संभल में विवादित मस्जिद पर रातों-रात डाला पक्का लिंटर; हिंदू समाज के विरोध के बाद पुलिस की मौजूदगी में हटा निर्माण
संभल के मन्नीखेड़ा गांव में विवादित मस्जिद पर रातोंरात पक्का लिंटर डालने से तनाव बढ़ गया, जिसके बाद हिंदू समाज ...और पढ़ें

गांव मन्नी खेड़ा में मस्जिद के अवैध निर्माण की जानकारी करती पुलिस
HighLights
हिंदू समाज के विरोध के बाद मौके पर पहुंची पुलिस, मस्जिद कमेटी से हटवाया
संवाद सहयोगी, संभल। नखासा के मन्नीखेड़ा गांव में विवादित मस्जिद पर रातोंरात पक्का लिंटर डाल दिया गया। इसकी जानकारी जब हिंदू समाज के लोगों को हुई तो तनाव बढ़ गया और उन्होंने इसका विरोध किया। मामला बढ़ने की सूचना पर सीओ असमोली और के साथ नखासा पुलिस मौके पर पहुंची।
पुलिस ने दोनों पक्षों से जानकारी लेकर स्थिति को शांत कराया। साथ ही मस्जिद कमेटी ने पुलिस की माैजूदगी में निर्माण हटाना शुरू किया।गांव मन्नीखेड़ा के हिंदू समाज के लोगों का कहना है कि मस्जिद पर पहले टीन शेड पड़ा था।
आरोप है कि 30 अगस्त की रात मस्जिद नूरी की जमीन पर बिना किसी अनुमति के निर्माण कराया गया। पहले टीन की छत हटाकर गाटर-पट्टे डाले गए और इसके बाद पक्का लिंटर डाल दिया गया।
इसकी जानकारी होने पर गांव के नितेश, कुलदीप, राजीव, महेंद्र, जगपाल, शिवम, रवि, नेत्रपाल, दीपक और सतवीर समेत कई ग्रामीणों ने एसडीएम से शिकायत की। ग्रामीणों ने निर्माण हटवाने के साथ पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि मस्जिद के स्थल को लेकर वर्ष 2009 से विवाद चला आ रहा है।
राजीव कुमार ने बताया कि उस समय तत्कालीन एसडीएम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य रुकवा दिया था। साथ ही विवादित स्थल पर आगे किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं करने के निर्देश दिए गए थे। उस समय क्षेत्र हसनपुर सीओ और सैदनगली क्षेत्र के अंतर्गत आता था।
ग्रामीणों का कहना है कि रामलीला मैदान में दोनों पक्षों की बैठक भी हुई थी। इसमें गांव में नए धार्मिक निर्माण को लेकर सहमति नहीं बनी थी। मस्जिद कमेटी से जुड़े इकरार ने नए निर्माण के आरोप से इनकार किया। कहा कि मस्जिद की पुरानी छत कच्ची थी।
उसे करीब दो से ढाई महीने पहले पक्का कराया गया था। इसे बेवजह विवाद का रूप दिया जा रहा है। सूचना पर असमोली सीओ अमन कुमार के मौके पर पहुंचने के बाद कमेटी के सदस्यों ने निर्माण हटाने का काम शुरू कर दिया।
सीओ ने बताया कि कमेटी की ओर से कुछ अतिरिक्त निर्माण कराया गया था। निर्माण व्यक्तिगत जगह पर ही कराया गया था। फिलहाल गांव में आपसी सौहार्द बनाए रखने के लिए कमेटी ने स्वयं अतिरिक्त निर्माण हटाने का निर्णय लिया है। इसे पुराने स्वरूप में लाया जाएगा।
