संभल जामा मस्जिद के बाद अब चौधरी सराय की मस्जिद जांच के घेरे में: 15 साल पहले अवैध कब्जे का आरोप, DM ने दिए निर्देश
संभल के चौधरी सराय स्थित बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद अवैध निर्माण के आरोपों के चलते जांच के घेरे में आ ...और पढ़ें

संभल के चौधरी सराय चौराहे पर बनी बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद। जागरण
HighLights
डीएम ने संभल एसडीएम को सौंपी जांच, रिकार्ड निकलवाने का काम शुरू
10 से 15 साल पहले खाली प्लाट पर मस्जिद बनाने का आरोप
मस्जिद के मुतवल्ली का तर्क- कई सौ साल पुरानी ये मस्जिद वक्फ की संपत्ति पर बनी हुई
सौरव प्रजापति, संभल। शाही जामा मस्जिद प्रकरण के साथ अब मुख्य चौराहा चौधरी सराय में बनी बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद भी जांच के घेरे में है। जामा मस्जिद के आसपास अवैध कब्जे की शिकायत करने वाले श्रीकल्कि सेना के राष्ट्रीय संयोजक सुभाष चंद्र त्यागी ने जिलाधिकारी को शिकायत दी है।
इसके अनुसार भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) संरक्षित इमारत (हरिहर मंदिर/जामा मस्जिद) के नाम पर कई संपत्तियां हैं। इनमें बड़ा दरवाजा क्षेत्र में गाटा संख्या 170/1 में 1210 वर्ग मीटर तथा 170/3 में 610 वर्ग मीटर जमीन भी है।
दोनों गाटा संख्या बराबर-बराबर हैं। आरोप है कि वर्ष 1920 से एएसआइ संरक्षित होने के बावजूद करीब 10 से 15 वर्ष पूर्व कुछ असामाजिक तत्वों ने इन दाेनों संपत्तियों पर अवैध रूप से चौधरी सराय चौराहा पर बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद बनाकर कब्जा कर लिया।
मस्जिद जानबूझकर किलानुमा बनाई गई। जिससे भविष्य में पुलिस प्रशासन के लिए कानून व्यवस्था बनाए रखना चुनौती बने। पत्र में वर्ष 2019 में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) के विरोध हिंसा उल्लेख किया।
बताया कि तब इसी मस्जिद से निकली हथियारबंद भीड़ ने चौधरी सराय पुलिस चौकी के सामने रोडवेज बस में आग लगाने के साथ पुलिस बल पर भी हमला किया था। डीएम ने एसडीएम विकास चंद्र को जांच के लिए निर्देश दिए हैं।
एसडीएम का कहना है कि प्रकरण संज्ञान में आया है। जांच शुरू करेंगे, अभी संपत्ति से जुड़े रिकार्ड निकलवाए जा रहे हैं। मस्जिद के मुतवल्ली इरशाद का दावा है कि यह मस्जिद कई सौ साल पुरानी है और वक्फ की जमीन पर बनी है। 10 से 15 साल पहले छोटी मस्जिद थी, तब मरम्मत करवाकर बड़ा किया गया।
1526 में बनी जामा मस्जिद
जामा मस्जिद को मुगल सम्राट बाबर के आदेश पर उसके सेनापति मीर हिंदू बेग द्वारा 6 दिसंबर 1526 तक बनवाया गया था। यह शहर में मुहल्ला कोट की एक ऊंचे टीले पर स्थित है। इस जामा मस्जिद के नाम पर ही कई संपत्तियां बताई जा रही हैं।
हिंसा के बाद प्रशासन सख्त, ध्वस्त कराए मस्जिद-मदरसे
24 नवंबर 2024 को हिंसा हुई थी। इसके बाद प्रशासन ने जिले में अवैध कब्जों और अवैध निर्माण के खिलाफ सख्ती बढ़ाई है। सरकारी भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा कर बनाए गए मस्जिद, मजार और मदरसों को भी चिह्नित कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में अब चौधरी सराय चौराहे पर बनी मस्जिद से जुड़ी शिकायत की भी जांच शुरू होने जा रही है।
इस प्रकरण की जानकारी एक पत्र के माध्यम से मिली है। शिकायत की जांच का जिम्मा संभल एसडीएम को सौंपा गया है। जरूरत पड़ने पर इस प्रकरण में टीम का गठन भी किया जाएगा। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- अंकित खंडेलवाल, डीएम, संभल
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