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    संभल का कायाकल्प: 1.18 करोड़ से संवर रहा प्राचीन 'यमतीर्थ', इस्कॉन ट्रस्ट ने मांगी देखरेख की जिम्मेदारी!

    Updated: Sat, 28 Mar 2026 08:10 PM (GMT+05:30)

    संभल के मुहल्ला हल्लू सराय स्थित प्राचीन यमतीर्थ का 1.18 करोड़ रुपये की लागत से वंदन योजना के तहत जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण अंतिम चरण में है। इस बीच, इ ...और पढ़ें

    संभल के हल्लू सराय में स्थित यम तीर्थ। जागरण

    संभल के हल्लू सराय में स्थित यम तीर्थ। जागरण

    HighLights

    1. मुहल्ला हल्लू सराय स्थित तीर्थ का 118.35 लाख से हो रहा सुंदरीकरण

    संवाद सहयोगी, संभल। नगर के मुहल्ला हल्लू सराय स्थित प्राचीन यमतीर्थ का वंदन योजना के तहत जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण हो रहा है। इस बीच इस्कान ट्रस्ट ने नगर पालिका को पत्र लिखकर तीर्थ की देखभाल का जिम्मा लेने की इच्छा जताई है। यमतीर्थ पर वंदन योजना के तहत 118.35 लाख रुपये से सुंदरीकरण व जीर्णोद्धार कार्य हो रहा है। तीन किश्तों में मिली धनराशि से तीर्थ परिसर में कई महत्वपूर्ण कार्य कराए जा रहे हैं। साथ ही यमराज का भव्य मंदिर भी आकार ले रहा है।

    सुंदरीकरण का कार्य अंतिम चरण में है। इस बीच इस्कान ट्रस्ट ने नगर पालिका को पत्र लिखकर तीर्थ की देखरेख और संचालन की जिम्मेदारी की मांग की है। अधिकारियों का मानना है कि इस्कान जैसे प्रतिष्ठित धार्मिक संगठन के जुड़ने से तीर्थ का बेहतर रखरखाव सुनिश्चित होगा और यहां धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ व्यवस्थाओं में भी सुधार आने की उम्मीद है।

    बता दें कि शास्त्रों में संभल में 68 प्राचीन तीर्थ और 19 कूपों का उल्लेख मिलता है। समय के साथ इन स्थलों की पहचान धुंधली पड़ गई और कई स्थानों पर अतिक्रमण भी हो गया था। अब प्रशासन इन सभी तीर्थों को फिर से खोजकर संरक्षित करने और विकसित कर रहा है।

    अधिकांश तीर्थों व 19 कूपों को सुरक्षित कर लिया गया है। यमतीर्थ, जिसे यमघंट के नाम से भी जाना जाता है, इन्हीं प्रमुख स्थलों में शामिल है। प्रशासन की योजना है कि इन सभी तीर्थों को एक धार्मिक पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित कर प्रदेश और देशभर के श्रद्धालुओं को आकर्षित किया जाए।

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    यहां बता दें कि इस्कान (इंटरनेशनल सोसाइटी फार कृष्णा कान्शियसनेस) एक धार्मिक और आध्यात्मिक संगठन है। इसका मुख्य उद्देश्य भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति, वैदिक संस्कृति और आध्यात्मिक जीवनशैली का प्रचार-प्रसार करना है। इस्कान ट्रस्ट दुनिया भर में 100 से अधिक देशों में सक्रिय है।

    लगभग 800 से ज्यादा मंदिरों, आश्रमों और सांस्कृतिक तीर्थ स्थलों का संचालन व देखभाल कर रहा है। इसके प्रमुख कार्यों में मंदिरों का निर्माण व रखरखाव, धार्मिक अनुष्ठान, भजन-कीर्तन, गीता प्रचार, आध्यात्मिक शिक्षा और समाजसेवा शामिल हैं।

     

    इस्कान ट्रस्ट के सदस्य यमतीर्थ पर दर्शन करने आते रहते हैं। ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने पत्र लिखकर इसकी देखरेख और संचालन की बात कही है। इस पर विचार किया जा रहा है। हालांकि शासन की वंदन योजना के तहत यमतीर्थ का जीर्णोद्धार और सुंदरीकरण अंतिम चरण में है।

    - डा. मणिभूषण तिवारी, ईओ, नगर पालिका परिषद, संभल


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