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    अब अयोध्या-काशी की तरह चमकेंगे संभल के रास्ते: ₹1.61 करोड़ से बनेंगे शंभलेश्वर और कल्कि तीर्थ जैसे 'भव्य गेट'

    Updated: Fri, 01 May 2026 03:16 PM (IST)

    संभल शहर में 1.61 करोड़ रुपये की लागत से शंभलेश्वर, भुवनेश्वर, चंदेश्वर और कल्कि तीर्थों की थीम पर भव्य प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। यह योजना शहर के धार् ...और पढ़ें

    संभल में इस तरह बनेंगे चारों मार्गो पर प्रवेश द्वार। सौ.नगरपालिका

    संभल में इस तरह बनेंगे चारों मार्गो पर प्रवेश द्वार। सौ.नगरपालिका

    HighLights

    1. शासन से मंजूरी के बाद तैयार की जा रही डीपीआर

    संवाद सहयोगी, संभल। शहर के प्रमुख मार्गों पर शंभलेश्वर, भुवनेश्वर, चंदेश्वर और कल्कि तीर्थों की थीम पर 1.61 करोड़ से प्रवेश द्वार बनाए जाएंगे। इसके लिए शासन से मंजूरी मिलने के बाद अब डीपीआर यानी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

    नगर पालिका द्वारा तैयार की गई महत्वाकांक्षी योजना के तहत संभल के चार प्रमुख मार्गों मुरादाबाद रोड, चंदौसी रोड, हसनपुर रोड और बहजोई रोड पर शंभलेश्वर, भुवनेश्वर, चंदेश्वर और कल्कि तीर्थ के नाम पर प्रवेश द्वारों का निर्माण होगा। प्रत्येक द्वार का डिजाइन उस तीर्थ की विशेषताओं और धार्मिक मान्यताओं को दर्शाएगी।

    गेटों पर संबंधित देवी-देवताओं की मूर्तियां, प्रतीक चिह्न, शिलालेख और पारंपरिक स्थापत्य कला को शामिल किया जाएगा। डीपीआर के पूरा होते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू कर निर्माण आगे बढ़ाया जाएगा। मान्यता है कि संभल तीन प्रमुख शिव तीर्थों शंभलेश्वर महादेव (वंशगोपाल तीर्थ), भुवनेश्वर महादेव और चंदेश्वर महादेव के त्रिकोण में बसा है।

    इन तीनों स्थानों को शिव के निवास स्थल के रूप में देखा जाता है और यहां देवतीर्थों की परिक्रमा की परंपरा भी प्रचलित है। इसी धार्मिक आधार को ध्यान में रखते हुए चौथे द्वार के रूप में कल्कि नगरी को भी शामिल किया गया है, जो संभल की पहचान से गहराई से जुड़ा है।

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    प्रस्तावित डिजाइन के अनुसार शंभलेश्वर द्वार पर भगवान शिव और नंदी की प्रतिमा प्रमुख आकर्षण होगी। भुवनेश्वर द्वार पर शिव से जुड़े प्रतीक और कलात्मक आकृतियां उकेरी जाएंगी। चंदेश्वर द्वार में चंद्रमा से संबंधित शिल्प और सजावट होगी, जबकि कल्कि नगरी द्वार पर भगवान कल्कि के अश्वारूढ़ स्वरूप की भव्य मूर्ति स्थापित की जाएगी।

    यह परियोजना पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर विकास योजना के अंतर्गत विकसित की जा रही है। योजना का उद्देश्य शहर के सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व को उभारना है, जिससे बाहरी पर्यटकों के बीच संभल की एक अलग पहचान बन सके।

     

    यह योजना संभल के धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को नई दिशा देगी। जब लोग शहर में प्रवेश करेंगे तो उन्हें लगेगा कि वे एक तीर्थनगरी में आए हैं, जहां हर मार्ग किसी न किसी पवित्र तीर्थ से जुड़ा है। यह पहल संभल की छवि बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

    - डा. मणिभूषण तिवारी, ईओ, नगर पालिका परिषद, संभल।


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