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    संभल 35 बीघा विवाद: 1984 के संशोधन पत्र में छुपा है नगर पालिका भूमि का राज, उर्दू-फारसी के पन्नों से हटेगा पर्दा

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 07:39 PM (IST)

    संभल में नगर पालिका की 35 बीघा विवादित भूमि के मामले में 1984 का संशोधन पत्र मिला है। इसमें अरबी-फारसी शब्दों के चलते हिंदी अनुवाद से ही भूमि का राज ख ...और पढ़ें

    सरायतरीन के गंज बाजार में बनी विवादित भूमि पर दुकानें। जागरण आर्काइव

     सरायतरीन के गंज बाजार में बनी विवादित भूमि पर दुकानें। जागरण आर्काइव

    HighLights

    1. रजिस्ट्री कार्यालय से मिले वर्ष 1984 के विक्रय पत्र व संशोधन पत्र, जिनके आधार पर बनाया गया विवरण पत्र

    जागरण संवाददाता, संभल। सरायतरीन के बाजार गंज में नगर पालिका परिषद की 35 बीघा पांच बिस्वा भूमि विवाद में नया मामला सामने आया है। रजिस्ट्रार कार्यालय से विवादित भूमि के विक्रय पत्र के साथ ही संशोधन पत्र भी मिला है। सिटी मजिस्ट्रेट ने दोनों को लेकर एक विवरण पत्र तैयार किया है। जिसमें अरबी, फारसी आदि भाषाओं का उल्लेख बताया जा रहा है।

    विवरण पत्र में भूमि को लेकर क्या लिखा गया है, इसके लिए हिंदी अनुवाद कराने की तैयारी चल रही है। एक सेवानिवृत्त कानूनगो या किसी अन्य जानकार व्यक्ति की मदद की जा रही है। जिसके बाद ही भूमि को लेकर हकीकत सामने आ सकेगी।

    विवादित भूमि की जांच के बीच रजिस्ट्रार कार्यालय से विक्रय पत्र के साथ ही संशोधन पत्र भी मिला है। बताया जा रहा है कि विक्रय पत्र जनवरी 1984 का है तो संशोधन पत्र सितंबर 1984 को जारी हुआ है। सवाल यह है कि विक्रय पत्र के बाद संशोधन पत्र की नौबत क्यों आई। विवादित भूमि की जांच के बीच यह भी बड़ा सवाल है कि संशोधन पत्र जारी क्यों कराया गया।

    हालांकि यह प्रक्रिया वैधानिक बताई जा रही है क्योंकि किसी विक्रय पत्र में कोई गलती हो जाती है तो संशोधन पत्र जारी कर दिया जाता है। सिटी मजिस्ट्रेट ने विक्रय पत्र और संशोधन पत्र के आधार पर एक विवरण पत्र तैयार कराया है। जिसके अनुवाद को लेकर भी समस्या सामने आ रही है क्योंकि विवरण पत्र में ज्यादातर अरबी, फारसी आदि भाषाओं के शब्दों का इस्तेमाल किया गया है।

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    इसके हिंदी अनुवाद को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं। एक रिटायर्ड कानूनगो से संपर्क किया गया है। इस प्रकरण में पहले नगर पालिका की मूल पत्रावली नहीं मिलने और दावेदार पक्ष सईदुद्दीन खां की ओर से नीलामी से जुड़े सभी अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए जाने के कारण जांच लंबी खिंच रही थी। सिटी मजिस्ट्रेट ने रजिस्ट्रार कार्यालय से सेल डीड सहित संबंधित दस्तावेज तलब किए।

    अब विक्रय पत्र उपलब्ध होने के बाद जांच अंतिम दौर में चल रही है। सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार का कहना है कि जो विवरण पत्र तैयार किया गया है, उसमें नौ संपत्तियों का जिक्र है। उस विवरण पत्र का हिंदी अनुवाद कराने का प्रयास है। जिसके आधार पर यह साफ हो सकता है कि उसमें क्या लिखा गया है।

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