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    संभल: 'तुर्क की तुर्कई' बयान के बाद बवाल; धुना समाज का बहिष्कार और नमाज से रोकने पर 5 पर FIR

    Updated: Fri, 24 Jul 2026 08:36 PM (IST)

    संभल में मुख्यमंत्री योगी के बयान के बाद धुना समाज को नमाज से रोकने और बहिष्कार करने के आरोप में पांच लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। यह विवाद माडली ...और पढ़ें

    प्रतीकात्‍मक च‍ित्र

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    1. ऐंचोड़ा कंबोह के गांव माडली समसपुर की 120 साल पुरानी मस्जिद में तुर्क समाज द्वारा नमाज की नई परंपरा लागू करने का आरोप

    संवाद सहयोगी, संभल। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 18 जुलाई को संभल दौरे के दौरान दिए गए ''संभल में तुर्क की तुर्कई नहीं चलेगी'' वाले बयान के सात दिन बाद ऐंचोड़ा कंबोह के गांव माडली समसपुर की एक मस्जिद में तुर्क समाज द्वारा धुना समाज के परिवारों को मस्जिद में नमाज अदा करने से रोकने के मामले में पांच लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोप है कि विगत तीन जुलाई को आरोपितों ने पीड़ित को नमाज के दौरान न केवल नमाज पढ़ने से रोका बल्कि बहिष्कार करते हुए उसे व उसके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी।

    गांव माडली समसपुर निवासी वसीम ने शुक्रवार को दर्ज प्राथमिकी में कहा कि वह देवबंदी मसलक से जुड़े हैं और धुना समाज के हैं। समाज के पांच-छह परिवार गांव में रहते हैं, जबकि गांव की अधिकांश आबादी तुर्क समाज की है।

    गांव की करीब 120 वर्ष पुरानी बड़ी मस्जिद में वर्षों से देवबंदी और बरेलवी मसलक के लोग एक साथ नमाज अदा करते रहे हैं, लेकिन अब बरेलवी मसलक से जुड़े तुर्क समाज के लोग उन्हें उनकी परंपरा के अनुसार नमाज अदा करने से रोक रहे हैं और अपने तरीके से धार्मिक गतिविधियां संचालित करने का दबाव बना रहे हैं।

    धुना समाज में पांच वक्त की नमाज अदा की जाती है, जबकि तुर्क समाज दिन में छह बार नमाज अदा करने का दबाव बना रहा है। पीड़ित ने बताया कि यह विवाद करीब ढाई साल पुराना है लेकिन तब थानाध्यक्ष की मौजूदगी में दोनों पक्षों में समझौता करा दिया गया था।

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    कई महीनों तक सब समझौते के अनुसार चलता रहा लेकिन विगत तीन जुलाई को आरोपितों ने उनसे कहा कि वह न तो यहां नमाज पढ़ सकता है और न ही कोई और नमाज पढ़ेगा। इसके बाद आरोपितों ने उसका बहिष्कार करते हुए जान से मारने की धमकी दी। लगातार उत्पीड़न के कारण उनके समाज के परिवार गांव छोड़ने को मजबूर हैं।

    वसीम की तहरीर पर थाना ऐंचोड़ा कंबोह पुलिस ने मस्जिद के मुतवल्ली अतीक अहमद, शाने आलम, आमिर, भोलू और हाफिज मारूफ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।

    मुख्यमंत्री के बयान के एक सप्ताह के भीतर गांव माडली समसपुर का यह विवाद सामने आने से मामला चर्चा का विषय बन गया है। एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।

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