19 साल बाद ज्येष्ठ महीने में महा-संयोग: 4 नहीं बल्कि आएंगे 8 'बड़े मंगल', जानें शुभ तिथियां और महत्व
इस वर्ष 2026 में अधिक मास के कारण ज्येष्ठ माह 59 दिनों का हो गया है, जिसमें 19 साल बाद 8 बड़े मंगल का दुर्लभ संयोग बन रहा है। यह माह भगवान हनुमान को स ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
संवाद सहयोगी, बहजोई (संभल)। इस वर्ष 2026 में अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) के कारण ज्येष्ठ माह विशेष और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बन गया है। यह अधिक मास 17 मई से शुरू होकर 15 जून तक रहेगा। मान्यता है कि अधिक मास लगभग हर तीन वर्ष में सूर्य और चंद्रमा के बीच संतुलन स्थापित करने के लिए आता है। इसे मलमास या पुरुषोत्तम मास भी कहा जाता है।
श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर के आचार्य बृजकांत मिश्रा के अनुसार, इस बार अधिक मास जुड़ने से ज्येष्ठ माह दो भागों में विभाजित होकर कुल 59 दिनों का हो गया है, जो साल का सबसे लंबा महीना माना जा रहा है। ज्येष्ठ मास दो मई से प्रारंभ होकर 29 जून तक चलेगा।
ज्येष्ठ मास 2026: आठ बड़े मंगल की समय सारणी
| ज्येष्ठ मास का चरण | क्रम | तिथि (Date) | विशेष विवरण |
| प्रथम ज्येष्ठ मास | 1 | 5 मई | पहला बड़ा मंगल |
| प्रथम ज्येष्ठ मास | 2 | 12 मई | दूसरा बड़ा मंगल |
| प्रथम ज्येष्ठ मास | 3 | 19 मई | तीसरा बड़ा मंगल |
| प्रथम ज्येष्ठ मास | 4 | 26 मई | चौथा बड़ा मंगल |
| द्वितीय ज्येष्ठ मास | 5 | 2 जून | पांचवां बड़ा मंगल |
| द्वितीय ज्येष्ठ मास | 6 | 9 जून | छठा बड़ा मंगल |
| द्वितीय ज्येष्ठ मास | 7 | 16 जून | सातवां बड़ा मंगल |
| द्वितीय ज्येष्ठ मास | 8 | 23 जून | आठवां बड़ा मंगल |
इस बार अधिक मास के कारण एक दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसमें चार की बजाय पूरे आठ मंगलवार पड़ रहे हैं। ज्येष्ठ माह के सभी मंगलवार को “बड़ा मंगल” या “बुढ़वा मंगल” कहा जाता है, जो भगवान हनुमान को समर्पित होते हैं। मान्यता है कि इसी माह में भगवान राम और हनुमान का मिलन हुआ था।
करीब 19 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है जब ज्येष्ठ में आठ बड़े मंगल पड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अधिक मास को भगवान विष्णु ने अपना नाम “पुरुषोत्तम मास” दिया था।
इस माह में नियमपूर्वक पूजा, व्रत और संयम रखने से विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है। भगवान विष्णु और भगवान शिव की उपासना करने से आध्यात्मिक उन्नति होती है तथा जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।
चार एकादशी व्रत का योग
ज्येष्ठ माह में इस बार चार एकादशी व्रत भी पड़ेंगे। 13 मई को अपरा एकादशी, 27 मई को कमला पुरुषोत्तमा एकादशी, 11 जून को पुनः कमला पुरुषोत्तमा एकादशी तथा 25 जून को निर्जला एकादशी मनाई जाएगी। इसके अलावा 16 मई को शनि अमावस्या पर शनि जयंती का संयोग बनेगा, जबकि 21 मई और 18 जून को गुरु पुष्य अमृत योग भी अत्यंत शुभ माना जा रहा है।