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    संभल बना 'गैस चैंबर': रात के अंधेरे में जलती हड्डियों ने छीना चैन, घरों में खाना खाना भी हुआ मुहाल!

    Updated: Sat, 21 Mar 2026 07:15 AM (IST)

    संभल के चिमयावली और फिरोजपुर गांवों के पास 12 हड्डी फैक्ट्रियां रात में अवैध रूप से हड्डियां जला रही हैं। इससे निकलने वाली तेज दुर्गंध से संभल शहर तक ...और पढ़ें

    संभल में दुर्गंद के दौरान रात का नजारा। जागरण

    संभल में दुर्गंद के दौरान रात का नजारा। जागरण

    HighLights

    1. शहर के आसपास में संचालित हैं 12 हड्डी की फैक्ट्रियां, प्रदूषण का खतरा मंडराया, जिम्मेदार खामोश

    जागरण संवाददाता, संभल। शहर के सटे इलाकों में संचालित हड्डी फैक्ट्रियों में रात के अंधेरे में हड्डियों को जलाने और गलाने का धंधा जोरों पर किया जा रहा है। हवा के साथ बहने वाली हड्डियों की दुर्गंध से आसपास ही नहीं बल्कि शहर के लोगों का भी दम घुट रहा है। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि घरों में रहने वाले लोग इस दुर्गंध की वजह से खाना पीना भी नहीं कर पाते हैं।

    पिछले दो दिन से इनकी दुर्गंध काफी तेजी के साथ फैल रही है मगर, जिम्मेदारों का इस तरफ कोई ध्यान नहीं है। प्रशासनिक आंकड़ों के मुताबिक शहर से सटे गांव चिमयावली और फिरोजपुर के आसपास में लगभग 12 हड्डी फैक्ट्री (बोन मिल) संचालित हैं। इन फैक्ट्रियों में मृत पशुओं की हड्डियों को पीसकर अलग-अलग उत्पाद बनाया जाता है।

    इन फैक्ट्रियों के संचालन में नियमों की मखौल उड़ाया जा रहा है। ऐसा इसलिए कहा जा रहा है। क्योंकि इन फैक्ट्रियों के अंदर से उठने वाली दुर्गंध लोगों तक पहुंच रही है। ध्यान देने की बात यह है कि जब दुर्गंध फैलती है तो वह न सिर्फ आसपास के इलाकों तक रहती है बल्कि पांच किमी दूरी पर स्थित संभल शहर भी इसकी चपेट में रहता है।

    पिछले दो दिन सोमवार और मंगलवार की रात को हवा चलने के दौरान इन फैक्ट्रियों से हड्डी जलने पर निकलने वाली दुर्गंध फैलने की वजह से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। क्योंकि ऐसी दुर्गंध से न सिर्फ दम घुटता है बल्कि स्वास्थ्य पर भी बुरा प्रभाव रहता है।

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    दो फैक्ट्रियों हुईं बंद, जल्द ही तीन के खिलाफ होगी कार्रवाई : सिटी मजिस्ट्रेट

    सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार सोनी ने बताया कि हड्डी फैक्ट्री (बोन मिल) के खिलाफ लगातार कार्रवाई होती है। पिछले साल जुलाई व अगस्त माह में दो फैक्ट्रियों को बंद कराया गया था।लेकिन, अब फिर से तीन फैक्ट्रियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उसके खिलाफ आदेश जारी होने का इंतजार है।

     

    हड्डी फैक्ट्री (बोन मिल) में अगर, हड्डियां जलाई जा रही हैं। जाे, गलत है। इस प्रकरण की जांच कराई जाएगी। इसके लिए टीम को भेजकर दिखवाया जाएगा।

    - डीके गुप्ता, आरओ, प्रदूषण नियंत्रण विभाग, संभल।


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