संभल हिंसा: मास्टरमाइंड के गुर्गों पर NSA बरकरार, मुकदमों में गवाही पूरी; अब फैसले की ओर केस
संभल हिंसा मामले में पुलिस की कार्रवाई अब न्यायालय में निर्णायक मोड़ पर है। मास्टरमाइंड शारिक साठा के तीन गुर्गे अभी भी एनएसए के तहत जेल में हैं, जबकि ...और पढ़ें

हिंसा के बाद संभल में जांच करता न्यायिक आयोग। जागरण आर्काइव
HighLights
हिंसा मामले में 12 मुकदमों में 37 नामदज और 3750 अज्ञात बनाए थे आरोपित
संवाद सहयोगी, संभल। हिंसा के मामले में पुलिस की कार्रवाई अब न्यायालय में चल रही प्रक्रिया पर केंद्रित है। पुलिस अब तक 129 आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। इनमें अधिकांश को न्यायालय से जमानत मिल चुकी है। जबकि हिंसा में चार लोगाें की हत्या करने वाले हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साठा के तीन गुर्गे गुलाम, मुल्ला अफरोज व वसीम पर एनएसए लगी हुई है। इसलिए वह जेल में हैं।
वहीं, 12 मुकदमों में से कई में आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किए जा चुके हैं, जबकि शेष मामलों में विवेचना आगे बढ़ रही है। सभी मुकदमों में गवाही की प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। जल्द ही मुकदमे निर्णायक मोड़ पर होंगे।
हिंसा की घटना के बाद पुलिस ने कुल 12 मुकदमे दर्ज किए। इनमें करीब 3750 अज्ञात और 37 नामजद आरोपितों को चिह्नित किया गया था। जांच के लिए एसआईटी गठित की गई। हिंसा प्रभावित क्षेत्र से पाकिस्तान और अन्य देशों में निर्मित कारतूस भी मिले थे।
विवेचना के दौरान जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी के सदर जफर अली, सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क समेत कई लोगों के नाम सामने आए, जिन्होंने गिरफ्तारी से बचने को स्टे ले रखा है।
विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल का नाम भी एक समय जांच में सामने आया था, लेकिन विवेचना के बाद पुलिस ने उसका नाम मामले से बाहर कर दिया था। एसआईटी की पूछताछ के बाद जफर अली को 23 मार्च 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
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करीब 131 दिन जेल में रहने के बाद उन्हें एक अगस्त 2025 को जमानत मिल गई थी। इसके बाद अन्य आरोपितों को भी अलग-अलग न्यायालयों से राहत मिली।
सीओ कुलदीप सिंह ने बताया कि चार लोगों की हत्या करने के मामले में शारिक साठा के गुर्गे मुल्ला अफरोज, वारिस और गुलाम पर एनएसए लगी थी। मामले में तीनों ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए याचिका भी दायर की थी। तीनों अभी भी जेल में बंद हैं।
वहीं एसआईटी ने हिंसा से जुड़े सभी मुकदमों में न्यायालय के समक्ष आरोपपत्र दाखिल कर दिए हैं। फरवरी 2025 में चार मुकदमों में 124 आरोपितों के खिलाफ करीब 1200 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई थी।
बाद की कार्रवाई में भी इन मुकदमों की विवेचना के आधार पर आरोपितों के खिलाफ न्यायालय में पुलिस की ओर से साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। तत्कालीन सीओ अनुज चौधरी पर हुए हमले के मामले में दर्ज मुकदमे में गवाही पूरी हो चुकी है। न्याय प्रक्रिया भी निर्णायक मोड़ पर है।