कहीं मस्जिद तो कहीं मदरसा: 2 साल, 1000 बीघा जमीन और ताबड़तोड़ बुलडोजर एक्शन; संभल में ऐसे ढहाए गए अवैध निर्माण
संभल में पिछले दो वर्षों में सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने के अभियान के तहत 1000 बीघा से अधिक अरबों रुपये की संपत्ति कब्जा मुक्त कराई गई है। प्रशासन ...और पढ़ें

संभल के मुकर्रबपुर में ग्राम समाज की भूमि पर बनी मजार पर चलता बुलडोजर। जागरण
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एक हजार बीघा से अधिक अरबों रुपये की संपत्ति को कराया जा चुका है कब्जा मुक्त
संवाद सहयोगी, संभल। सरकारी भूमि से अवैध कब्जे हटाने के अभियान के तहत प्रशासन द्वारा पिछले दो वर्षों में एक हजार बीघा से अधिक अरबों रुपये की संपत्ति को कब्जा मुक्त कराया जा चुका है। अवैध तरीके से बनाए गए मस्जिद, मदरसा, दरगाह, कब्रिस्तान के अवैध निर्माण और अन्य कब्जों पर बुलडोजर चला है। कहीं न्यायालय के आदेश के बाद कार्रवाई हुई तो कहीं राजस्व अभिलेखों में सरकारी भूमि पाए जाने पर कब्जा हटाकर जमीन प्रशासन के कब्जे में ली गई।
हयातनगर थाना क्षेत्र में संभल-बहजोई मार्ग के चौड़ीकरण की योजना के दौरान याकूब अली शाह चिश्ती की दरगाह का हिस्सा सड़क की भूमि में आने का मामला सामने आया था। प्रशासन के निर्देश पर दरगाह कमेटी ने अगस्त 2025 में संसाधनों की सहायता से दरगाह को लगभग 70 फीट पीछे स्थानांतरित कर दिया था।
इसी वर्ष कोतवाली क्षेत्र के शेर खां सराय में राजस्व अभिलेखों में नवीन परती दर्ज भूमि पर बने कब्रिस्तान, दरगाह के गेट और मजार को बुलडोजर से हटाया गया। बाद में यह भूमि प्रशासन के कब्जे में लेकर दंगा पीड़ितों को पट्टे पर आवंटित की गई।
दो अक्टूबर 2025 को असमोली थाना क्षेत्र के गांव राया बुजुर्ग में तालाब और खाद के गड्ढों की सरकारी भूमि पर बने मस्जिद, मदरसा और बरातघर को हटाने की कार्रवाई की गई। तहसीलदार न्यायालय के आदेश के बाद प्रशासन बुलडोजर लेकर पहुंचा। ग्रामीणों ने पहले स्वयं निर्माण हटाने की बात कही, लेकिन बाद में प्रशासन ने अवैध निर्माण ध्वस्त कर भूमि कब्जामुक्त करा दी।
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मार्च 2024 में ऐंचोड़ा कंबोह कस्बे में श्रीकल्कि धाम के समीप खलिहान की भूमि पर बनी मस्जिद को भी अवैध कब्जा मानते हुए बुलडोजर से ध्वस्त किया गया। कार्रवाई के बाद भूमि को राजस्व विभाग ने अपने कब्जे में ले लिया। असमोली थाना क्षेत्र के गांव सलेमपुर सलार उर्फ हाजीपुर में सरकारी भूमि पर बने मदरसे को भी प्रशासन ने बुलडोजर से गिरा दिया।
इस मामले में मदरसा संचालक पर 52 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। जामा मस्जिद के निकट स्थित कब्रिस्तान की भूमि पर अवैध रूप से मकान और दुकानें बनने का मामला भी सामने आया था। पैमाइश के बाद 22 लोगों को नोटिस जारी किए गए। मामला बाद में उच्च न्यायालय पहुंच गया, जिसके चलते आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।
कोतवाली क्षेत्र के बहजोई मार्ग स्थित तिवारी सराय में गाटा संख्या 153 की आबादी भूमि पर भी प्रशासन ने पैमाइश के बाद बुलडोजर से कब्जा हटाया। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध किया, लेकिन प्रशासन ने भूमि को कब्जामुक्त करा लिया।
नखासा थाना क्षेत्र के गांव कसेरुआ में कब्रिस्तान और सरकारी भूमि पर बनी मुस्तफा कादरी मस्जिद (करीब 1200 वर्गमीटर क्षेत्रफल) को राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने ध्वस्त कर सरकारी भूमि खाली कराई।
वहीं 18 मार्च 2026 को नखासा थाना क्षेत्र के गांव महराना में 65 बीघा सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे की पुष्टि होने पर संयुक्त राजस्व टीम ने कार्रवाई की। इसमें 40 बीघा भूमि पर खड़ी फसल को ट्रैक्टर से जोतवाकर तत्काल कब्जा मुक्त कराया गया, जबकि शेष भूमि को भी सरकारी अभिलेखों के अनुरूप खाली कराने की प्रक्रिया शुरू की गई।