वाराणसी बताकर जम्मू-कश्मीर ले गया ठेकेदार: बंधक बने संभल के 8 मजदूर, वीडियो वायरल होने पर बची जान
संभल के आठ मजदूरों को ठेकेदार ने वाराणसी का झांसा देकर जम्मू-कश्मीर के ईंट-भट्ठे पर बंधक बना लिया था। वीडियो वायरल होने के बाद संभल पुलिस की मदद से उन्हें छुड़ाया गया और अब वे घर लौट रहे हैं।

बंधक मजदूरों द्वारा बनाया गया वीडियो। इंटरनेट मीडिया
HighLights
किसी की मदद से पीड़ित लोगों ने वीडियो किया प्रसारित, संभल की पुलिस ने जम्मू-कश्मीर में बात कर छुड़वाया
जागरण संवाददाता, संभल। आठ गरीब मजदूरों को रोजगार का भरोसा देकर ठेकेदार जाकिर ने मजदूरों को जम्मू-कश्मीर के ईंट-भट्ठे में लगवा दिया। इसके बदले भट्ठा मालिक से ढाई लाख रुपये भी ले लिये। मजदूरों को कुछ दिन बाद हकीकत पता चली तो घर जाने की बात कही। इस पर भट्ठा मालिक ने सभी को पीटा और बंधक बना लिया।
इस दौरान एक मजदूर का दांत भी टूट गया। किसी तरह मजदूरों ने आपबीती सुनाते हुए एक वीडियो बनवाया। यह इंटरनेट मीडिया पर पोस्ट कर दिया। वीडियो घरवालों तक पहुंचा। ठेकेदार ने उनकी फरियाद अनसुनी कर दी तो पुलिस से फरियाद की।
संभल की पुलिस से बातचीत के जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ईंट-भट्ठा मालिक के चंगुल से मजदूरों को छुड़वाया। सरायतरीन पुलिस चौकी इंचार्ज राहुल देशवाल का कहना है कि सभी मजदूर ट्रेन से वापस घर लौट रहे हैं।
गांव फत्तेपुर उत्तमा के गुड्डू, हरवीर, सुरजीत, अमित कुमार समेत आठ मजदूर 11 अगस्त को सरायतरीन निवासी ठेकेदार जाकिर के जरिये जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित ईंट-भट्ठे पर काम करने गए थे।
स्वजन का आरोप है कि जाहिद सभी मजदूरों को दिल्ली तक साथ ले गया और वहां दूसरी गाड़ी में बैठाकर लौट आया। इसके बाद मजदूरों को भट्ठा मालिक के भरोसे छोड़ दिया गया।
यहां दैनिक मजदूरी न मिलने पर विरोध किया तो ईंट-भट्ठा मालिक ने बताया कि सभी मजदूरों को दिये जाने वाले रुपये ठेकेदार जाकिर कमीशन समेत ले जा चुका है। मजदूरों का आरोप है कि वहां पहुंचने के बाद भट्ठा मालिक ने उन्हें बंधक बना लिया।
मजदूरी के रुपये भी नहीं दिए जा रहे हैं। मजदूरों का कहना है कि भट्ठा मालिक दिन भर काम कराता और जब घर जाने की बात करते हैं तो मारपीट होती है। मजदूरों ने किसी तरह वीडियो में मजदूरी न मिलने और घर नहीं जाने देने की शिकायत की।
शनिवार को परिवार के लोग सरायतरीन में ठेकेदार के घर पहुंचे और मजदूरों को वापस बुलाने की बात कही। ठेकेदार ने भट्ठा मालिक से बात करने का आश्वासन दिया। रविवार की सुबह फिर पहुंचे तो टरका दिया।
इसके बाद स्वजन सरायतरीन पुलिस चौकी पहुंचे और और वीडियो दिखाते हुए पूरे मामले की पुलिस जानकारी दी। अब मजदूरों के बंधनमुक्त होने का पता चलने पर सभी के परिवार के लोग उनका इंतजार कर रहे हैं।
800 से 1000 रुपये प्रतिदिन मजदूरी का दिया था लालच
जम्मू-कश्मीर में बंधक बनाए गए गांव फत्तेहपुर उत्तमा के मजदूर मुफलिसी, बेबसी और धोखे के शिकार हुए हैं। दरअसल, ये सभी मजदूर दूसरे लोगों के खेतों में काम करते हैं लेकिन, इस समय यहां पर वर्षा होने की वजह से उन खेतों में पानी भरा होने की वजह से काम बंद हो गया।
परिवार मजदूर गरीब हैं। इसलिए मजदूरी करने के लिए ठेकेदार के साथ चले गए। हैरानी की बात यह है कि ठेकेदार जाकिर उन्हें वाराणसी में काम दिलाने की बात कहकर ले गया था लेकिन, जम्मू-कश्मीर ले गया। मजदूरों को प्रतिदिन 800 से 1000 रुपये मजदूरी मिलने की बात बताई गई थी।
बंधक बनाए गए मजदूर अमित के भाई मोनू ने बताया कि 13 दिन पहले ठेकेदार सभी मजदूरों को ट्रेन से लेकर रवाना हुआ। रास्ते में जब एक मजदूर ने ट्रेन दक्षिण दिशा में जाने पर ठेकेदार से सवाल किया तो उसने कहा कि ट्रेन जम्मू-कश्मीर होकर वाराणसी जाएगी।
मजदूरों को ठेकेदार की बात पर भरोसा था, इसलिए किसी ने ज्यादा सवाल नहीं किए। इसके बाद सभी मजदूर जम्मू-कश्मीर पहुंच गए। वहां उन्हें एक ईंट भट्ठे पर काम में लगा दिया गया। मजदूरों ने कुछ दिन काम किया।
मोनू ने बताया कि 20 अगस्त को जब मजदूरों ने भट्ठा स्वामी से अपनी मजदूरी मांगी तो वह नाराज हो गया। आरोप है कि रुपये देने के बजाय उसने मजदूरों के साथ मारपीट शुरू कर दी।
मोनू के मुताबिक भट्ठा स्वामी ने ठेकेदार को चार लाख रुपये देने की बात कही थी, जिसका जिक्र मजदूर वीडियो में भी कर रहे हैं। प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि इस प्रकरण में कार्रवाई जम्मू कश्मीर में होनी चाहिए। क्योंकि वहां पर ही घटना हुई है।
हालांकि दो-तीन मजदूर वापस आ रहे हैं। ठेकेदार से मजदूर के स्वजन की बातचीत हो गई है। मजदूरों ने भी कुछ पैसे ठेकेदार से एडवांस ले लिए हैं। इसके बाद भी वह काम नहीं कर रहे हैं।
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