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    भाभी से अवैध संबंध का विरोध पड़ा भारी: कसम खाकर पत्नी को घर लाया पति, 2 दिन बाद उतारा मौत के घाट; कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद

    Updated: Fri, 31 Jul 2026 10:59 PM (GMT+05:30)

    अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दहेज प्रताड़ना और अवैध संबंधों का विरोध करने पर पत्नी की हत्या करने वाले पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी पति ...और पढ़ें

    दोषी रामरतन

    दोषी रामरतन

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    1. चार साल पहले हयातनगर थाना क्षेत्र के भमौरी पट्टी गांव में हुई थी वारदात

    संवाद सहयोगी, चंदौसी (संभल)। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने दहेज प्रताड़ना और अवैध संबंधों का विरोध करने पर पत्नी की हत्या करने वाले पति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साक्ष्यों के अभाव में एक महिला को बरी किया गया हैं। 25500 रुपये का जुर्माना भी दोषी पर लगा है, जिसे जमा न करने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

    सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता हरिओम प्रकाश ने बताया कि बहजोई के गांव लतीफपुर पचतौरा के रहने वाले विजेंद्र सिंह ने हयातनगर थाने में 12 अप्रैल-2020 को बेटी अनीता की हत्या के मामले में भमौरी पट्टी के दमाद समेत पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।

    उन्होंने बताया कि बेटी अनीता (30) का विवाह लगभग 12 साल पहले रामरतन के साथ किया था। शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष के लोग अनीता को दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। इसी बीच अनीता ने अपने पति रामरतन को उसके चचेरे भाई की पत्नी के साथ अवैध संबंध बनाते हुए पकड़ लिया था। इससे गुस्साए पति ने उसके साथ मारपीट की।

    अवैध संबंधों और मारपीट की जानकारी मिलने पर पिता अपनी बेटी को घर ले आए थे। 10 अप्रैल 2020 को दामाद रामरतन गांव के संभ्रांत लोगों को लेकर उनके गांव पहुंचा और आइंदा मारपीट न करने व संबंध समाप्त करने की कसम खाकर अनीता को अपने साथ ले गया। 12 अप्रैल को जब पिता विजेंद्र सिंह ने अपनी बेटी से बात करने के लिए फोन किया तो पहले बात कराने से मना किया गया।

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    बाद में जब अनीता से बात हुई तो उसने रोते हुए जान का खतरा जताया। अनहोनी की आशंका में जब स्वजन भमौरी पट्टी पहुंचे, तो दोपहर लगभग 12 बजे अनीता घर के अंदर मृत पड़ी मिली। ससुराल पक्ष के सभी लोग मौके से भाग चुके थे।

    पुलिस ने मृतका के पति रामरतन, जेठ हरिओम, रामनाथ, अशोक और रामरतन के चचेरे भाई की पत्नी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की। जांच के बाद पुलिस ने पति रामरतन और महिला को हत्या का दोषी माना और न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की।

    इस मुकदमे की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश गोपालजी के न्यायालय में हुई। गवाहों के बयानों और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद न्यायालय ने रामरतन को दोषी पाया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई, जबकि महिला को साक्ष्यों के अभाव में बरी कर दिया।

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