घटनाएं हो चुकी हैं मगर, जिम्मेदार इन बंदरों को पकड़वाने के लिए सक्रिय नहीं है।
गांव रोहताश कश्यप का चार वर्षीय बेटा वरुण कश्यप गुरुवार को घर के बाहर प्लास्टिक की थैली में मिट्टी भरकर खेल रहा था। इसी दौरान बंदरों के झुंड ने थैली में खाने की कोई वस्तु होने का भ्रम होने पर उसे छीनने की कोशिश की।
जब मासूम ने थैली नहीं छोड़ी तो बंदरों ने उस पर हमला बोल दिया और कई जगह काटकर घायल कर दिया। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर स्वजन और आसपास के ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद बंदरों को भगाया गया, लेकिन तब तक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो चुका था।
स्वजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र असमोली ले गए, वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाया। ग्रामीणों के मुताबिक गांव में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। आए दिन बंदरों का झुंड लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर देता है। सबसे अधिक खतरा छोटे बच्चों और महिलाओं को बना रहता है।
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ग्रामीणों ने प्रशासन से बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर छोड़े जाने की मांग की है, जिससे लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके। खास बात यह है कि असमोली क्षेत्र में बंदरों के हमले की कई घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। इसके बाद भी इन बंदरों को पकड़वाने के लिए कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।