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सफेद रसगुल्लों का 'काला' धंधा: संभल में ग्राम प्रधान के घर छापा, 4500 KG मिलावटी मिठाई जब्त; मेरठ लैब रिपोर्ट से हड़कंप

Updated: Tue, 25 Aug 2026 12:00 AM (IST)

संभल के मंगनपुर गांव में ग्राम प्रधान के घर चल रही रसगुल्ला फैक्ट्री पर छापा मारा गया, जहां 4500 किलो अधोमानक रसगुल्ले जब्त किए गए। मेरठ लैब की जांच में रसगुल्ले, छेना और मेज स्टार्च गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे, जिसके बाद खाद्य विभाग कार्रवाई की तैयारी में है।

गांव मंगनपुर में ग्राम प्रधान के घर संचालित फैक्ट्री में रखे सफेद रसगुल्ले।जागरण आकाईव

गांव मंगनपुर में ग्राम प्रधान के घर संचालित फैक्ट्री में रखे सफेद रसगुल्ले।जागरण आकाईव 

HighLights

  1. 17 अगस्त को हुई छापेमारी में भरे नमूने मेरठ की लैब में हुए फेल, खाद्य विभाग नोटिस जारी करने की तैयारी में

सौरव प्रजापति, संभल। गांव मंगनपुर में ग्राम प्रधान के घर संचालित हो रही फैक्ट्री में तैयार किए जा रहे सफेद रसगुल्ले बनाने की गुणवत्ता में जांच के समय बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। खाद्य विभाग की मेरठ स्थित प्रयोगशाला में कराई गई जांच में बरामद सफेद रसगुल्ले अधोमानक पाए गए हैं। इसके साथ ही रसगुल्ले बनाने में इस्तेमाल होने वाला छेना और मेज स्टार्च भी निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। रिपोर्ट सामने आने के बाद खाद्य विभाग की कार्रवाई की तैयारी तेज हो गई है।

सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार सोनी ने खाद्य विभाग की टीम के साथ 17 अगस्त को गांव मंगनपुर में छापेमारी की थी। प्रशासन को सूचना मिली थी कि गांव में बड़े स्तर पर सफेद रसगुल्लों का निर्माण किया जा रहा है। टीम जब ग्राम प्रधान के घर पहुंची तो वहां रसगुल्ले बनाने का काम संचालित मिला।

मौके पर भारी मात्रा में तैयार रसगुल्ले और निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई थी। पूछताछ में पता चला कि यह कारोबार प्रधान का पुत्र शाने आलम करता है। फैक्ट्री का कोई लाइसेंस भी नहीं है। छापेमारी के दौरान करीब 4,500 किलोग्राम सफेद रसगुल्ले बरामद किए गए थे।

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने तैयार रसगुल्लों के साथ ही निर्माण में प्रयुक्त सामग्री के अलग-अलग नमूने लिए थे। सभी नमूनों को जांच के लिए खाद्य विभाग की मेरठ स्थित प्रयोगशाला भेजा गया था। जांच रिपोर्ट में सफेद रसगुल्ले अधोमानक पाए गए।

वहीं, रसगुल्ले तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला छेना और मेज स्टार्च भी गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसी गांव के निवासी मुबारिक के यहां से बरामद छैना का नमूना भी जांच में अधोमानक पाया गया है। खाद्य विभाग अब प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।

नोटिस जारी कर तीस दिन का दिया जाएगा अपील का समय : सिटी मजिस्ट्रेट

सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार सोनी ने बतिाया कि अधोमानक पाए गए रसगुल्लों के प्रकरण में अब खाद्य विभाग की तरफ से रसगुल्ला फैक्ट्री स्वामी के नाम नोटिस जारी किया जाएगा। जिसमें उसे तीस दिन का समय अपील करने के लिए दिया जाएगा।

अगर, वह इस रिपोर्ट से संतुष्ट नहीं होगा तो फिर दूसरी लैब में जांच कराई जाएगी। वहां पर भी जांच की यही पुष्टि हुई तो फिर एडीएम के समझ प्रकरण पहुंचाकर जुर्माने की कार्रवाई पूरी होगी।

चार दिन में तैयार किए गए थे 4500 रसगुल्ले, सालों से चल रहा धंधा

थाना हजरतनगर गढ़ी क्षेत्र में स्थित गांव मंगनपुर में रसगुल्ले बनाने का धंधा एक, दो या फिर तीन साल से नहीं बल्कि कई सालों से चलता आ रहा है। सिटी मजिस्ट्रेट के मुताबिक छापेमारी के दौरान जो, 4500 किलो रसगुल्ले बरामद किए गए थे। वो, मात्र चार दिन में तैयार किए गए थे। मौके पर रसगुल्ले बनाने की मशीन व अन्य उपकरण भी बरामद हुए थे।

पिछले साल 257 नमूने मानक पर खरे नहीं उतरे

खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में पिछले वित्तीय वर्ष में प्राप्त रिपोर्ट में करीब आधे नमूने मानक पर खरे नहीं उतरे। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 464 नमूने लिए गए और लंबित मामलों को मिलाकर 510 की रिपोर्ट प्राप्त हुई। इनमें 257 नमूने मानक के अनुरूप नहीं मिले।

इन मामलों में 256 वादों का निस्तारण हुआ और संबंधित लोगों पर एक करोड़ 43 लाख 30 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। चालू वित्तीय वर्ष में जुलाई तक जांच की रफ्तार पिछले साल की तुलना में कम रही।

इस अवधि में 110 नमूने लिए गए और लंबित नमूनों समेत 140 की रिपोर्ट मिली। इनमें 62 नमूने मानक पर खरे नहीं उतरे। 48 वादों का निस्तारण कर 31 लाख 60 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

 

लैब की जांच रिपोर्ट में खाद्य पदार्थ अधोमानक पाया गया है। हालांकि इसमें कोई हानिकारक पदार्थ नहीं मिला, लेकिन फैट की मात्रा मामूली अधिक पाई गई है। निर्माण प्रक्रिया में भी कमी की संभावना है। संबंधित को नोटिस जारी किया गया है। जवाब मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

- मानवेंद्र सिंह, सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा विभाग, संभल।


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