गंगा एक्सप्रेस-वे से NH-509 तक... संभल में क्यों लहूलुहान हो रही हैं सड़कें? रिपोर्ट देख कांप जाएगी रूह
संभल जिले में सड़क हादसों का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। पिछले तीन सालों में 1239 दुर्घटनाओं में 852 लोगों की जान गई है। 2025 में 467 हादसों में 308 मौते ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक चित्र
सौरव प्रजापति, संभल। तमाम प्रयासों के बाद भी संभल जिले में हादसों का ग्राफ कम नहीं हो रहा है। पिछले तीन साल में हुए हादसों के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति डराने वाली है। यह तब है, जब कागजों में यातायात के कायदे-कानून के प्रति जागरुकता अभियान हर साल-महीने चल रहे हैं। मगर, उस कवायद का असर धरातल पर कम देखने को मिलता है। यही वजह है कि हादसे की संख्या के साथ-साथ जान गंवाने वालों का रिकार्ड भी बढ़ता जा रहा है।
दरअसल, यातायात को सुगम और हादसों में कमी आने के लिए सड़क सुरक्षा समिति का भी गठन है। इसके अलावा साल के हर नवंबर माह में यातायात का पाठ पढ़ाने के लिए भी पुलिस की पूरी फौज सड़क पर उतरती है। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ न सिर्फ कार्रवाई होती है बल्कि उन्हें यातायात के प्रति जागरूक करने का भी प्रयास किया जाता है।
संभल सड़क हादसे: 3 साल का खौफनाक रिपोर्ट कार्ड
| वर्ष | कुल सड़क हादसे | मृतकों की संख्या |
| 2023 | 392 | 274 |
| 2024 | 380 | 270 |
| 2025 | 467 | 308 |
| कुल (3 साल) | 1,239 | 852 |
लेकिन, जब साल के आखिर में हादसों की रिपोर्ट पर नजर पहुंचती है तो लगता है कि वह सभी कवायदें व्यर्थ जा रही हैं। क्योंकि हादसों के साथ-साथ हर साल जान गंवाने वालों की संख्या बढ़ रही है। इन सालों में जिले के कई बड़े हादसे हुए हैं। जैसे 22 नवंबर 2025 को गंगा एक्सप्रेस-वे पर हादसा हुआ। जिसमें कार सवार छह लोगों की मौत हुई।
फिर बहजोई क्षेत्र में ही एक कैंटर पेड़ से टकराया। जिसमें दो लोगों की मौत हुई और अब 2026 में धनारी क्षेत्र में फिर बड़ा हादसा हुआ। जिसमें चार लोगों ने अपनी जान गंवाई है। वर्ष 2023 में पूरे जिले में 392 हादसे हुए थे। जिनमें 274 लोगों की मौत हुई। 2024 में 380 हादसे हुए और 270 ने जान गंवाई।
संभल जिले के ये 14 स्थान हैं सबसे खतरनाक
| क्र.सं. | मार्ग (Highway/Road) | स्थान/गांव का नाम | संबंधित थाना |
| 1 | राज्य मार्ग-18 | गांव सैजना मुस्लिम | गुन्नौर |
| 2 | राज्य मार्ग-18 | गांव धनीपुर | जुनावई |
| 3 | राज्य मार्ग-18 | गांव जुनावई | जुनावई |
| 4 | राज्य मार्ग-51 | गांव सिंहपुर सानी | नखासा |
| 5 | राज्य मार्ग-51 | गांव खग्गपुरा | नखासा |
| 6 | राज्य मार्ग-51 | डीआर रिसॉर्ट (DR Resort) | बहजोई |
| 7 | राज्य मार्ग-51 | गांव धुरैटा | हयातनगर |
| 8 | राज्य मार्ग-148 | दीपपुर डांडा से भौपतपुर | रजपुरा |
| 9 | राष्ट्रीय राजमार्ग-509 | रसूलपुर रोड | बनियाखेड़ा |
| 10 | राष्ट्रीय राजमार्ग-509 | टी-प्वाइंट तिराहा (चंदौसी ग्रीन) | बनियाखेड़ा |
| 11 | राष्ट्रीय राजमार्ग-509 | गांव पाठकपुर | बहजोई |
| 12 | राष्ट्रीय राजमार्ग-509 | गांव भकरौली चौराहा | धनारी |
| 13 | राष्ट्रीय राजमार्ग-509 | रसूलपुर मोड़ | गुन्नौर |
| 14 | प्रमुख जिला मार्ग-59 | गांव बिछौली | संभल |
अब 2025 की बात करें तो 467 हादसे हुए हैं और उनमें 308 लोगों की जान गई है। खास बात यह है कि जिले में अभी तक 10 ब्लैक स्पाट हुआ करते थे लेकिन, अब यह संख्या बढ़कर 14 हो गई है। जिले में चार ब्लैक स्पाट और बढ़ गए हैं। ध्यान देने की बात ये सभी ब्लैक स्पाट भारत सरकार द्वारा तय किए गए मानक के अनुरूप हैं।
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हादसों पर लगाम कसने के लिए पुलिस, यातायात के साथ मिलकर परिवहन विभाग भी कार्य करता है। लोगों को जागरुकता का पाठ भी पढ़ाया जाता है। इसके बाद भी हादसे बढ़ने की बात जरूर चिंताजनक है। लोगों को काफी समझाया भी जाता है। बड़े हादसों की बात करें तो अधिकांश में तेज रफ्तार ही कारण बनते हुए नजर आता है। हां, इस बार पिछले साल के हिसाब से ब्लैक स्पाटों की संख्या बढ़ी है।
- अमिताभ चतुर्वेदी, एआरटीओ, संभल।
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