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    संभल हिंसा: दुबई से रची गई खूनी साजिश का पर्दाफाश; दो हत्याएं करने वाले गुर्गे वारिस पर भी लगा NSA

    Updated: Wed, 22 Jul 2026 06:19 PM (IST)

    संभल हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साठा के गुर्गे वारिस पर भी अब राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) लगा दिया गया है। उस पर हिंसा के दौरान दो लोगों की गोली मार ...और पढ़ें

    शारिक साठा का गुर्गा वारिस  जागरण आकाईव

    शारिक साठा का गुर्गा वारिस जागरण आकाईव

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    1. लखनऊ में हाई कोर्ट के एडवाइजरी बोर्ड में डीएम-एसपी के बयान दर्ज होने के बाद मिली मंजूरी, नोटिस तामिल कराने की प्रक्रिया

    जागरण संवाददाता, संभल। हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साठा के तीसरे गुर्गे मुहल्ला खग्गूसराय के वारिस के खिलाफ भी एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून ) की कार्रवाई हुई है। उसके खिलाफ हिंसा में हथियार उपलब्ध कराने और गोली मारकर दो लोगों की हत्या करने का आरोप है। इससे पहले उसके साथी मुल्ला अफरोज और गुलाम पर भी एनएसए की कार्रवाई हो चुकी है। तीनों अपराधी जेल में बंद हैं। इन्हीं तीनों ने साठा के इशारे पर हिंसा की साजिश रची थी, यह बात मुल्ला अफरोज और गुलाम ने पुलिस की गिरफ्तारी के दौरान कबूल भी की है।

    जामा मस्जिद के सर्वे के विरोध में संभल में 24 नवंबर 2024 को हिंसा भड़की थी। जिसमें चार लोगों की मृत्यु हो गई, जबकि 30 से अधिक अधिकारी व पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। इस मामले में 37 लोगों को नामजद करते हुए 3750 अज्ञात के खिलाफ सात मुकदमे दर्ज किए थे।

    19 जनवरी को मास्टरमाइंड शारिक साठा के गुर्गे मुल्ला अफरोज सहित दस उपद्रवी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।मोहम्मद गुलाम को 20 फरवरी 2025 को संभल के रोडवेज बस अड्डे के पास से गिरफ्तार किया था। ऐसे ही 25 जनवरी को तीसरे गुर्गे वारिस को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

    यह तीनों गुर्गे ही हिंसा को भड़काने में जुटे थे। इतना ही नहीं, मुख्य गुर्गा मुल्ला अफरोज प्रापर्टी डीलर के साथ साठा के लिए काम करता था। उसके इशारे पर दिल्ली, एनसीआर से लग्जरी गाड़ियां चोरी कर बंगाल, असम के साथ नेपाल तक भेजता था। पूछताछ में अफरोज ने बताया था कि हिंसा के पीछे वर्षों से पुलिस के लिए चुनौती बना कुख्यात शारिक साठा है।

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    उसने अपने गुर्गों को हथियार मुहैया कराकर हिंसा कराई थी। उसका साफ कहना था कि 10-20 को मार दोगे तो सरकार और प्रशासन बैकफुट पर आ जाएंगे। फिर हम सुरक्षित होकर काम करेंगे। हमें नेताओं का फुल सपोर्ट है। वह 2012 से दुबई में छिपे साठा के संपर्क में था।

    उसके कहने पर चोरी के वाहनों और हथियारों की सप्लाई करता था। हिंसा में मारे गए बिलाल और अयान को उसने ही गोली मारी थी। जबकि वारिस ने मोहम्मद कैफ और नईम की गोली मारकर हत्या की थी। इन तीनों अपराधियों के खिलाफ चार लोगों की हत्या करने के चार मुकदमा भी दर्ज है।

    दो मुकदमें नखासा थाने और दो ही कोतवाली नगर में हैं। मुल्ला अफराेज व गुलाम पर पहले ही एनएसए लग चुकी है, जबकि अब दूसरी बार में 25 मई 2026 को डीएम-एसपी के लखनऊ में हाई कोर्ट के एडवाइजरी बोर्ड में बयान दर्ज होने के बाद वारिस पर एनएसए की मंजूरी मिली है।

     

    हिंसा में शामिल मास्टरमाइंड शारिक साठा के गुर्गे वारिस पर भी अब एनएसए लग चुकी है।इससे पहले मुल्ला अफराेज और गुलाम के खिलाफ एनएस लगी थी। बाकी शारिक साठा की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस लगातार प्रयासरत है।

    - कुलदीप सिंह, सीओ, संभल।


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