संभल में सौंधन किले से प्रभावित 21 परिवारों को पुनर्वास के लिए मिलेंगे पट्टे, SDM ने किया निरीक्षण
संभल के सौंधन किले से अतिक्रमण हटाने के बाद प्रभावित 21 परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू हो गई है। एसडीएम विकास चंद्र ने सत्यापन के बाद प्रत्येक परिवार को 100 वर्गमीटर सरकारी भूमि का पट्टा देने की घोषणा की है।
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किले से प्रभावित 21 परिवारों के पुनर्वास को मिलेंगे पट्टे।
HighLights
सौंधन किले से अतिक्रमण हटाने के बाद पुनर्वास प्रक्रिया शुरू।
21 पात्र परिवारों को 100 वर्गमीटर भूमि का पट्टा मिलेगा।
एसडीएम ने मौके पर सत्यापन कर प्रक्रिया आगे बढ़ाई।
संवाद सूत्र, सौंधन। गांव सौंधन मोहम्मदपुर स्थित ऐतिहासिक किले को अतिक्रमण मुक्त कराने के बाद अब वहां रहने वाले प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की प्रक्रिया आगे बढ़ने लगी है। एसडीएम विकास चंद्र राजस्व टीम के साथ गांव पहुंचे और पुनर्वास के लिए पात्र परिवारों की स्थिति का मौके पर सत्यापन किया।
जांच के बाद 21 परिवारों के नाम पुनर्वास के लिए चिह्नित किए गए हैं। प्रत्येक परिवार को किले के समीप सरकारी भूमि पर 100 वर्गमीटर का पट्टा उपलब्ध कराया जाएगा। यहां बिजली, पानी और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की तैयारी है।
जनवरी 2025 में तत्कालीन डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने गांव सौंधन मोहम्मदपुर के ऐतिहासिक किले का निरीक्षण किया था। निरीक्षण में किले की भूमि पर अतिक्रमण और जर्जर स्थिति सामने आने के बाद सुंदरीकरण तथा अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे।
इसके बाद किले की भूमि पर बने करीब 30 मकानों को चिह्नित कर नोटिस जारी किए गए। कार्रवाई शुरू होने के बाद कई परिवारों ने धीरे-धीरे अपने कब्जे खाली कर दिए, जबकि प्रशासन ने आवासहीन प्रभावित परिवारों को वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की।
अप्रैल 2026 में किले की भूमि पर बने अवैध मकानों के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी हुई थी। करीब एक वर्ष तक चले सुंदरीकरण के बाद किले के मुख्य प्रवेश द्वार समेत परिसर का स्वरूप भी बदला है।
अब प्रशासन का जोर किले के संरक्षण के साथ उन परिवारों को व्यवस्थित तरीके से बसाने पर है, जिन्हें अतिक्रमण हटने के कारण अपना आशियाना छोड़ना पड़ा।
मंगलवार को हुए सत्यापन में पांच लोग पात्रता की कसौटी पर खरे नहीं उतरे, जबकि दो नए पात्र लोगों के नाम सूची में शामिल किए गए। एसडीएम विकास चंद्र ने बताया कि पात्र परिवारों को भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया नियमानुसार आगे बढ़ाई जाएगी।
