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    UP का 'नंबर 1' जिला बनेगा संभल? गंगा एक्सप्रेसवे के बाद अब इंडस्ट्रियल कॉरिडोर से होगा धनवर्षा का अहसास

    Updated: Sat, 02 May 2026 06:59 AM (IST)

    गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे संभल में औद्योगिक गलियारा विकसित हो रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर पैदा होंगे। किसानों को मुआवजा दिया ...और पढ़ें

    संभल में गंगा एक्‍सप्रेसवे

    संभल में गंगा एक्‍सप्रेसवे

    HighLights

    1. अब तक 1,047 किसानों को म‍िले 3,87.23 करोड़ रुपये

    2. 306.1572 हेक्टेयर नया अधिग्रहण, लाजिस्टिक और निवेश को मिलेगी रफ्तार

    संवाद सहयोगी, बहजोई (संभल)। गंगा एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद अब संभल में असली बदलाव इंडस्ट्रियल कारिडोर के जरिए दिखने जा रहा है। जिले में 38.65 किमी एक्सप्रेसवे पूरी तरह तैयार हो चुका है और इसके किनारे औद्योगिक विकास की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। किसानों को बड़े पैमाने पर मुआवजा दिया जा रहा है।

    अब अतिरिक्त जमीन अधिग्रहण की तैयारी के साथ रोजगार, निवेश और व्यापार के नए अवसर खुलने की उम्मीद बढ़ गई है। दरअसल, जिले में गंगा एक्सप्रेसवे 31 गांवों से होकर गुजर रहा है, जिनमें 17 गांव संभल तहसील और 14 गांव चंदौसी के हैं। इस एक्सप्रेसवे के किनारे इंडस्ट्रियल कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है।

    पहले चरण में खिरनी मोहिउद्दीनपुर, बसला, सारंगपुर और अलावती कुतुबपुर गांवों की 239.1004 हेक्टेयर भूमि चिह्नित कर 1047 किसानों को 3,87.23 करोड़ रुपये का मुआवजा तय किया गया, जिसमें 95 प्रतिशत भूमि क्रय पूरी हो चुकी है।

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    अब बढ़ती मांग को देखते हुए सारंगपुर, अलावती कुतुबपुर, खरसपा, भमौरी पट्टी और सौधन मोहम्मदपुर गांवों में 306.1572 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण प्रस्तावित है। यह कारिडोर एनसीआर से उद्योगों का विकेंद्रीकरण करेगा और संभल को नया औद्योगिक केंद्र बनाएगा।

    लाजिस्टिक मजबूत होने से माल ढुलाई तेज और सस्ती होगी, जिससे ईंधन व लागत में बचत होगी। एक्सप्रेसवे जीरो एक्सीडेंट डिजाइन पर बना है, जिसमें क्रैश बैरियर और सीमित एंट्री-एग्जिट प्वाइंट हैं। लहरावन और खिरनी मोहिउद्दीनपुर इंटरचेंज से कनेक्टिविटी बेहतर हुई है।

    बंदरगाह, एयरपोर्ट और बड़े बाजारों तक सीधी पहुंच बनने से देश-विदेश का निवेश आकर्षित होगा। संभल में मेंथा, आलू, स्ट्राबेरी और मोती उत्पादन के साथ मीट व बोन उत्पादों का निर्यात होता है, जिससे फूड प्रोसेसिंग, वेयर हाउसिंग और कोल्ड चेन इकाइयों की स्थापना की बड़ी संभावना है।

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    मुख्यालय से मात्र छह किमी दूरी निवेशकों के लिए अतिरिक्त सुविधा देगी। इससे रियल एस्टेट, पर्यटन, होटल कारोबार और स्थानीय व्यापार में तेजी आएगी और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे।

    नया इंडस्ट्रियल हब बनने से एनसीआर का घटेगा बोझ

    गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे विकसित हो रहा इंडस्ट्रियल कारिडोर एनसीआर से उद्योगों का विकेंद्रीकरण करेगा। लाजिस्टिक मजबूत होने से माल ढुलाई तेज और सस्ती होगी, जिससे ईंधन व संचालन लागत में बचत होगी।

    बंदरगाह, एयरपोर्ट और बड़े बाजारों से सीधी कनेक्टिविटी बनने पर देश-विदेश के निवेशकों का रुझान संभल की ओर बढ़ेगा और जिले को नया औद्योगिक हब बनने का अवसर मिलेगा।

    मेंथा, स्ट्राबेरी और कृषि उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार

    इंडस्ट्रियल कारिडोर बनने से मेंथा, आलू, स्ट्राबेरी और मोती उत्पादन के साथ मीट व बोन उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंच मिलेगी। फूड प्रोसेसिंग, वेयर हाउसिंग और कोल्ड चेन इकाइयों से किसानों को बेहतर दाम मिलेंगे।

    मुख्यालय से मात्र छह किमीदूरी होने से निवेशकों की समस्याओं का त्वरित समाधान होगा और स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित होंगे।

     

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