Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    संभल हिंसा में जिसे जिंदा जलाने की कोशिश हुई, SP ने उसी जांबाज दारोगा को दि‍या बड़ा इनाम

    Updated: Mon, 13 Jul 2026 11:36 PM (IST)

    संभल हिंसा में दंगाइयों से जान बचाए गए उपनिरीक्षक शाह फैसल को पुलिस अधीक्षक ने उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए ऐचौड़ा कम्बोह का थानेदार बनाया है। यह बदलाव उ ...और पढ़ें

    प्रतीकात्‍मक च‍ित्र

    प्रतीकात्‍मक च‍ित्र

    HighLights

    1. बबराला एसओ को बनाया चौकी प्रभारी, ऐचौड़ा कम्बोह के थानेदार भी बदले

    जागरण संवाददाता, संभल। पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने सोमवार की देररात साढ़े दस बजे महत्वपूर्ण बदलाव किया है। इस बार उन्होंने 24 नवंबर 2024 को संभल हिंसा के दौरान दंगाइयों से जिस उप निरीक्षक की जान बचाई थी, उनके कार्यों से संतुष्ट होकर थाने की कमान सौंपी है। इसी क्रम में एक थानेदार को चौकी प्रभारी बनाया है, जबकि दूसरे थानेदार को अन्य थाने की जिम्मेदारी दी है।

    पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उपनिरीक्षक शाह फैसल को बाइक सहित हिंसा के दौरान दंगाईयों द्वारा जलाने की कोशिश की गई थी। पुलिस अधीक्षक ने प्रयास कर उन्हें दंगाइयों से बचाया था। इसके बाद उन्होंने हिंसा में शामिल कई आरोपितों को पकड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

    इसके अलावा उन्होंने अपने बयान भी दर्ज कराई और दो साल से अधिक दीपा सराय पुलिस चौकी पर संतोषजनक कार्यकाल भी किया। वर्तमान में उनकी तैनाती थाना बनियाठेर की चौकी नरौली पर चल रही थी। उनके कार्य से संतुष्ट होकर पुलिस अधीक्षक ने उन्हें अब ऐचौड़ा कम्बोह का थानेदार बनाया है।

    जबकि ऐचौड़ा कम्बोह के थानेदार लवनीश कुमार को हटाकर बबराला थाने की जिम्मेदारी दी गई है। जबकि बबराला थाने के एसओ नितेश सहरावत को नरौली चौकी प्रभारी बनाया है। एसपी ने बताया कि उपनिरीक्षक शाह फैसल का हिंसा की कार्रवाई में महत्वपूर्ण रोल रहा है।

    खबरें और भी

    उन्होंने अपने बयान भी पूरी मजबूती के साथ रखे हैं। आरोपितों को पकड़ने में भी अच्छी भूमिका निभाई है। इसके अलावा नरौली चौकी प्रभारी रहते हुए भी उन्होंने सराहनीय कार्य किया है। उनके कार्यों का मूल्यांकन करने के बाद ही यह जिम्मेदारी दी गई है।

    यह भी पढ़ें- संभल के ऐतिहासिक वंश गोपाल तीर्थ की बदलेगी सूरत, ₹4.50 करोड़ के बजट से शुरू हुआ कायाकल्प